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राज्य सभा में बोले अमित शाह, NPR से किसी को नहीं है डरने की जरूरत, नहीं मांगा जाएगा कोई दस्तावेज

Thu, 12 Mar 2020 07:54 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 12 Mar 2020 07:54 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार के एनपीआर में बायोमेट्रिक जानकारी नहीं ली जाएगी। साथ ही लोगों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर कोई पहचान पत्र भी जारी नहीं होगा।

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Home ministry Amit Shah Clarification on National Population Register NPR in Rajya Sabha
दिल्ली हिंसा पर लोकसभा में जवाब देते अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राज्य सभा में स्पष्ट कर दिया है कि देश में एनपीआर बाबत कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इस प्रक्रिया में पहले भी दस्तावेज नहीं मांगे गए थे और अब भी नहीं मांगेंगे। इसे लेकर बेवजह भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं।

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जो सूचना आपके पास नहीं है, वह नहीं मांगी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति ऐसी जानकारी देने से मना करता है तो उसके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं होगी। कुछ लोगों ने अफवाह फैलाई है कि जो व्यक्ति सूचना नहीं देंगे, उनके कॉलम में 'डी' लिख दिया जाएगा। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया "मैं सभी से कहता हूं कि किसी भी केस में 'डी' नहीं लिखा जाएगा।"

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केंद्रीय गृहमंत्री ने एनपीआर पर बोलते हुए कहा, अगर अब भी किसी को मेरी बात पर यकीन नहीं है, तो विपक्ष के नेता मेरे साथ बैठक कर सकते हैं। कांग्रेस पार्टी के गुलाम नबी आजाद, जो कि नेता प्रतिपक्ष भी हैं, वे दूसरे वरिष्ठ नेता जैसे आनंद शर्मा एवं दूसरे नेताओं को साथ लेकर मेरे पास आ जाएं। हम विस्तार से इस पर चर्चा करेंगे।

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उन्होंने कहा कि केवल मैं ही वहां पर नहीं रहूंगा। एनपीआर पर काम कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों को भी उस चर्चा में बुलाया जाएगा। हर बात पर बहुत ही खुलकर चर्चा होगी। देश में किसी को भी एनपीआर से डरने की आवश्यकता नहीं है।
 

बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों जारी नोटिफिकेशन में साफ कर दिया था कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के हाउस होल्ड सर्वे में 31 तरह की सूचनाएं देनी होंगी। इससे पहले 2010 में जब एनपीआर तैयार हुआ था, तो 16 सूचनाएं मांगी गई थी।

केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार के एनपीआर में बायोमेट्रिक जानकारी नहीं ली जाएगी। साथ ही लोगों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर कोई पहचान पत्र भी जारी नहीं होगा। पिछले कुछ समय से एनपीआर को लेकर कई तरह की भ्रामक सूचनाएं सामने आ रही थीं। जैसे, लोगों से बायोमेट्रिक जानकारी ली जाएगी।

एनपीआर 2010 में व्यक्ति का नाम, मुखिया से संबंध, पिता का नाम, माता का नाम, पति/पत्नी का नाम (यदि विवाहित), लिंग, जन्म तिथि, वैवाहिक स्थिति, जन्म का स्थान, घोषित राष्ट्रीयता, सामान्य निवासी का वर्तमान पता, वर्तमान पते पर रहने की अवधि, स्थायी निवास पता, व्यवसाय/क्रियाकलाप और शैक्षिक योग्यता शामिल थी।



इसके अलावा यूआईडीएआई के माध्यम से दोहराव को रोकने और आधार नंबर बनाने के उद्देश्य हेतु 05 वर्ष और उससे ऊपर के व्यक्तियों के लिए ओआरजीआई को आवंटित राज्यों में तीन बायोमेट्रिक वस्तुत: फोटो, 10 अंगुलियों की छाप और 02 आयरिस भी एकत्रित किए गए थे।

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