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IAF चीफ बोले: चीन की हर हरकत का जवाब देने को तैयार, LAC-LoC पर तैनात करेंगे S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम

Sun, 17 Jul 2022 10:12 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 17 Jul 2022 10:12 PM IST
सार

चौधरी ने कहा कि हम चीनी विमानों की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। इस दौरान, वार्ता से ठीक पहले भारत को भड़काने की चीनी वायु सेना की कोशिश के कारण पर उन्होंने कहा कि मैं किसी विशेष कारण की ओर इशारा नहीं कर सकता कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं, लेकिन हम इस पर नजर रख रहे हैं। 

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IAF fighter jets capable of responding to Chinese action on LAC
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीनी सीमा रेखा पर एक तरफ शांति बनाने के लिए दोनों देशों के बीच 16वें दौर की सैन्य स्तर की बातचीत जारी है। ऐसे में वायुसेना प्रमुख ने रविवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना चीन से निपटने की भी पूरी तैयारी कर रही है। एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने  कहा कि जब भी चीन की वायुसेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स ( PLAAF) के लड़ाकू विमान सीमा के करीब आते हैं, तो भारतीय वायु सेना तुरंत स्थिति से निपटने के लिए अपने लड़ाकू विमानों से जवाब देती है। इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि हमने S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चीन बॉर्डर पर तैनात किया जा रहा है। 

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चीनी विमानों की हर हरकत पर नजर
चौधरी ने कहा कि हम चीनी विमानों की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। इस दौरान, वार्ता से ठीक पहले भारत को भड़काने की चीनी वायु सेना की कोशिश के कारण पर उन्होंने कहा कि मैं किसी विशेष कारण की ओर इशारा नहीं कर सकता कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं, लेकिन हम इस पर नजर रख रहे हैं। 
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वायुसेना प्रमुख ने कहा कि जून 2020 में गलवान की घटना के बाद से हमने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में एलएसी के साथ अपने रडार तैनात करना शुरू कर दिया था। अब हमने इन सभी रडार को एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली के साथ जोड़ दिया है ताकि हम एलएसी के पार हवाई गतिविधि पर नजर रखने के लिए सक्षम हो सकें।
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मोबाइल निगरानी चौकियों की संख्या बढ़ाई
इस दौरान उन्होंने कहा कि वायु सेना ने उत्तरी सीमाओं पर सतह से हवा में और हवा से जमीन पर मार करने की क्षमता को भी बढ़ाया है और मोबाइल निगरानी चौकियों की संख्या भी बढ़ाई है। हमें वहां तैनात सेना और अन्य एजेंसियों से बहुत सारी जानकारी मिलती है।

स्वदेशीकरण से लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर 
इस दौरान उन्होंने स्वदेशीकरण के माध्यम से अपनी लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा भारतीय वायु सेना 114 मल्टीरोल फाइटर विमानों के साथ उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) और हल्के लड़ाकू विमान एमके -1 ए और एमके -2 को शामिल करना चाह रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल वायु सेना को मजबूत करेगा बल्कि नरेंद्र मोदी सरकार की आत्मानिर्भर भारत पहल के तहत  भारतीय विमानन उद्योग को भी भारी बढ़ावा देगा।

रूस की एस-400 वायु रक्षा प्रणाली को सेना में शामिल करने की समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही किया जाएगा। सभी डिलीवरी अगले साल के अंत तक पूरी हो जानी चाहिए। वायु सेना प्रमुख ने कहा कि वायुसेना चाहती है कि थिएटर कमांड की संरचनाएं भविष्य के लिए तैयार हों।  हमें आवश्यकताओं के मुताबिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को समय पर दोनों चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात किया जा रहा है। 

सेना प्रमुख मनोज पांडे तीन दिन की यात्रा के लिए बांग्लादेश रवाना
भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे रविवार को तीन दिवसीय यात्रा पर बांग्लादेश रवाना हो गए। इस दौरान द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। सेना प्रमुख का पद संभालने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। एक माह पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमेन भारत दौर पर आए थे। तब अपने संबंधों में विश्वास और सम्मान की सराहना की गई थी। बताया जा रहा है कि सेना प्रमुख बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के प्रमुख आमने-सामने बात करेंगे और देश के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा जरनल पांडे बांग्लादेश मुक्ति संग्राम शहीदों के स्मारक पर श्रद्धांजलि भी देंगे। अधिकारियों के अनुसार, वह बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ पीस स्पोर्ट एंड ट्रेनिंग ऑपरेशंस (बीआईपीएसओटी) के सदस्यों से भी मुलाकात कर सकते हैं। 


35 साल राष्ट्र की सेवा देने के बाद आईएनएस सिंधुध्वज रिटायर
देश की 35 साल तक सेवा करने के बाद आईएनएस सिंधुध्वज ने नौसेना को अलविदा कह दिया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में नौसेना की पूर्वी कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में पनडुब्बी के 15 पूर्व कमांडिंग अफसर शामिल रहे। इसके अलावा कमीशनिंग सीओ रहे कोमोडोर एसपी सिंह (सेवानिवृत्त) और उस समय के 26 क्रू सदस्य भी मौजूद रहे। इस पनडुब्बी के प्रतीक चिन्ह में ग्रे रंग की नर्स शार्क को दर्शाया गया है और इसके नाम का अर्थ है समुद्र (सिंधु) में ध्वज धारण करना। यह रूस द्वारा निर्मित सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बी है, जो भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता की यात्रा में शामिल रही है। पीएम मोदी द्वारा नवाचार के लिए सीएनएस रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित होने वाली यह एकमात्र पनडुब्बी थी। एजेंसी

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