{"_id":"65649dfa824437ad1e0a29d1","slug":"hot-seats-in-telangana-legislative-assembly-election-2023-2023-11-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तेलंगाना की हॉट सीटों का हाल: पूर्व क्रिकेटर से लेकर पूर्व पायलट तक मैदान में, KCR परिवार की भी प्रतिष्ठा दांव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तेलंगाना की हॉट सीटों का हाल: पूर्व क्रिकेटर से लेकर पूर्व पायलट तक मैदान में, KCR परिवार की भी प्रतिष्ठा दांव
Thu, 30 Nov 2023 07:35 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 30 Nov 2023 07:35 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
तेलंगाना की 119 सदस्यीय विधानसभा के लिए आज मतदान हो रहा है। तीन करोड़ से ज्यादा मतदाता चुनाव में उतरे 2,290 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। वैसे तो सभी सीटें अपने आप में खास है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा राज्य की हॉट सीटों की है। इन सीटों में मुख्यमंत्री और पूर्व क्रिकेटर से लेकर चुनाव लड़ रहे लोकसभा सांसदों की सीटें भी शामिल हैं।ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं प्रदेश की 10 हॉट सीटों के बारे में...। इन सीटों पर प्रमुख चेहरा कौन है? सीट चर्चा में क्यों? यहां पिछले तीन चुनाव में क्या नतीजे रहे हैं? आइये जनते हैं सब कुछ...
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
1. गजवेल
सिद्दीपेट जिले में पड़ने वाली गजवेल विधानसभा सीट राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव बीआरएस के उम्मीदवार हैं। वहीं भाजपा ने इस सीट से कभी केसीआर के करीबी रहे एतला रजिंदर को चुनाव मैदान में उतारा है। वर्तमान में रजिंदर हुजूराबाद सीट से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने 2014 से 2018 तक तेलंगाना के पहले वित्त मंत्री और 2019 से 2021 तक तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य किया। रजिंदर 2021 में बीआरएस छोड़कर भाजपा के साथ आ गए।
गजवेल सीट पर पिछला चुनाव बीआरएस की तरफ से मुख्यमंत्री राव ने जीता था। उन्होंने कांग्रेस के वंतेरू प्रताप रेड्डी को 58,290 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी।
सिद्दीपेट जिले में पड़ने वाली गजवेल विधानसभा सीट राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव बीआरएस के उम्मीदवार हैं। वहीं भाजपा ने इस सीट से कभी केसीआर के करीबी रहे एतला रजिंदर को चुनाव मैदान में उतारा है। वर्तमान में रजिंदर हुजूराबाद सीट से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने 2014 से 2018 तक तेलंगाना के पहले वित्त मंत्री और 2019 से 2021 तक तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य किया। रजिंदर 2021 में बीआरएस छोड़कर भाजपा के साथ आ गए।
गजवेल सीट पर पिछला चुनाव बीआरएस की तरफ से मुख्यमंत्री राव ने जीता था। उन्होंने कांग्रेस के वंतेरू प्रताप रेड्डी को 58,290 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
2. कामारेड्डी
मुख्यमंत्री केसीआर गजवेल के अलावा कामारेड्डी सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं। यहां सीएम का मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार ए. रेवंत रेड्डी से है। रेड्डी फिलहाल तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह मल्काजगिरि लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद भी हैं। वहीं भाजपा ने निजामाबाद जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष के. वेंकट रमण रेड्डी को टिकट दिया है।
2018 में कामारेड्डी सीट का परिणाम बीआरएस के पक्ष में आया था। यहां पार्टी के उम्मीदवार गम्पा गोवर्धन ने कांग्रेस के मो. अली शब्बीर को 4,557 वोटों के अंतर से पराजित किया था।
मुख्यमंत्री केसीआर गजवेल के अलावा कामारेड्डी सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं। यहां सीएम का मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार ए. रेवंत रेड्डी से है। रेड्डी फिलहाल तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह मल्काजगिरि लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद भी हैं। वहीं भाजपा ने निजामाबाद जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष के. वेंकट रमण रेड्डी को टिकट दिया है।
