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ड्रग्स पर वार: चार महाद्वीप-10 से अधिक देशों में फैला ग्लोबल नेटवर्क खत्म, दिल्ली से अलबामा तक का लिंक ध्वस्त

Wed, 02 Jul 2025 06:53 PM IST
शिव शुक्ला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 02 Jul 2025 06:53 PM IST
सार

चार महाद्वीपों और 10 से ज्यादा देशों में फैले ड्रग कार्टेल का केंद्रीन नारकोटिक्स ब्यूरो ने भंडाफोड़ किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने इसके लिए बधाई दी है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि वैश्विक ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ करने पर एनसीबी और अन्य जांच एजेंसियों को बधाई।

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Home Minister Amit Shah congratulates NCB and all agencies for busting global drug racket
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

अवैध दवा व्यापार के खिलाफ अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाइयों में से एक के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुख्यालय की ऑपरेशंस यूनिट ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है। यह सिंडिकेट, एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म, ड्रॉप शिपिंग मॉडल और क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग कर चार महाद्वीपों में नियंत्रित दवाओं की तस्करी कर रहा था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक्स' प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, एनसीबी और अन्य एजेंसियों ने ग्लोबल ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ किया है। जांच एजेंसियों ने मल्टीएजेंसी समन्वय का एक शानदार उदाहरण पेश किया है। इसके परिणामस्वरूप 8 गिरफ्तारियां हुईं। 5 खेप जब्त हुईं, 4 महाद्वीपों और 10 से अधिक देशों में संचालित गिरोह के खिलाफ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में कार्रवाई हुई है। गृह मंत्री ने कहा कि हमारी एजेंसियां लगातार इन गिरोहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले क्रिप्टो भुगतान और गुमनाम ड्रॉप शिपर्स जैसे तरीकों की निगरानी कर रही हैं।

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नई दिल्ली की बंगाली मार्केट के पास वाहनों को रोक कर जांच करने की एक नियमित प्रक्रिया के रूप में शुरू हुई यह कार्रवाई एक परिष्कृत आपराधिक नेटवर्क को उजागर करने में बदल गई, जो भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में फैला हुआ था। यह अवैध फार्मा नेटवर्क की वैश्विक पहुंच और समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रवर्तन कार्रवाइयों का नेतृत्व करने की NCB की क्षमता को दर्शाता है। इस ऑपरेशन ने 04 महाद्वीपों और 10 से अधिक देशों में फैले एक वैश्विक नेटवर्क का खुलासा किया। 25 मई को एक गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी मुख्यालय की ऑपरेशन्स टीम ने दिल्ली में मंडी हाउस के पास एक कार को रोका। कार में सवार दो व्यक्तियों, जो नोएडा के एक प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालय से बी. फार्मा स्नातक थे, उनके कब्जे से 3.7 किलोग्राम ट्रामाडोल टैबलेट जब्त किए गए।  पकड़े गए व्यक्तियों ने स्वीकार किया कि वे एक प्रमुख भारतीय बी2बी प्लेटफॉर्म पर वेंडर प्रोफाइल संचालित कर रहे थे, जहां से वे अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में ग्राहकों को फार्मास्यूटिकल गोलियां बेचते थे। 
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पूछताछ से प्राप्त सुरागों ने जांच टीम को रुड़की में एक स्टॉकिस्ट तक पहुंचाया। इसके बाद दिल्ली के मयूर विहार में एक प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार किया गया, जिसने कर्नाटक के उडुपी में एक संपर्क का खुलासा किया। यह अमेरिका के लिए थोक ऑर्डर और शिपमेंट का इंतजाम करता था। उडुपी से एनसीबी ने 50 अंतरराष्ट्रीय खेपों के डेटा का पता लगाया, अमेरिका से अमेरिका तक 29 पैकेज, ऑस्ट्रेलिया से ऑस्ट्रेलिया तक 18 पैकेज और एस्टोनिया, स्पेन और स्विट्जरलैंड को 1-1 पैकेज, शामिल थे। उपरोक्त जानकारी वैश्विक समकक्षों और इंटरपोल के साथ साझा की गई, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिका के अलबामा में अमेरिका के ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा एक थोक री-शिपर और मनी लॉन्डरर की पहचान और गिरफ्तारी हुई। इसके साथ ही नियंत्रित दवाओं का एक विशाल भंडार जब्त किया गया।
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इस सिंडिकेट ने टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफॉर्म पर काम किया, क्रिप्टोकरेंसी, पेपैल और वेस्टर्न यूनियन के माध्यम से भुगतान प्राप्त किया, और मामले का खुलासा होने से बचाव के लिए अनाम अंतरराष्ट्रीय ड्रॉप शिपर्स का उपयोग किया। डिजिटल फोरेंसिक जांच से नई दिल्ली और जयपुर से दो और भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी हुई, जो लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति-संबंधी कार्यों को संभालते थे। ऑपरेटरों ने कभी अपने गृह देशों में शिपमेंट नहीं किया और कानूनी परिणामों से बचने के लिए नेटवर्क में अन्य ड्रॉप-शिपर्स के माध्यम से समन्वय किया। अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वित्त से जुड़े कामकाज देखने वाले मुख्य सरगना की पहचान हो चुकी है और वह यूएई में स्थित है। इस मामले में एनसीबी, यूएई के अधिकारियों के साथ मिलकर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

