आतंक पर वार: 10 वर्ष के लिए तैयार होगा प्रहार, शाह बोले- भगोड़ों को वापस लाने के लिए विशेष टीम गठित करें राज्य
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में 'प्रहार-सीटी (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में ‘प्रहार’ के सात स्तंभों पर चर्चा की गई, जिनमें रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं को एकजुट करना, मानवाधिकार, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल बिठाना और 'सोसायटी की समग्र' अप्रोच के साथ रिकवरी व लचीलापन लाना शामिल है। शाह ने कहा, आतंकी घटनाओं का विश्लेषण कर अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत और ठोस 'प्रहार' तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता है। 'प्रहार' रणनीति को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों और राज्यों की पुलिस को लगातार प्रयास करने होंगे।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। 'प्रहार' रणनीति को थाना स्तर तक पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने 'प्रहार' पहल के हर बिंदु के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
आतंकवादी खतरों को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का ज़िक्र करते हुए शाह ने प्रहार फ्रेमवर्क के हर स्तर पर आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को संस्थागत बनाने पर जोर दिया। 'प्रहार' के प्रत्येक स्तंभ के प्रति परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने, कार्रवाई में किसी भी तरह की देरी को रोकने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय का आह्वान किया।
मोदी सरकार वर्ष 2019 से 2026 में 36 देशों से 288 भगौड़े अपराधियों को सफलतापूर्व देश में वापस लेकर आई है। एजेंसियों के बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप सीमापार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्तशहज़ाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मोड्यूल बस्ट किए और 15 राज्यों में 100 से अधिक केस दर्ज कर 350 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
साथ ही, मोदी सरकार ने यूएपीए के तहत शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी घोषित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने एक नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया, जिससे विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के प्रयासों में समन्वय बेहतर होगा। इस प्रक्रिया में और तेज़ी आएगी। उन्होंने राज्य पुलिस बलों से कहा कि वे विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के लिए केन्द्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने वाली विशेष टीम का गठन करें। सम्मेलन में केन्द्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों /केन्द्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख, 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशक और सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवादरोधी दस्तों के प्रमुख शामिल हुए। इसके अलावा, अन्य राज्यों के पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियोंने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में भाग लिया।