2018 में कामारेड्डी सीट का परिणाम बीआरएस के पक्ष में आया था। यहां पार्टी के उम्मीदवार गम्पा गोवर्धन ने कांग्रेस के मो. अली शब्बीर को 4,557 वोटों के अंतर से पराजित किया था।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
3. जुबली हिल्स
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद मोहम्मद अजहरुद्दीन की दावेदारी से हैदराबाद जिले की जुबली हिल्स सीट भी इस बार काफी चर्चा में है। 99 टेस्ट मैच और 334 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले अजहरुद्दीन 2009 में राजनीति में आए थे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद 2009 में वह उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट से सांसद चुनकर आए थे। कांग्रेस ने पूर्व क्रिकेटर को 2018 में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले अजहरुद्दीन इस बार जुबली हिल्स से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। सत्ताधारी बीआरएस ने मौजूदा विधायक मगंती गोपीनाथ को यहां अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं भाजपा ने लंकाला दीपक रेड्डी को अपना प्रत्याशी बनाया है।
2018 में इस सीट से बीआरएस की तरफ से मगंती गोपीनाथ विजयी हुए थे। गोपीनाथ कांग्रेस के पी. विष्णुवर्धन रेड्डी के खिलाफ 16,004 मतों से चुनाव जीते थे।
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद मोहम्मद अजहरुद्दीन की दावेदारी से हैदराबाद जिले की जुबली हिल्स सीट भी इस बार काफी चर्चा में है। 99 टेस्ट मैच और 334 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले अजहरुद्दीन 2009 में राजनीति में आए थे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद 2009 में वह उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट से सांसद चुनकर आए थे। कांग्रेस ने पूर्व क्रिकेटर को 2018 में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले अजहरुद्दीन इस बार जुबली हिल्स से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। सत्ताधारी बीआरएस ने मौजूदा विधायक मगंती गोपीनाथ को यहां अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं भाजपा ने लंकाला दीपक रेड्डी को अपना प्रत्याशी बनाया है।
2018 में इस सीट से बीआरएस की तरफ से मगंती गोपीनाथ विजयी हुए थे। गोपीनाथ कांग्रेस के पी. विष्णुवर्धन रेड्डी के खिलाफ 16,004 मतों से चुनाव जीते थे।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
4. चंद्रयानगुट्टा
तेलंगाना की हॉट सीटों में चंद्रयानगुट्टा भी शामिल है। हैदराबाद जिले में आने वाली इस सीट से असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी चुनाव लड़ रहे हैं। अकबरुद्दीन ओवैसी इस सीट से एआईएमआईएम के मौजूदा विधायक हैं। तेलंगाना के गठन होने से पहले भी वो इसी सीट से चुनाव जीतते रहे हैं। इस बार उनका मुकाबला भाजपा के कोदी महेंदर और कांग्रेस के बी. नागेश से है।
पिछले चुनाव में यहां अकबरुद्दीन औवेसी ही विजेता रहे थे। उन्होंने भाजपा की ओर से उतरी शहजादी सय्यद को 80,263 मतों के भारी अंतर से हराकर चुनाव में जीत हासिल की थी।
तेलंगाना की हॉट सीटों में चंद्रयानगुट्टा भी शामिल है। हैदराबाद जिले में आने वाली इस सीट से असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी चुनाव लड़ रहे हैं। अकबरुद्दीन ओवैसी इस सीट से एआईएमआईएम के मौजूदा विधायक हैं। तेलंगाना के गठन होने से पहले भी वो इसी सीट से चुनाव जीतते रहे हैं। इस बार उनका मुकाबला भाजपा के कोदी महेंदर और कांग्रेस के बी. नागेश से है।
पिछले चुनाव में यहां अकबरुद्दीन औवेसी ही विजेता रहे थे। उन्होंने भाजपा की ओर से उतरी शहजादी सय्यद को 80,263 मतों के भारी अंतर से हराकर चुनाव में जीत हासिल की थी।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
5. करीमनगर
