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Railway: रेल टिकट कैंसिल करने पर रेलवे की कितनी कमाई होती है? सरकार ने कहा- जोनवार आंकड़े ही नहीं रखे जाते
Mon, 27 Jul 2026 07:42 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Mon, 27 Jul 2026 07:42 PM IST
सार
How Much Railways earn From Ticket Cancellations: रेल टिकट रद्द कराने और वेटिंग टिकट अपने आप रद्द होने से रेलवे को कितनी कमाई होती है? यह सवाल लंबे समय से उठता रहा है। अब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया है कि भारतीय रेलवे टिकट रद्द होने और बिना रद्द किए वेटिंग टिकट से मिलने वाली आय का जोनवार रिकॉर्ड अलग से नहीं रखता। आखिर टिकट रद्द करने के नियम क्या हैं और कब कितना पैसा वापस मिलता है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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रेल मंत्री ने टिकट रद्द को लेकर क्या जानकारी दी?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारतीय रेलवे टिकट रद्द होने से कितनी कमाई करता है, इसका जोनवार हिसाब रेलवे के पास उपलब्ध नहीं है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि भारतीय रेलवे टिकट रद्द कराने और बिना रद्द किए वेटिंग टिकट के किराये की जब्ती से होने वाली आय का अलग-अलग जोन के हिसाब से रिकॉर्ड नहीं रखता। उन्होंने यह जानकारी कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे के सवाल के जवाब में दी। सांसद ने पिछले तीन वर्षों में टिकट रद्द करने के शुल्क और बिना रद्द किए वेटिंग टिकट के किराये से हुई आय का जोनवार विवरण मांगा था।
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रेल मंत्री ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे टिकट रद्द करने और बिना रद्द किए वेटिंग टिकट के किराये से होने वाली आय का जोनवार अलग रिकॉर्ड नहीं रखता। इसलिए पिछले वर्षों में अलग-अलग रेलवे जोनों को इस मद से कितनी आय हुई, इसका विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। हालांकि, टिकट रद्द करने से जुड़े नियम और शुल्क यात्रियों के लिए पहले से तय हैं और अलग-अलग ट्रेनों के अनुसार लागू होते हैं।
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रेल मंत्री ने राज्यसभा में क्या जानकारी दी?
अश्विनी वैष्णव ने अपने जवाब में कहा कि रेलवे के पास टिकट रद्द करने से होने वाली आय का जोनवार अलग रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर बताया कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए टिकट रद्द करने के नियम अन्य ट्रेनों से अलग हैं। उन्होंने सामान्य ट्रेनों और इन विशेष ट्रेनों के टिकट रद्द करने के नियमों का पूरा विवरण भी सदन में रखा।
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सामान्य ट्रेनों में टिकट रद्द करने के क्या नियम?
रेल मंत्री के अनुसार, यदि कन्फर्म टिकट ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से 48 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो प्रथम एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए 240 रुपये, द्वितीय एसी और प्रथम श्रेणी के लिए 200 रुपये, तृतीय एसी, एसी चेयर कार और 3ए इकोनॉमी के लिए 180 रुपये, स्लीपर क्लास के लिए 120 रुपये तथा आरक्षित द्वितीय श्रेणी के लिए 60 रुपये काटे जाते हैं। यदि टिकट 48 घंटे से 12 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो न्यूनतम निर्धारित शुल्क के अधीन 25 प्रतिशत किराया जब्त किया जाता है। ट्रेन छूटने से 12 घंटे से 4 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर 50 प्रतिशत किराया काट लिया जाता है। वहीं, ट्रेन छूटने से चार घंटे से कम समय पहले कन्फर्म टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलता। वेटिंग या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक रद्द किए जा सकते हैं, जिसमें 60 रुपये क्लर्केज शुल्क काटा जाता है।वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए क्या अलग व्यवस्था?
रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में कन्फर्म टिकट रद्द करने के लिए अलग नियम लागू हैं। यदि टिकट ट्रेन रवाना होने से कम से कम 72 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो 25 प्रतिशत किराया काटा जाता है। 72 घंटे से लेकर आठ घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर 50 प्रतिशत किराया जब्त हो जाता है। यदि ट्रेन छूटने से आठ घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द किया जाता है तो कोई रिफंड नहीं दिया जाता। हालांकि, इन ट्रेनों में वेटिंग और आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों के रद्द करने के समय और शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।अलग नियम बनाने की वजह क्या बताई गई?
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और नई अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए अलग रिफंड नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि गलत तरीके से बड़ी संख्या में टिकट बुक करने और बाद में उन्हें रद्द करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि इससे ऐसे लोगों को हतोत्साहित करने में मदद मिलेगी, जो टिकटों की सट्टेबाजी जैसी गतिविधियां करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नई अमृत भारत एक्सप्रेस की कुछ दूरी वाली स्लीपर श्रेणी की टिकटों के लिए न्यूनतम रद्दीकरण शुल्क अन्य ट्रेनों की तुलना में कम किया गया है।| श्रेणी | नियम |
|---|---|
| सामान्य ट्रेन | 48 घंटे पहले तक तय शुल्क, 48-12 घंटे में 25% किराया जब्त, 12-4 घंटे में 50% किराया जब्त, चार घंटे से कम समय पर रिफंड नहीं |
| वेटिंग/आंशिक कन्फर्म टिकट | ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक रद्द, 60 रुपये क्लर्केज शुल्क |
| वंदे भारत स्लीपर/अमृत भारत | 72 घंटे पहले 25% किराया जब्त, 72-8 घंटे पहले 50% किराया जब्त, 8 घंटे से कम समय पर रिफंड नहीं |
रेल मंत्री ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे टिकट रद्द करने और बिना रद्द किए वेटिंग टिकट के किराये से होने वाली आय का जोनवार अलग रिकॉर्ड नहीं रखता। इसलिए पिछले वर्षों में अलग-अलग रेलवे जोनों को इस मद से कितनी आय हुई, इसका विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। हालांकि, टिकट रद्द करने से जुड़े नियम और शुल्क यात्रियों के लिए पहले से तय हैं और अलग-अलग ट्रेनों के अनुसार लागू होते हैं।