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आबकारी विभाग के अजीबोगरीब फरमान से होटल उद्योग हैरान, 15 फीसदी छूट के लिए रखी शर्त
Thu, 16 Apr 2020 11:36 PM IST
श्रीधर मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Thu, 16 Apr 2020 11:36 PM IST
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कोरोना प्रकोप के बीच महाराष्ट्र में आबकारी विभाग ने अजीबोगरीब फरमान जारी कर होटल व रेस्टोरेंट उद्योग को संकट में डाल दिया है। विभाग ने आदेश जारी किया है कि बार लाइसेंस के नवीनीकरण शुल्क में की गई 15 प्रतिशत की वृद्धि से तभी छूट मिल सकेगी जब वे 30 अप्रैल तक इसका भुगतान कर देंगे। कोरोना के चलते लॉकडाउन की स्थिति में होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (एचआरएडब्ल्यूआई) ने इस सरकार के इस रवैये का विरोध किया है।
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महाराष्ट्र सरकार ने इस साल मार्च में आबकारी विभाग ने लाईसेंस नवीनीकरण फीस में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। एचआरएडब्ल्यूआई के अलावा नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन, इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी इस परिपत्र का विरोध किया है। इस मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा गया है। पत्र में आग्रह किया गया है कि साल 2020-2021 के बार लाइसेंस के नवीनीकरणकरण के शुल्क के संबंध में राज्य के आबकारी विभाग की ओर से 13 अप्रैल 2020 को जारी किए गए परिपत्र को वापस लिया जाए।
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संरक्षण दे केंद्र व राज्य सरकार- कोहली
एचआरएडब्ल्यूआई के अध्यक्ष गुरुबख्श सिंह कोहली ने कहा कि कोरोना के प्रकोप के चलते घोषित लॉकडाउन से होटल उद्योग पूरी तरह से ठह हो गया है। मौजूदा समय में होटल उद्योग बड़े संकट से जूझ रहा है। फिर भी अपने कर्मचारियों की नौकरी को बचाए हुए है। इसके साथ ही रोजाना गरीब तबके के लोगों को मुफ्त भोजन भी उपलब्ध करा रहे है। होटलों को स्वास्थ्य सेवा के लिए भी दिया जा रहा है। जबकि आय पूरी तरह से बंद है। ऐसी परिस्थिति में लाइसेंस के नवीनीकरणकरण का बढ़ा हुआ शुल्क वसूल करना कोरोना जैसे भीषण संकट के बीच होटल उद्योग को दंडित करने जैसा है। हमारी केंद्र व राज्य सरकार से मांग है कि वह हॉस्पिटैलिटी जगत को सरंक्षण प्रदान करे। हमारा महाराष्ट्र सरकार से आग्रह है कि वह अपना 13 अप्रैल 2020 के परिपत्र को वापस ले।
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