करीमनगर जिले की करीमनगर विधानसभा सीट भाजपा नेता बी. संजय कुमार की दावेदारी से सुर्खियों में है। संजय 2005 से 2019 तक करीमनगर में नगर निगम के पार्षद के पद पर थे। इसके बाद 2019 में वह करीमनगर लोकसभा सीट से भाजपा के सांसद चुने गए। बी. संजय कुमार को 2014 और 2018 में भाजपा ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने दोनों ही बार करीमनगर सीट से चुनाव लड़ा और हार गए।
इस बार करीमनगर सीट पर उनका मुकाबला केसीआर कैबिनेट में उपभोक्ता मामले, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गंगुला कमलाकर से है। वहीं कांग्रेस ने पुरुमल्ला श्रीनिवास को यहां अपना उम्मीदवार बनाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां बीआरएस के उम्मीदवार गंगुला कमलाकर की जीत हुई थी। कमलाकर ने बी. संजय कुमार को 14,974 वोटों के अंतर से हराया था।
करीमनगर जिले की करीमनगर विधानसभा सीट भाजपा नेता बी. संजय कुमार की दावेदारी से सुर्खियों में है। संजय 2005 से 2019 तक करीमनगर में नगर निगम के पार्षद के पद पर थे। इसके बाद 2019 में वह करीमनगर लोकसभा सीट से भाजपा के सांसद चुने गए। बी. संजय कुमार को 2014 और 2018 में भाजपा ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने दोनों ही बार करीमनगर सीट से चुनाव लड़ा और हार गए।
इस बार करीमनगर सीट पर उनका मुकाबला केसीआर कैबिनेट में उपभोक्ता मामले, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गंगुला कमलाकर से है। वहीं कांग्रेस ने पुरुमल्ला श्रीनिवास को यहां अपना उम्मीदवार बनाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां बीआरएस के उम्मीदवार गंगुला कमलाकर की जीत हुई थी। कमलाकर ने बी. संजय कुमार को 14,974 वोटों के अंतर से हराया था।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
6. सिरसिला
मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे के.टी. रामाराव सिरसिला सीट से बीआरएस के उम्मीदवार हैं। तेलंगाना सरकार में सीएम के बाद केटीआर दूसरे सबसे बड़े चेहरे हैं। उनके पास नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास, उद्योग और वाणिज्य और सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार जैसे अहम मंत्रालय हैं। इसके अलावा सिरसिला विधायक केटीआर भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।
इस चुनाव में सीएम के बेटे का मुकाबला कांग्रेस के के.के. महेंदर रेड्डी और भाजपा की रानी रुद्रमा रेड्डी से है। पेशे से वकील महेंदर रेड्डी चौथी बार केटीआर के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। वहीं पेशे से पत्रकार रहीं और अब पार्टी के प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहीं रानी रुद्रमा रेड्डी भाजपा की उम्मीदवार हैं।
2018 में केटीआर ने कांग्रेस की ओर से उतरे महेंदर रेड्डी के खिलाफ 89,009 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से सीट जीती थी।
मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे के.टी. रामाराव सिरसिला सीट से बीआरएस के उम्मीदवार हैं। तेलंगाना सरकार में सीएम के बाद केटीआर दूसरे सबसे बड़े चेहरे हैं। उनके पास नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास, उद्योग और वाणिज्य और सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार जैसे अहम मंत्रालय हैं। इसके अलावा सिरसिला विधायक केटीआर भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।
इस चुनाव में सीएम के बेटे का मुकाबला कांग्रेस के के.के. महेंदर रेड्डी और भाजपा की रानी रुद्रमा रेड्डी से है। पेशे से वकील महेंदर रेड्डी चौथी बार केटीआर के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। वहीं पेशे से पत्रकार रहीं और अब पार्टी के प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहीं रानी रुद्रमा रेड्डी भाजपा की उम्मीदवार हैं।
2018 में केटीआर ने कांग्रेस की ओर से उतरे महेंदर रेड्डी के खिलाफ 89,009 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से सीट जीती थी।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
7. सिद्दिपेट
केसीआर परिवार की दावेदारी से सिद्दिपेट सीट भी चर्चा में है। यहां बीआरएस के टिकट पर हरीश राव चुनाव लड़ रहे हैं। रिश्ते में हरीश राव मुख्यमंत्री केसीआर के भतीजे लगते हैं। राज्य सरकार में वित्त और स्वास्थ्य जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हरीश कैबिनेट के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं।
इस बार विधानसभा के रण में हरीश राव का मुकाबला भाजपा के डूडी श्रीकांत रेड्डी और कांग्रेस के पुजाला हरिकृष्ण से है। श्रीकांत रेड्डी भाजयुमो में प्रदेश महासचिव हैं तो वहीं पुजाला हरिकृष्ण कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में सिद्दिपेट सीट पर हरीश राव विजेता थे। बीआरएस के टिकट पर उतरे हरीश राव ने तेलंगाना जन समिति की उम्मीदवार भवानी मरिकांती को 1,18,699 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया था।
केसीआर परिवार की दावेदारी से सिद्दिपेट सीट भी चर्चा में है। यहां बीआरएस के टिकट पर हरीश राव चुनाव लड़ रहे हैं। रिश्ते में हरीश राव मुख्यमंत्री केसीआर के भतीजे लगते हैं। राज्य सरकार में वित्त और स्वास्थ्य जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हरीश कैबिनेट के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं।
इस बार विधानसभा के रण में हरीश राव का मुकाबला भाजपा के डूडी श्रीकांत रेड्डी और कांग्रेस के पुजाला हरिकृष्ण से है। श्रीकांत रेड्डी भाजयुमो में प्रदेश महासचिव हैं तो वहीं पुजाला हरिकृष्ण कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में सिद्दिपेट सीट पर हरीश राव विजेता थे। बीआरएस के टिकट पर उतरे हरीश राव ने तेलंगाना जन समिति की उम्मीदवार भवानी मरिकांती को 1,18,699 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया था।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
8. हुजूरनगर
तेलंगाना में कांग्रेस ने अपने जिन लोकसभा सांसदों को टिकट दिया है उनमें एक नाम उत्तम कुमार रेड्डी का भी है। उत्तम कुमार सूर्यापेट जिले की हुजूरनगर सीट से चुनाव मैदान में हैं। वर्तमान में उत्तम कुमार रेड्डी नलकोंडा लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद हैं। 2019 में सांसद बनने से पहले रेड्डी हुजूरनगर सीट से विधायक रह चुके हैं। भारतीय वायुसेना में पायलट रहे उत्तम एक बार फिर कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। उनका मुकाबला बीआरएस के शानमपुडी सैदी रेड्डी और भाजपा की श्रीलता रेड्डी से है। सैदी रेड्डी हुजूरनगर सीट से बीआरएस के मौजूदा विधायक हैं। वहीं भाजपा से चुनाव लड़ रहीं श्रीलता रेड्डी नारेडुचर्ला नगर उपाध्यक्ष रह चुकी हैं और पिछले महीने ही बीआरएस छोड़ भाजपा में आई थीं।
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उत्तम कुमार रेड्डी ही विजेता हुए थे। उत्तम ने बीआरएस के शानमपुडी सैदी रेड्डी को 7,466 वोटों से हराया था।
तेलंगाना में कांग्रेस ने अपने जिन लोकसभा सांसदों को टिकट दिया है उनमें एक नाम उत्तम कुमार रेड्डी का भी है। उत्तम कुमार सूर्यापेट जिले की हुजूरनगर सीट से चुनाव मैदान में हैं। वर्तमान में उत्तम कुमार रेड्डी नलकोंडा लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद हैं। 2019 में सांसद बनने से पहले रेड्डी हुजूरनगर सीट से विधायक रह चुके हैं। भारतीय वायुसेना में पायलट रहे उत्तम एक बार फिर कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। उनका मुकाबला बीआरएस के शानमपुडी सैदी रेड्डी और भाजपा की श्रीलता रेड्डी से है। सैदी रेड्डी हुजूरनगर सीट से बीआरएस के मौजूदा विधायक हैं। वहीं भाजपा से चुनाव लड़ रहीं श्रीलता रेड्डी नारेडुचर्ला नगर उपाध्यक्ष रह चुकी हैं और पिछले महीने ही बीआरएस छोड़ भाजपा में आई थीं।
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उत्तम कुमार रेड्डी ही विजेता हुए थे। उत्तम ने बीआरएस के शानमपुडी सैदी रेड्डी को 7,466 वोटों से हराया था।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
9. गोशामहल
तेलंगाना के चुनाव में हैदराबाद जिले की गोशामहल सीट भी खूब चर्चा में है। दरअसल, भाजपा ने यहां अपने विधायक टी. राजा सिंह को उम्मीदवार बनाया है। राजा अगस्त 2022 में विवादों में आए थे, जब उन्होंने पैगंबर मुहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस विवाद के बाद भाजपा ने उन्हें निलंबित कर दिया गया था। वहीं विधानसभा चुनाव से ऐन पहले 22 अक्तूबर 2023 को उनका निलंबन रद्द कर दिया गया।
