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Tamil Nadu: 'समलैंगिक जोड़े भी बना सकते हैं परिवार', मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; महिला को मिली अनुमति

Fri, 06 Jun 2025 07:50 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 06 Jun 2025 07:50 AM IST
सार

मद्रास हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए कहा कि समलैंगिक जोड़े भी परिवार बना सकते हैं। कोर्ट ने 25 वर्षीय महिला को उसकी महिला साथी के साथ रहने की अनुमति दी और कहा कि 'परिवार' की परिभाषा सीमित न होकर व्यापक होनी चाहिए।

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Homosexual couples can also form a family Madras High Court's big decision; woman gets permission
मद्रास हाईकोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

समलैंगिक जोड़ों के एक साथ परिवार बनाने को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है। मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक जोड़ों के बीच विवाह को वैध नहीं बनाया है, लेकिन वे एक परिवार बना सकते हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने एक युवा महिला को अपनी महिला साथी के साथ रहने की अनुमति दी है और कहा कि दोनों महिलाएं एक परिवार बना सकती हैं।
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मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन की खंडपीठ ने कहा कि ‘परिवार’ शब्द को विस्तृत अर्थ में समझा जाना चाहिए। 25 वर्षीय महिला को अदालत में पेश करने और उसे आजाद करने की मांग करने वाली एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए, पीठ ने कहा, हिरासत में ली गई महिला (25 वर्षीय महिला) ने बताया है कि वह समलैंगिक है और रिट याचिकाकर्ता के साथ रिश्ते में है।
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उसने अदालत को स्पष्ट कर दिया कि वह याचिकाकर्ता के साथ जाना चाहती है। उसने इस आरोप की पुष्टि की कि उसे उसके पैतृक परिवार की ओर से उसकी इच्छा के विरुद्ध हिरासत में रखा गया है। पीठ ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि उसे जबरन उसके घर ले जाया गया और पीटा गया। उसे अपनी जान को भी खतरा होने की आशंका थी।
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