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I.N.D.I alliance: चार राज्यों में सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर फंसा पेंच! गठबंधन की खींचतान में बन रहे ये समीकरण

Thu, 21 Dec 2023 07:08 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Thu, 21 Dec 2023 07:08 PM IST
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सार
सोमवार को हुई गठबंधन की बैठक में सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर जब चर्चा हुई, तो उसमें पंजाब, पश्चिम बंगाल और केरल समेत दिल्ली की भी बात हुई। सूत्रों की मानें तो यही वह चार राज्य हैं, जहां पर गठबंधन के बीच में तमाम आपसी तालमेल के दौरान 'फ्रेंडली फाइट' की भी गुंजाइश नजर आ रही है...
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I.N.D.I alliance: seat sharing formula Stuck in 4 states! chances of friendly fight in these states
I.N.D.I alliance - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

I.N.D.I गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर महज 10 दिन बाकी हैं। इन 10 दिनों में सीट बंटवारे का पूरा फॉर्मूला गठबंधन के बड़े नेताओं के पास पहुंच जाएगा। इसी बीच खबर यह भी आ रही है कि तीन महत्वपूर्ण राज्यों में गठबंधन के घटक दलों की आपस में ही 'फ्रेंडली फाइट' भी लोकसभा चुनाव में हो सकती है। पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में ऐसी फ्रेंडली फाइट की संभावना दिख रही है। हालांकि गठबंधन के नेताओं की ओर से इन राज्यों में आधिकारिक तौर पर घटक दलों के बीच की लड़ाई को लेकर कोई बयान तो नहीं आया है। सूत्रों की मानें तो इन राज्यों के नेताओं के बीच अगर ऐसी स्थिति बनती है, तो बगैर किसी मनमुटाव के 'फ्रेंडली फाइट' को लेकर भी सब कुछ तय हो चुका है।

सोमवार को हुई गठबंधन की बैठक में सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर जब चर्चा हुई, तो उसमें पंजाब, पश्चिम बंगाल और केरल समेत दिल्ली की भी बात हुई। सूत्रों की मानें तो यही वह चार राज्य हैं, जहां पर गठबंधन के बीच में तमाम आपसी तालमेल के दौरान 'फ्रेंडली फाइट' की भी गुंजाइश नजर आ रही है। दरअसल पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर शुरुआत से ही मतभेद चल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, इसलिए वह अपनी ज्यादा सीटों पर दावेदारी कर रही है। जबकि कांग्रेस अपनी मौजूदा सीटों को लेकर मजबूत दावेदारी में है। सियासी जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी को पंजाब में लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी को बड़ा फलक मिलने का अनुमान है। जबकि गठबंधन में सीटों के हिस्से में बड़े बंटवारे पर मामला फंस रहा है। यही वजह है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच में 'फ्रेंडली फाइट' की संभावनाएं बन रही हैं।

जबकि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के बीच में 'फ्रेंडली फाइट' की संभावनाएं नजर आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल में सीटों के बंटवारे पर चर्चा हुई है, लेकिन अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। ऐसे में एक गुंजाइश यह भी बन रही है कि वहां पर गठबंधन के सभी घटक दलों के प्रत्याशी मैदान में अपने-अपने दल के साथ उतरे और जीतने के बाद गठबंधन का हिस्सा बनें। हालांकि पश्चिम बंगाल में इस तरह से फ्रेंडली फाइट को लेकर घटक दलों के बीच में आम राय नहीं बनी है। कहा यह भी गया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला करने के लिए सीट शेयरिंग का फॉर्मूला हर हाल में तय होना चाहिए। कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि अगर गठबंधन के बैनर तले सीट शेयरिंग फॉर्मूले से ही पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ा जाता है, तो उसका बड़ा सियासी फायदा होगा।

इसी तरह दक्षिण के राज्य केरल में भी लेफ्ट और कांग्रेस के बीच में सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर फिलहाल शुरुआती दौर में बात बनती नजर नहीं आई है। सियासी जानकार भी मानते हैं कि केरल में लेफ्ट और कांग्रेस के बीच में मुकाबला हो सकता है। इसे गठबंधन फ्रेंडली फाइट का नाम देकर चुनावी समर में उतर सकता है। राजनीतिक विश्लेषण विष्णु शंकर कहते हैं कि फिलहाल तो शुरुआती दौर में इन तीन प्रमुख राज्यों के साथ दिल्ली में भी सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर थोड़ा मामला फंसा हुआ दिख रहा है। जिस तरह की परिस्थितियां सामने आ रही हैं, उससे एक बात स्पष्ट हो रही है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में गठबंधन के बीच में फ्रेंडली फाइट होने वाली है।

राजनैतिक विश्लेषक राजीव चंद्रा कहते कि इसमें पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच मुकाबला हो सकता है। जबकि दिल्ली में भी यही स्थिति आ सकती है। इसी तरह से केरल में लेफ्ट और कांग्रेस के बीच स्थिति बन सकती है। जबकि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और लेफ्ट के बीच में लड़ाई हो सकती है। हालांकि राजीव चंद्रा कहते हैं कि अगर इन चार राज्यों में सिर्फ दिल्ली ही एक ऐसा राज्य है, जहां पर बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। इसके पीछे उनका तर्क है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार जरूर है, लेकिन उनका कोई भी सांसद नहीं है। पिछले चुनाव में कांग्रेस सभी सीटों पर दूसरे नंबर पर थी। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच में इसी आधार पर सीट शेयरिंग का फॉर्मूला निकल सकता है।

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