फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Husband of service voter woman officer can also get facility

सर्विस वोटर महिला अफसर के पति को भी मिल सकती है सुविधा

Wed, 19 Feb 2020 03:25 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 19 Feb 2020 03:25 AM IST
विज्ञापन
Husband of service voter woman officer can also get facility
चुनाव आयोग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

चुनाव सुधारों को लेकर निर्वाचन आयोग और कानून मंत्रालय की बैठक में नए मतदाताओं के लिए एक से अधिक बार सूची में नाम दर्ज कराने की सुविधा देने पर चर्चा हुई। इसके अलावा सर्विस वोटर में महिला अफसरों के साथ उनके पति को शामिल करने समेत चुनाव सुधार के 40 बिंदुओं पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में तय हुआ कि आयोग और कानून मंत्रालय नियमित बैठक कर चुनाव सुधारों को जल्द लागू करेंगे।

विज्ञापन


मंगलवार को हुई बैठक में विधि एवं न्याय विभाग के सचिव नारायण राजू शामिल हुए। इस दौरान कहीं पर भी वोट डालने का अधिकार, मतदाता पहचान पत्र आधार से लिंक करने, नए मतदाता को कई माध्यमों से पंजीयन का मौका देने और सर्विस वोटरों के लिए लैंगिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
विज्ञापन


सेना, अर्धसैनिक बल, राज्य के बाहर तैनात पुलिस और सशस्त्र बल तथा भारत सरकार के ऐसे कर्मचारी जो किसी दूसरे देश में पदस्थ हों वे सर्विस वोटर के रूप में पंजीकरण करवा सकते हैं। फिलहाल सर्विस वोटर की पत्नी को ही सेवा मतदाता के रूप में पंजीकृत किया जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एक जनवरी है कटऑफ डेट

फिलहाल हर साल पहली जनवरी को 18 साल की उम्र पूरी कर रहे लोग ही मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। अब इस कटऑफ डेट की बाध्यता हटाने और सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए एक से अधिक मौके देने पर विस्तृत चर्चा हुई। आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए 2010 से ही ई-वोटिंग के विकल्प पर काम कर रहा है।

इससे कोई व्यक्ति कहीं से भी अपने निर्वाचन क्षेत्र में वोट कर सकेगा। दरअसल, देश में लगभग 45 करोड़ लोग प्रवासी हैं। जो आजीविका के लिए मूल निवास की जगह अन्य राज्यों में रहते हैं। ई-वोटिंग से उन्हें मताधिकार की सुविधा मिल जाएगी।

इन सुधारों को लागू करने के लिए आयोग लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहा है, क्योंकि इसके लिए जनप्रतिनिधि कानून-1951 में बदलाव करना होगा।  विधि सचिव ने आयोग को आश्वासन दिया कि जल्द ही सुधारों को लेकर फैसला होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed