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मुंबई हमलों के बाद मेरे पिता की मौत पर पहुंचे थे पाक पीएमः हेडली

Fri, 25 Mar 2016 12:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 25 Mar 2016 12:33 PM IST
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I hate India since childhood: David Headley
david headley

लश्कर के आतंकी रहे डेविड हेडली ने मुंबई कोर्ट में दिए अपने बयान में बताया कि वह बचपन से ही भारत से नफरत करता था और उससे बदला लेना चाहता था। इसी मंशा के साथ उसने आतंकी संगठन लश्कर ए तोएबा का दामन थामा। 

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उसने बताया कि जब वह छोटा था तो भारतीय प्लेन ने पाकिस्तान स्थित उसके स्कूल को बमों से उड़ा दिया था। जिसमें उसके स्कूल में काम करने वाले सभी लोग मारे गए थे। इसलिए बचपन से ही वह भारत का ज्यादा से ज्यादा नुकसान करना चाहता था। 
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मुंबई कोर्ट में वीडियो लिंक के जरिए चली लंबी सुनवाई के बाद हेडली के बयानों का क्रॉस एग्जामिनेशन कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तीसरे दिन उसने अपना बयान दर्ज कराया। उसकी आवाज में नफरत साफ नजर आ रही थी। उसने बताया कि जब वह 11 साल का था तब 7 दिसंबर 1971 को भारतीय जहाजों ने उसके स्कूल पर हमला किया। भारतीय जहाजों ने वहां जबरदस्त बमबारी की जिसमें वहां काम करने वाले सभी लोग मारे गए।
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हेडली जिस हमले की बात कर रहा था वह दिसंबर 1971 में हुआ भारत पाक युद्ध था। जिसमें पाकिस्तान को भारत के हाथों करारी हार मिली थी। 

एनआईए के दबाव में नहीं लिया इशरत जहां का नाम

I hate India since childhood: David Headley

जज के सामने जिस समय हेडली की गवाही चल रही थी उसने एक बार भी उस समय अपना धैर्य नहीं खोया, जब वकील ने उससे कई बार एक ही सवाल दोहराया। इंग्लिश में बोलते हुए उसने कहा मैं अपना धैर्य नहीं खोऊंगा, फिर उसने हिंदी में वकील को संबोधित करते हुए कहा हां मैं बहुत खराब इंसान हूं। मैंने मान लिया है, फिर मान लेता हूं। लेकिन मैं सोचता हूं कि मैं सरकारी गवाह हूं।

सरकारी वकील उज्जवल निकम ने हेडली के इस बयान पर आपत्ति जताई थी कि वह अपना धैर्य भी खो सकता है, और बचाव पक्ष के वकील को अपमा‌नित भी कर सकता है। 

बता दें कि 26/11 को मुंबई में हुए हमले के मामले में लश्कर के आतंकी को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। जिसमें उसे 35 सालों की सजा हुई है। उसे इस आधार पर मौत की सजा नहीं दी गई थी कि अगर वह लश्कर के साथ अपने संबंधों और उसकी साजिशों का खुलासा करके सरकारी गवाह बन जाए। 

वहीं अपनी एक गवाही में हेडली ने इस बात से भी इंकार किया कि इशरत जहां का नाम लश्कर आतंकी के तौर पर एनआईए ने उस पर दबाव बनाया। हेडली के अनुसार उन्होंने मुझसे इशरत के संबंध में सवाल पूछा था जिसका मैने जवाब दिया। हेडली ने कहा वो मुझे किसी का नाम लेने का सुझाव क्यों देंगे। उसने साफ किया कि, 'अमेरिका में राणा की सुनवाई के दौरान मैंने लश्कर की महिला आतंकी के बारे में कोई बयान नहीं दिया था क्योंकि मैं इस बारे में कुछ जानता भी नहीं था।'

बाल ठाकरे को अमेरिका बुलाना चाहता था हेडली

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वहीं इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार हेडली ने आज और कई खुलासे किए। उसने बताया कि उसके पिता की मौत के दौरान पाक के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी शोक जताने उसके घर पहुंचे थे। 

हेडली के पिता पाकिस्तान रेडिया के निदेशक पद से रिटायर हुए थे जिनकी 25 दिसंबर 2008 को मौत हो गई थी। उसने बताया कि मैंने अपने पिता को लश्कर के साथ अपने संबंधों के बारे में बता दिया था, उस समय उन्होंने इस पर आपत्ति भी जताई थी। 
 
वहीं अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आ रही है कि हेडली ने एक बार ‌शिवसेना के लिए फंड रेजिंग के लिए बाल ठाकरे को अमेरिका बुलाने की प्लानिंग भी की थी। हालांकि उसने इस बात से इंकार किया कि वह शिवसेना प्रमुख को मारना चाहता था।

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