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Karnataka: कांग्रेस पार्षद की बेटी की हत्या का मामला CID को सौंपा जाएगा, सीएम बोले- विशेष अदालत का भी होगा गठन
Mon, 22 Apr 2024 03:30 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 22 Apr 2024 03:30 PM IST
सार
मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि वह अभी तक मृतक (नेहा) के परिवार से मिलने नहीं गए हैं। जिला के प्रभारी मंत्री और पार्टी कार्यकर्ताओं ने परिजनों से मुलाकात की। कानून मंत्री एचके पाटिल भी मुलाकात करने जाएंगे।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक के हुबली में कांग्रेस पार्षद की बेटी की हत्या के मामले को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौपने का फैसला किया है। सीएम सिद्धारमैया ने बताया कि इस मामले को जल्द सुलझाने के लिए एक विशेष अदालत का भी गठन किया जाएगा। हुबली-धारवाड़ नगर निगम के कांग्रेस पार्षद निरंजन हिरेमथ की बेटी नेहा हिरेमथ की गुरुवार को बीवीबी कॉलेज के परिसर में हत्या कर दी गई थी। आरोपी फैयाज हत्या के बाद से फरार था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मृतक नेहा मास्टर्स ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
सीएम सिद्धारमैया ने कहा, "हमने इस मामले को अपराध जांच विभाग को सौंपने का फैसला किया है। इसके लिए हम एक विशेष अदालत का भी गठन करेंगे। तय समयसीमा में चार्जशीट दाखिल करना होगा और मामले को भी निपटाना होगा, इसलिए विशेष अदालत का गठन किया जाएगा। नेहा के पिता ने चार और संदिग्धों के शामिल होने की बात कही है, मैंने इसकी भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।"
मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने कहा, "मैं अभी तक उसके (नेहा) परिवार से मिलने नहीं जा पाया हूं। हमारे जिला के प्रभारी मंत्री और पार्टी कार्यकर्ताओं ने परिजनों से मुलाकात की। कानून मंत्री एचके पाटिल भी मुलाकात करने जाएंगे। मैं जब हुबली जाऊंगा, तो मैं उनसे जरूर मिलूंगा।"
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भाजपा से जुड़े छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन
बता दें कि राज्य में यह मामला अब सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच खींचतान में बदल गया है। जहां एक तरफ कांग्रेस ने इस हत्या को आपसी मामला बताया। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा ने इसे लव जिहाद बताया है। भाजपा से जुड़े छात्र संगठन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अन्य संगठन राज्य में प्रदर्शन कर न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस बीच सीएम सिद्धारमैया ने दावा किया है कि कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से अपराध के मामलों में कमी आई है। उन्होंने बताया कि 2023 में (कांग्रेस के शासन में) अपराध के 1,295 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 से 2022 तक इन चार वर्षों में (भाजपा के शासन में) क्रमशः 1300, 1318, 1342 और 1370 मामले दर्ज किए गए थे।
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सीएम सिद्धारमैया ने कहा, "हमने इस मामले को अपराध जांच विभाग को सौंपने का फैसला किया है। इसके लिए हम एक विशेष अदालत का भी गठन करेंगे। तय समयसीमा में चार्जशीट दाखिल करना होगा और मामले को भी निपटाना होगा, इसलिए विशेष अदालत का गठन किया जाएगा। नेहा के पिता ने चार और संदिग्धों के शामिल होने की बात कही है, मैंने इसकी भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।"
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मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने कहा, "मैं अभी तक उसके (नेहा) परिवार से मिलने नहीं जा पाया हूं। हमारे जिला के प्रभारी मंत्री और पार्टी कार्यकर्ताओं ने परिजनों से मुलाकात की। कानून मंत्री एचके पाटिल भी मुलाकात करने जाएंगे। मैं जब हुबली जाऊंगा, तो मैं उनसे जरूर मिलूंगा।"
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भाजपा से जुड़े छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन
बता दें कि राज्य में यह मामला अब सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच खींचतान में बदल गया है। जहां एक तरफ कांग्रेस ने इस हत्या को आपसी मामला बताया। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा ने इसे लव जिहाद बताया है। भाजपा से जुड़े छात्र संगठन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अन्य संगठन राज्य में प्रदर्शन कर न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस बीच सीएम सिद्धारमैया ने दावा किया है कि कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से अपराध के मामलों में कमी आई है। उन्होंने बताया कि 2023 में (कांग्रेस के शासन में) अपराध के 1,295 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 से 2022 तक इन चार वर्षों में (भाजपा के शासन में) क्रमशः 1300, 1318, 1342 और 1370 मामले दर्ज किए गए थे।