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कर्नाटक के हासन जिले में जमीन में दबा मिला होयसल कालीन जैन मंदिर
Wed, 10 Feb 2021 06:21 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Wed, 10 Feb 2021 06:21 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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कर्नाटक के हासन जिले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग को होयसल काल के प्राचीन जैन मंदिर का पता लगा है। विभाग को हासन जिले के हलेबीडु में होयसल काल से संबंधित एक जैन मंदिर के महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं। भगवान शांतिनाथ मंदिर के पास हो रही खोदाई में 12वीं से 14वीं शताब्दी के समय की कुछ दिलचस्प जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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इस संबंध में एएसआई के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि संभवत: यह जैन मंदिर है, यह प्राचीन ढांचा विशाल मंच पर बना है जिस पर जटिल कलाकृतियां उकेरी गई हैं जो होयसल काल की विशेषता रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मंदिर बेलुर तालुका के हलेबिदू के पास शांतिनाथ बसाडी में मिला है।
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अधिकारी ने कहा कि यह खोज महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि होयसल शासकों ने जैन धर्म को भी आश्रय दिया। उन्होंने बताया कि एएसआई के क्षेत्रीय निदेशक (दक्षिण क्षेत्र) डॉ. जी माहेश्वरी के नेतृत्व में एएसआई विभाग की टीम ने 20 जनवरी को उत्खनन का काम शुरू किया था।
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बेंगलुरु परिक्षेत्र में एएसआई के पुरातत्व अधीक्षक शिवकांत बाजपेयी ने कहा, ‘‘टीला 30 मीटर गुना 20 मीटर है। हमनें मंदिर के निचले हिस्से की खुदाई की है और कई कलाकृतियां एवं मूर्तियां वहां से मिली हैं। यह जैन मंदिर लग रहा है। यह महज शुरुआत है और नजदीक में कुछ बड़े मंदिर भी हो सकते हैं।’’ उन्होंने अंदेशा जताया कि खुदाई में कुछ और महत्वपूर्ण अवशेष भी मिल सकते हैं।
मंदिर के अवशेषों को उजागर करने के अलावा एएसआई टीम ने एक जैन उपासक की मूर्ति भी बरामद की है। उन्होंने कहा कि यह मूर्ति होयसल काल के क्लासिक मूर्तिकला का नमूना है और यह 2 फीट ऊंची है। उल्लेखनीय है कि होयसल राजवंश ने 12वीं से 14वीं शताब्दी तक इस इलाके पर राज किया था और उस समय के सभी संप्रदायों को सरंक्षण प्रदान किया था।