फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Home Minister Amit Shah to go for two days visit of Jammu and Kashmir

बड़ा राजनीतिक एजेंडा लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जाएंगे जम्मू-कश्मीर

Tue, 25 Jun 2019 06:04 PM IST
शशिधर पाठक शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: शशिधर पाठक Updated Tue, 25 Jun 2019 06:04 PM IST
विज्ञापन
Home Minister Amit Shah to go for two days visit of Jammu and Kashmir
अमित शाह - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थायित्व की स्थापना भारत सरकार का मुख्य एजेंडा है। केन्द्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के एजेंडे में यह शीर्ष पर है। इसी इरादे की रूप-रेखा को तैयार करने के लिए गृहमंत्री अमित शाह 26 जून को जम्मू-कश्मीर जाएंगे। 27 जून तक के दो दिवसीय दौरे में वह राज्य में तमाम संभावनाओं का आधार तैयार करके लौट सकते हैं। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष और केन्द्रीय गृहमंत्री अमर नाथ की पवित्र गुफा में जाकर बर्फानी बाबा के दर्शन कर सकते हैं।

विज्ञापन


अमित शाह का दौरा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हुर्रियत के नेताओं से वार्ता की मंशा जताई है। महामहिम केन्द्र में नई सरकार के गठन और शाह के मंत्रालय का कामकाज संभालने के बाद दिल्ली दौरे पर आए थे। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में जम्हूरियत और कश्मीरियत का संदेश देकर राज्यपाल मलिक वहां पहल कर रहे हैं। महामहिम के इस कदम का पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेस के फारुख अब्दुल्ला ने स्वागत किया है। माना जा रहा है कि अमित शाह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से मिलकर वहां हालात का जायजा लेंगे। चर्चा में राज्य में आतंकवाद, हिंसा, सुरक्षा जैसे मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा पवित्र अमरनाथ यात्रा भी शुरू होने वाली है। इसकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना काफी अहम है। अमित शाह इसके बाबत राज्यपाल से चर्चा के बाद सुरक्षा अधिकारियों समेत अन्य से भी विमर्श करके उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकते हैं। 

विज्ञापन

भाजपा के नेताओं से होगी भेंट

केन्द्रीय गृहमंत्री राज्य में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी भेंट कर सकते हैं। राज्य में शांतिपूर्ण मतदान और स्थायित्व वाली राज्य सरकार का गठन भी केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में है। जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का आखिरी आंदोलन भी जम्मू-कश्मीर ही था। ऐसे में जम्मू-कश्मरी में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनाना भाजपा का बड़ा लक्ष्य है। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर प्रदेश भाजपा के नेताओं के साथ भेंट के दौरान भाजपा अध्यक्ष इसके मॉडल पर भी चर्चा कर सकते हैं। शाह नए तरीके से जमीनी फार्मूले पर काम करने के लिए जाने जाते हैं। वह इसको लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी मंत्र दे सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed