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आरसीटीसी: आईएएफ घुड़दौड़ कप के विजेता रहे 'डुबई प्रिंसेस', ईएसी कप में 'कन्या काशी' ने मारी बाजी
Fri, 24 Jan 2025 11:52 PM IST
शिव शुक्ला
एन अर्जुन, अमर उजाला
एन अर्जुन, अमर उजाला
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 24 Jan 2025 11:52 PM IST
सार
कलकत्ता टर्फ क्लब की स्थापना 20 फरवरी 1847 को हुई थी। यह ब्रिटिश काल में भारत का प्रमुख घुड़दौड़ संगठन बन गया था और इसका उद्देश्य कलकत्ता में घुड़दौड़ के सभी पहलुओं को नियंत्रित करना था।
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वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ने किया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोलकाता के राजकीय कलकत्ता टर्फ क्लब (आरसीटीसी) मैदान में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) कप और ईस्टर्न एयर कमांड (ईएसी) कप का वार्षिक घुड़दौड़ का प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। दोनों प्रतियोगिताओं में विजेता टीम को वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ईएसी के एयर मार्शल सूरत सिंह ने सम्मानित किया। इस दौरान वायु सेना की बैंड ने सबका मन मोहा।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता विंग कमांडर हिमांशु तिवारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता को लेकर गुरुवार को आरसीटीसी मैदान में काफी गहमागहमी थी। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) कप और ईस्टर्न एयर कमांड (ईएसी) कप की घुड़दौड़ गुरुवार को राजकीय कलकत्ता टर्फ क्लब (आरसीटीसी) में आयोजित की गई। यह रेस हर साल नब्बे के दशक में अपनी स्थापना के बाद से आयोजित की जाती रही हैं।
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तिवारी ने बताया कि इस साल की रेस गुरुवार को आयोजित की गई। इस अवसर पर सेना, नौसेना और तट रक्षक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। आईएएफ की ओर से ट्रॉफी का वितरण वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ईएसी के एयर मार्शल सुरत सिंह ने किया।
इस वर्ष आईएएफ कप की विजेता 'डुबई प्रिंसेस' और जॉकी पी. ट्रेवर रहे, जबकि ईएसी कप 'कन्या काशी' और जॉकी एस. सकलैन ने जीता। इस आयोजन में वायु सेना बैंड की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उल्लेखनीय है कि कलकत्ता टर्फ क्लब की स्थापना 20 फरवरी 1847 को हुई थी। यह ब्रिटिश काल में भारत का प्रमुख घुड़दौड़ संगठन बन गया था और इसका उद्देश्य कलकत्ता में घुड़दौड़ के सभी पहलुओं को नियंत्रित करना था। 1912 में जब किंग जॉर्ज V ने रेस का दौरा किया, तो क्लब ने अपने नाम में 'राजकीय' शब्द जोड़ा और इस प्रकार यह राजकीय कलकत्ता टर्फ क्लब (आरसीटीसी) बन गया। आरसीटीसी कोलकाता में दो वार्षिक प्रतियोगिताएँ, अर्थात् आईएफ कप और ईएसी कप आयोजित की जाती हैं। यह कप 1996 में आईएएफ द्वारा स्थापित किए गए रोलिंग ट्रॉफी हैं।
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भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता विंग कमांडर हिमांशु तिवारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता को लेकर गुरुवार को आरसीटीसी मैदान में काफी गहमागहमी थी। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) कप और ईस्टर्न एयर कमांड (ईएसी) कप की घुड़दौड़ गुरुवार को राजकीय कलकत्ता टर्फ क्लब (आरसीटीसी) में आयोजित की गई। यह रेस हर साल नब्बे के दशक में अपनी स्थापना के बाद से आयोजित की जाती रही हैं।
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तिवारी ने बताया कि इस साल की रेस गुरुवार को आयोजित की गई। इस अवसर पर सेना, नौसेना और तट रक्षक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। आईएएफ की ओर से ट्रॉफी का वितरण वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ईएसी के एयर मार्शल सुरत सिंह ने किया।
इस वर्ष आईएएफ कप की विजेता 'डुबई प्रिंसेस' और जॉकी पी. ट्रेवर रहे, जबकि ईएसी कप 'कन्या काशी' और जॉकी एस. सकलैन ने जीता। इस आयोजन में वायु सेना बैंड की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उल्लेखनीय है कि कलकत्ता टर्फ क्लब की स्थापना 20 फरवरी 1847 को हुई थी। यह ब्रिटिश काल में भारत का प्रमुख घुड़दौड़ संगठन बन गया था और इसका उद्देश्य कलकत्ता में घुड़दौड़ के सभी पहलुओं को नियंत्रित करना था। 1912 में जब किंग जॉर्ज V ने रेस का दौरा किया, तो क्लब ने अपने नाम में 'राजकीय' शब्द जोड़ा और इस प्रकार यह राजकीय कलकत्ता टर्फ क्लब (आरसीटीसी) बन गया। आरसीटीसी कोलकाता में दो वार्षिक प्रतियोगिताएँ, अर्थात् आईएफ कप और ईएसी कप आयोजित की जाती हैं। यह कप 1996 में आईएएफ द्वारा स्थापित किए गए रोलिंग ट्रॉफी हैं।