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Tarang Shakti: जोधपुर में रचा इतिहास, पहली बार सेना, नौसेना और वायु सेना के उप-प्रमुखों ने भरी तेजस में उड़ान
Mon, 09 Sep 2024 06:22 PM IST
श्वेता महतो
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 09 Sep 2024 06:22 PM IST
सार
तंरग शक्ति हवाई अभ्यास का यह दूसरा चरण है। पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर में आयोजित किया गया था। वहीं, दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, अमेरिका, ग्रीस, बांग्लादेश, सिंगापुर और यूएई के लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं।
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तरंग शक्ति
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सोमवार का दिन भारतीय सेना के बड़ा एतिहासिक रहा। जोधपुर एयरबेस में चल रही भारतीय वायुसेना की मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज तरंगशक्ति के दूसरे चरण में सोमवार को भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के उप प्रमुखों ने देश में ही बने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। इस अभ्यास में वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ (VCAS) एयर मार्शल एपी सिंह ने सिंगल सीटर फाइटर जेट में उड़ान भरी। वहीं, वाइस चीफ आर्मी स्टाफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के साथ-साथ नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने तेजस के ट्विन सीटर ट्रेनर वर्जन में उड़ान भरी।
वायुसेना का कहना है कि पहली बार इस तरह के अभ्यास में सेनाओं के तीनों उप प्रमुखों का इस तरह उड़ान भरना उनकी संयुक्त भागीदारी क्रॉस-डोमेन सहयोग पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है, जिसमें तीनों सेनाएं भूमि, समुद्र और वायु सेना आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साथ काम कर रही हैं। यह पहली बार है जब जब तीनों सेनाओं के उप प्रमुखों ने एक साथ एक ही अवसर पर उड़ान भरी है। वायुसेना के मुताबिक यह उड़ान जोधपुर के आसमान पर हुई, जहां भारतीय वायु सेना का अन्य देशों के साथ तरंग शक्ति 2024 हवाई अभ्यास चल रहा है। इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाले मित्र देशों यानी फ्रेंडली फॉरेन कंट्रीज (FFC) के बीच अंतर-संचालन और ऑपरेशनल कैपेबिलिटी को बढ़ाना है और घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देना है। वहीं, इस मिशन में तेजस को शामिल करना भारत के रक्षा बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में स्वदेशी प्लेटफार्मों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
तंरग शक्ति हवाई अभ्यास का यह दूसरा चरण है। पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर में आयोजित किया गया था। वहीं, दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, अमेरिका, ग्रीस, बांग्लादेश, सिंगापुर और यूएई के लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। 30 अगस्त से शुरू हुआ यह वायु अभ्यास 14 सितंबर तक चलेगा। जोधपुर एयर बेस में दो अमेरिकी ए-10 विमान पहुंचे हैं। अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ग्रीस, श्रीलंका, सिंगापुर और यूएई से लड़ाकू विमान, क्लोज एयर सपोर्ट एयरक्राफ्ट और टेक्टिकल एयरलिफ्टर के साथ यहां पहुंचे हैं। इस अभ्यास में बांग्लादेश ऑब्जर्वर बना है, पहले उसे इस अभ्यास में अपने एयर एसेट्स के साथ हिस्सा लेना था। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भारत में पहली बार 6 स्क्वाड्रन से तीन ईए-18जी ग्रोलर फाइटर जेट भेजे हैं। ग्रीस भी पहली बार भारत में किसी सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहा है। 2023 के वसंत में भारतीय वायुसेना के SU-30MKI ने बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'इनियोचोस' में हिस्सा लिया था। वहीं, अब, हेलेनिक वायु सेना भी अपने ग्रीक लड़ाकू जेट्स के साथ शामिल हो रही है। तरंग शक्ति में ग्रीक एयर फोर्स के चार 336 स्क्वाड्रन एफ-16 विमान जोधपुर पहुंचे हैं। उनके साथ दो सी-130 विमान भी हैं।
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वायुसेना का कहना है कि पहली बार इस तरह के अभ्यास में सेनाओं के तीनों उप प्रमुखों का इस तरह उड़ान भरना उनकी संयुक्त भागीदारी क्रॉस-डोमेन सहयोग पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है, जिसमें तीनों सेनाएं भूमि, समुद्र और वायु सेना आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साथ काम कर रही हैं। यह पहली बार है जब जब तीनों सेनाओं के उप प्रमुखों ने एक साथ एक ही अवसर पर उड़ान भरी है। वायुसेना के मुताबिक यह उड़ान जोधपुर के आसमान पर हुई, जहां भारतीय वायु सेना का अन्य देशों के साथ तरंग शक्ति 2024 हवाई अभ्यास चल रहा है। इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाले मित्र देशों यानी फ्रेंडली फॉरेन कंट्रीज (FFC) के बीच अंतर-संचालन और ऑपरेशनल कैपेबिलिटी को बढ़ाना है और घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देना है। वहीं, इस मिशन में तेजस को शामिल करना भारत के रक्षा बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में स्वदेशी प्लेटफार्मों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
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तंरग शक्ति हवाई अभ्यास का यह दूसरा चरण है। पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर में आयोजित किया गया था। वहीं, दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, अमेरिका, ग्रीस, बांग्लादेश, सिंगापुर और यूएई के लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। 30 अगस्त से शुरू हुआ यह वायु अभ्यास 14 सितंबर तक चलेगा। जोधपुर एयर बेस में दो अमेरिकी ए-10 विमान पहुंचे हैं। अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ग्रीस, श्रीलंका, सिंगापुर और यूएई से लड़ाकू विमान, क्लोज एयर सपोर्ट एयरक्राफ्ट और टेक्टिकल एयरलिफ्टर के साथ यहां पहुंचे हैं। इस अभ्यास में बांग्लादेश ऑब्जर्वर बना है, पहले उसे इस अभ्यास में अपने एयर एसेट्स के साथ हिस्सा लेना था। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भारत में पहली बार 6 स्क्वाड्रन से तीन ईए-18जी ग्रोलर फाइटर जेट भेजे हैं। ग्रीस भी पहली बार भारत में किसी सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहा है। 2023 के वसंत में भारतीय वायुसेना के SU-30MKI ने बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'इनियोचोस' में हिस्सा लिया था। वहीं, अब, हेलेनिक वायु सेना भी अपने ग्रीक लड़ाकू जेट्स के साथ शामिल हो रही है। तरंग शक्ति में ग्रीक एयर फोर्स के चार 336 स्क्वाड्रन एफ-16 विमान जोधपुर पहुंचे हैं। उनके साथ दो सी-130 विमान भी हैं।
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