तेलंगाना भाजपा के सचेतक रहे राजा सिंह एक बार फिर गोशामहल सीट से मैदान में हैं। बीआरएस ने पूर्व विधायक मदन लाल व्यास के बेटे नंद किशोर व्यास को अपना उम्मीदवार बनाया है। नंद किशोर एक रियल एस्टेट डेवलपर और बिल्डर्स के साथ-साथ एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। इस सीट पर कांग्रेस ने तेलंगाना महिला कांग्रेस अध्यक्ष मोगिली सुनीता को टिकट दिया है।
यहां पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत हुई थी, जो भाजपा के खाते में जाने वाली भी एकलौती सीट थी। यहां भाजपा के टिकट पर विजेता टी. राजा सिंह ने बीआरएस के प्रेम सिंह राठौड़ को 17,734 वोटों से शिकस्त दी थी।
तेलंगाना के चुनाव में हैदराबाद जिले की गोशामहल सीट भी खूब चर्चा में है। दरअसल, भाजपा ने यहां अपने विधायक टी. राजा सिंह को उम्मीदवार बनाया है। राजा अगस्त 2022 में विवादों में आए थे, जब उन्होंने पैगंबर मुहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस विवाद के बाद भाजपा ने उन्हें निलंबित कर दिया गया था। वहीं विधानसभा चुनाव से ऐन पहले 22 अक्तूबर 2023 को उनका निलंबन रद्द कर दिया गया।
तेलंगाना भाजपा के सचेतक रहे राजा सिंह एक बार फिर गोशामहल सीट से मैदान में हैं। बीआरएस ने पूर्व विधायक मदन लाल व्यास के बेटे नंद किशोर व्यास को अपना उम्मीदवार बनाया है। नंद किशोर एक रियल एस्टेट डेवलपर और बिल्डर्स के साथ-साथ एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। इस सीट पर कांग्रेस ने तेलंगाना महिला कांग्रेस अध्यक्ष मोगिली सुनीता को टिकट दिया है।
यहां पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत हुई थी, जो भाजपा के खाते में जाने वाली भी एकलौती सीट थी। यहां भाजपा के टिकट पर विजेता टी. राजा सिंह ने बीआरएस के प्रेम सिंह राठौड़ को 17,734 वोटों से शिकस्त दी थी।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
AMAR UJALA
10. मल्काजगिरी
2023 विधानसभा चुनाव में मल्काजगिरी विधानसभा सीट पर एम. हनुमंत राव की दावेदारी ने इसे दिलचस्प बना दिया है। अगस्त में बीआरएस ने सूची जारी की, जिसमें हनुमंत राव के बेटे रोहित का नाम नहीं था। मल्काजगिरि से विधायक हनुमंत राव अपने बेटे के लिए मेडक सीट से टिकट चाहते थे। हालांकि, टिकट न मिलने पर उन्होंने बीआरएस का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए। हनुमंत राव अब कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं।
बीआरएस ने यहां केसीआर कैबिनेट में मंत्री मल्ला रेड्डी के दामाद मैरी राजशेखर रेड्डी को टिकट दिया है। वहीं, भाजपा ने वकील नारापाराजू रामचंदर राव को अपना प्रत्याशी बनाया है। पूर्व एमएलसी रामचंदर राव भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, भाजपा की हैदराबाद इकाई के अध्यक्ष और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य हैं।
2018 के विधानसभा में बीआरएस के टिकट पर हनुमंत राव जीते थे। उन्होंने भाजपा के रामचंदर राव को 73,698 वोटों से हराया था।
2023 विधानसभा चुनाव में मल्काजगिरी विधानसभा सीट पर एम. हनुमंत राव की दावेदारी ने इसे दिलचस्प बना दिया है। अगस्त में बीआरएस ने सूची जारी की, जिसमें हनुमंत राव के बेटे रोहित का नाम नहीं था। मल्काजगिरि से विधायक हनुमंत राव अपने बेटे के लिए मेडक सीट से टिकट चाहते थे। हालांकि, टिकट न मिलने पर उन्होंने बीआरएस का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए। हनुमंत राव अब कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं।
बीआरएस ने यहां केसीआर कैबिनेट में मंत्री मल्ला रेड्डी के दामाद मैरी राजशेखर रेड्डी को टिकट दिया है। वहीं, भाजपा ने वकील नारापाराजू रामचंदर राव को अपना प्रत्याशी बनाया है। पूर्व एमएलसी रामचंदर राव भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, भाजपा की हैदराबाद इकाई के अध्यक्ष और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य हैं।
2018 के विधानसभा में बीआरएस के टिकट पर हनुमंत राव जीते थे। उन्होंने भाजपा के रामचंदर राव को 73,698 वोटों से हराया था।