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IAF: रात में भारतीय वायुसेना ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, घायल जवान को चार घंटे में लद्दाख से पहुंचाया दिल्ली
Fri, 12 Apr 2024 11:55 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 12 Apr 2024 11:55 AM IST
सार
शुक्रवार को भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी शेयर की। भारतीय वायुसेना ने पोस्ट में कहा कि एक मशीन चलाने के दौरान भारतीय सेना के एक जवान का हाथ कट गया। उसे बचाने के लिए छह से आठ घंटे का समय दिया गया था।
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घायल भारतीय जवान को बचाया गया
- फोटो : X/Indian Air Force
विस्तार
भारतीय सेना के एक जवान का हाथ मशीन चलाने के दौरान कट गया, जिसके बाद उन्हें रेस्क्यू कर रात में आईएएफ-सी 130 जे के जरिए लद्दाख से नई दिल्ली के अस्पलात में लाया गया। सेना के रिसर्च रेफेरल (आर एंड आर) अस्पताल में उनकी सर्जरी की गई और उनके कटे हुए हाथ को वापस जोड़ दिया गया।
चार घंटे में जवान को पहुंचाया गया लद्दाख से दिल्ली
सूत्रों ने बताया कि घटना बुधवार की है। उन्हें पहले लेह हवाई अड्डा पहुंचाया गया और फिर वहां से सुपर हर्क्यूल्स ने उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर पहुंचाया। लेह से दिल्ली तक पहुंचाने में चार घंटे का समय लगा। भारतीय सेना और वायुसेना के बीच के समन्वय के कारण ही उनका ऑपरेशन सही समय पर हो गया।
भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
शुक्रवार को भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी शेयर की। भारतीय वायुसेना ने पोस्ट में कहा, "मशीन चलाने के दौरान भारतीय सेना के एक जवान का हाथ कट गया। उसे बचाने के लिए छह से आठ घंटे का समय दिया गया था। आईएएफ-सी 130 जे को एक घंटे के भीतर तैयार किया गया और जवान को सही समय पर दिल्ली के आर एंड आर अस्पताल में भेजा गया।"
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भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि रात के समय सेना के जवान को एयरलिफ्ट किया गया। इस दौरान एनवीजी (नाईट विजन गोगल्स) का इस्तेमाल किया गया था। एक्स पर पोस्ट करते हुए वायुसेना ने कहा, "रात में एनवीजी पर लद्दाख से अंधेरी रात में एयरलिफ्ट के कारण घायल जवान को सही समय पर उचित चिकित्सा मिली। मेडिकल टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी की।" बता दें कि पिछले साल अप्रैल 2023 में संघर्षग्रस्त सूडान से सी 130 जे के जरिए कई लोगों को रेस्क्यू किया गया था।
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चार घंटे में जवान को पहुंचाया गया लद्दाख से दिल्ली
सूत्रों ने बताया कि घटना बुधवार की है। उन्हें पहले लेह हवाई अड्डा पहुंचाया गया और फिर वहां से सुपर हर्क्यूल्स ने उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर पहुंचाया। लेह से दिल्ली तक पहुंचाने में चार घंटे का समय लगा। भारतीय सेना और वायुसेना के बीच के समन्वय के कारण ही उनका ऑपरेशन सही समय पर हो गया।
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भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
शुक्रवार को भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी शेयर की। भारतीय वायुसेना ने पोस्ट में कहा, "मशीन चलाने के दौरान भारतीय सेना के एक जवान का हाथ कट गया। उसे बचाने के लिए छह से आठ घंटे का समय दिया गया था। आईएएफ-सी 130 जे को एक घंटे के भीतर तैयार किया गया और जवान को सही समय पर दिल्ली के आर एंड आर अस्पताल में भेजा गया।"
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भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि रात के समय सेना के जवान को एयरलिफ्ट किया गया। इस दौरान एनवीजी (नाईट विजन गोगल्स) का इस्तेमाल किया गया था। एक्स पर पोस्ट करते हुए वायुसेना ने कहा, "रात में एनवीजी पर लद्दाख से अंधेरी रात में एयरलिफ्ट के कारण घायल जवान को सही समय पर उचित चिकित्सा मिली। मेडिकल टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी की।" बता दें कि पिछले साल अप्रैल 2023 में संघर्षग्रस्त सूडान से सी 130 जे के जरिए कई लोगों को रेस्क्यू किया गया था।