फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hospital facility: Japan and South Korea have higher per capita bed availability, US sixth and India at number eight

अस्पताल सुविधा: जापान और दक्षिण कोरिया में प्रति व्यक्ति बेड उपलब्धता ज्यादा, अमेरिका छठे और भारत आठवें नंबर पर

Fri, 30 Apr 2021 04:01 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 30 Apr 2021 04:01 PM IST
सार

प्रति व्यक्ति बेड की उपलब्धता को देश के चिकित्सा विकास का एक पैमाना माना जा सकता है, लेकिन इस मामले में देश मजबूत स्थिति में नहीं है। 
 

विज्ञापन
Hospital facility: Japan and South Korea have higher per capita bed availability, US sixth and India at number eight
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी ने कई सबक दिए। एक सबसे बड़ा सबक देश में अस्पतालों की बदहाली और कमी दूर करने का है। बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य चिकित्सा उपकरण नाकाफी साबित हुए हैं। ऐसे में यह जानना उचित होगा कि विश्व स्तर पर अस्पतालों में प्रति व्यक्ति बेड उपलब्धता की क्या स्थिति है? एक रिपोर्ट के अनुसार इसमें जापान व दक्षिण कोरिया श्रेष्ठ स्थिति में पाए गए हैं। 

विज्ञापन


एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार  जापान में प्रति एक हजार व्यक्तियों पर अस्पतालों में बेड की उपलब्धता 13 है, जबकि दक्षिण कोरिया में 12.5 और जर्मनी में आठ है। ये तीनों देश टॉप- 3 हैं। इस मामले में महाशक्ति देश रूस चौथे, फ्रांस पांचवें और अमेरिका छठे स्थान पर पाया गया है। रूस में प्रति हजार लोगों पर सात बेड उपलब्ध हैं तो फ्रांस में छह और अमेरिका में मात्र तीन। 
विज्ञापन


इस रिपोर्ट का आधार वर्ष 2018 है। हालांकि बीते दो वर्षों में इन सभी देशों में अस्पतालों की संख्या व सुविधाओं में कुछ सुधार हुआ है। लेकिन महामारी काल में क्या महाशक्ति व क्या विकसित और विकासशील, सभी देशों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्रिटेन व भारत निचली पायदान पर
एक अन्य विकसित व महाशक्ति देश ब्रिटेन भी आठ देशों के अध्ययन में सातवीं पायदान पर पाया गया है। वहां प्रति 1000 लोगों पर बेड की उपलब्धता 2.5 है। रहा सवाल भारत का तो यहां यह दर 0.5 फीसदी है। यानी प्रत्येक एक हजार लोगों पर भारत में मात्र आधा बेड मुहैया कराया जा सकता है। 


बदल रही है स्थिति पर अभी भारी कमी
देश में आयुष्मान भारत योजना के बाद स्थिति में क्रमिक सुधार हो रहा है, लेकिन वह अब भी अपर्याप्त है। महामारी का बोझ झेल सके इसके लिए देश का स्वास्थ्य तंत्र सक्षम नहीं है। इसीलिए कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब रोज लाखों की संख्या में मरीज मिल रहे हैं और हजारों को अस्पतालों में बिस्तर व अन्य सुविधाओं की जरूरत पड़ रही है तो वह उन्हें नहीं मिल पा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed