हैदराबाद मुठभेड़: सुप्रीम कोर्ट मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश की करेगा नियुक्ति
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तेलंगाना पुलिस द्वारा किए गए हैदराबाद मुठभेड़ मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वह हैदराबाद मुठभेड़ की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की नियुक्ति करने का प्रस्ताव देता है। कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में आगे की सुनवाई गुरुवार को की जाएगी।
Supreme Court says it is aware that Telengana High Court is already seized of the matter, we will appoint former Supreme Court judge to inquire into the matter who will sit in Delhi and inquire into the incident. https://t.co/v6v9guY6Q5
— ANI (@ANI) December 11, 2019
कोर्ट का कहना है कि तेलंगाना उच्च न्यायालय पहले से ही इस मामले में संलिप्त है, इसलिए वह इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की नियुक्ति करेंगे, जो दिल्ली में रहकर ही घटना की जांच करेगा।
गौरतलब हो कि प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की शीघ्र सुनवाई करने के लिए वकील जी एस मणि के अनुरोध का संज्ञान लिया था। मणि ने कहा था कि इस मुठभेड़ में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच के लिए दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है।
एक अन्य अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने भी इसी तरह की याचिका दायर की थी। शर्मा की याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों की निगरानी में विशेष जांच दल की जांच की होनी चाहिए। याचिका में मणि और वकील प्रदीप कुमार यादव ने दावा किया है कि यह मुठभेड़ फर्जी थी और इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए।
13 दिसंबर तक सुरक्षित रखे जाएंगे शव
तेलंगाना हाईकोर्ट ने चारों आरोपियों के शवों को 13 दिसंबर तक सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट अगली सुनवाई 12 दिसंबर को करेगा।
तेलंगाना सरकार ने भी गठित की एसआईटी
उधर तेलंगाना सरकार ने एनकाउंटर की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी का नेतृत्व राचकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश एम भागवत कर रहे हैं। बता दें कि सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता दिशा के चार आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद से ही एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे थे।
बता दें कि शुक्रवार सुबह हैदराबाद के एनएच 44 पर पुलिस ने जांच के दौरान क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्ट करने के लिए आरोपी को अपराध स्थल पर लाया। यहां पर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए और पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।
पुलिस ने उन्हें चेतावनी देते हुए आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन वे गोलियां चलाते रहे। फिर पुलिस ने गोलाबारी की और चारों मुठभेड़ में मारे गए। मुठभेड़ के दौरान पुलिस के दो जवान घायल हो गए। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।