ऑस्ट्रेलिया में एक गुप्त गोली निर्माण इकाई का पता चला, जो इस सिंडिकेट से सीधे जुड़ी थी। ऑस्ट्रेलिया में कानून प्रवर्तन एजेंसी ने इस इकाई को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया। अन्य क्षेत्रों में ऑपरेशन अभी भी जारी हैं। एनसीबी द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी से उत्पन्न एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अमेरिका के ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के एक प्रमुख सरगना को पकड़ा है। अलबामा में स्थित एक प्रमुख री-शिपर, जोएल हॉल, को समन्वित ऑपरेशन के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 17,000 से अधिक नियंत्रित दवाओं की गोलियां जब्त की गईं। 

इस कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने सिंडिकेट से जुड़े कई क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और सक्रिय पार्सल भी उजागर किए, जो एक परिष्कृत और तकनीक-सक्षम तस्करी ऑपरेशन की ओर इशारा करते हैं। इन डिजिटल संपत्तियों और पार्सलों से संबंधित जांच और प्रवर्तन कार्रवाइयां सक्रिय रूप से जारी हैं। इस सफलता के साथ, नेटवर्क में एक प्रमुख मनी लॉन्डरर के रूप में पहचाने गए एक भारतीय-अमेरिकी व्यक्ति को अब अमरीका में अभियोग का सामना करना पड़ रहा है, जो इस अवैध कारोबार की वित्तीय रीढ़ को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ-साथ, यूएस डीईए ने पांच पार्सलों को सफलतापूर्वक रोका, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 700 ग्राम ज़ोलपिडेम टैबलेट बरामद की गई। यह एक मादक पदार्थ है। 

जांच में खुलासा हुआ है कि इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड यूएई से नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वह ऑर्डर और सप्लाई मॉड्यूल दोनों को अत्यंत समन्वय और गोपनीयता से चला रहा था।

ऑर्डर मॉड्यूल एक प्रमुख बी2बी प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से कार्य करता था, जहाँ हैंडलर्स ने प्रीमियम विक्रेता श्रेणियों की सदस्यता ली थी ताकि विजिबिलिटी बढ़े और संभावित खरीदार आकर्षित हो सकें। बिक्री से जुड़ी जानकारियों के प्रबंधन के लिए इस समूह ने उडुपी में एक पूर्ण रूप से कार्यशील कॉल सेंटर संचालित किया, जिसमें लगभग 10 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें से कई को इस अवैध गतिविधि की जानकारी नहीं थी। एक बार ऑर्डर की पुष्टि हो जाने पर अग्रिम भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में एकत्र किए जाते थे, जिन्हें सप्लाई मॉड्यूल ऑपरेटरों को 10–15% कमीशन काटने के बाद भेजा जाता था। सप्लाई मॉड्यूल फिर आगे 10% काटकर निर्दिष्ट देशों में स्थित री-शिपरों को भुगतान करता था, जो नियंत्रित पदार्थों की फाइनल डिलीवरी का काम संभालते थे।


अपने संचालन का विस्तार करने के एक सोचे-समझे कदम के तहत नियमित खरीदारों को री-शिपर या स्टॉक्सिस्ट के रूप में तैयार और भर्ती किया गया, जिससे यह नेटवर्क सीमा पार स्वाभाविक रूप से फैलता गया। एनसीबी के अंतरराष्ट्रीय समकक्षों द्वारा कई ऐसे स्टॉक्सिस्ट की पहचान की जा चुकी है और उनके खिलाफ कार्रवाई सक्रिय रूप से चल रही है। यह जटिल नेटवर्क आधुनिक अवैध व्यापार में डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्रिप्टोकरेंसी और सीमा-पार लॉजिस्टिक्स के बढ़ते मेल को दर्शाता है और ऐसे अभियानों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने के महत्व को उजागर करता है। अब तक 8 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। क्रिप्टो वॉलेट तथा हवाला चैनलों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच भी जारी है। एनसीबी अवैध ऑनलाइन फार्मेसियों के प्रसार को रोकने के लिए निजी क्षेत्र के प्लेटफार्मों के साथ भी संपर्क में है, जो खुलेआम नियंत्रित दवाओं की बिक्री का प्रचार कर रही हैं।

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