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माल्या के प्रत्यर्पण के खर्च से उसका अभियोजन कैसे बाधित होगा : सीआईसी ने सीबीआई से पूछा
Sun, 01 Sep 2019 04:11 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Sun, 01 Sep 2019 04:11 PM IST
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विजय माल्या
- फोटो : File Photo
केंद्रीय सूचना आयोग ने सीबीआई को निर्देश देकर कहा कि वह यह बताए कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर आने वाले खर्च की जानकारी देने से कैसे उसकी लंबित हिरासत और अभियोजन बाधित होगा। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत माल्या के ब्रिटेन से प्रत्यर्पण पर आने वाले कानूनी और अन्य खर्चों की जानकारी देने से इनकार कर दिया था।
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माल्या 2015 में अपने खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर की धाराओं को हल्का किए जाने के बाद 2016 में ब्रिटेन भाग गया था। माल्या ने ब्रिटेन से अपने प्रत्यर्पण को वहां की अदालत में चुनौती दे रखी है। अपने आरटीआई आवेदन के तहत पुणे स्थित कार्यकार्ता विहार धुर्वे ने सीबीआई से छह बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी जिनमें कुल कानून खर्च और परामर्श शुल्क (भारत और विदेश में), कुल यात्रा खर्च, माल्या के प्रत्यर्पण के लिए सरकार द्वारा जिन वकीलों को फीस अदा की गई उनका नाम शामिल था।
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एजेंसी ने आरटीआई अधिनियम की धारा 24 और धारा 8(1)एच के तहत मिली छूट का हवाला देते हुए जवाब देने से बचने की कोशिश की। धारा 24 के तहत दूसरी अनुसूची में शामिल सुरक्षा और खुफिया संगठनों को आरटीआई अधिनियम के तहत छूट दी गई है। हालांकि इस धारा के प्रावधान कहते हैं कि भ्रष्टाचार के "आरोपों" और मानवाधिकार के उल्लंघन से जुड़े मामलों में खुलासे पर फैसला आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर किया जाएगा।
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