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Hindi News ›   India News ›   'Historic moment': Odisha's Puri gears up for inauguration of Jagannath corridor

Odisha: ओडिशा का पुरी जगन्नाथ कॉरिडोर तैयार, 17 जनवरी को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक करेंगे उद्घाटन

Mon, 08 Jan 2024 09:38 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 08 Jan 2024 09:38 PM IST
सार

Odisha: श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर का उद्घाटन सत्रह जनवरी को किया जाएगा। खास बात यह है कि इसके ठीक पांच दिन बाद अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह होना है। जगन्नाथ मंदिर उन चार प्रमुख धामों में से एक है, जहां हर हिंदू को जाने की सलाह दी जाती है। 

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'Historic moment': Odisha's Puri gears up for inauguration of Jagannath corridor
श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर - फोटो : श्री जगन्नाथ मंदिर

विस्तार

अगर आप भुवनेश्वर से पुरी की यात्रा करेंगे, तो आप हर सौ मीटर पर रणनीतिक रूप से लगाए गए होर्डिंग्स देखेंगे। इन होर्डिंग्स में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तस्वीर लगी हुई है, जो 17 जनवरी को श्री जगन्नाथ मंदिर हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन करेंगे। 

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पुरी शहर में आपको दर्जनों निर्माण श्रमिक इस कॉरिडोर को फिनिशिंग टच देते हुए और बाजार क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को अंजाम देते हुए नजर आएंगे। इस महत्वकांक्षी परियोजना के उद्घाटन की तारीख नजदीक आने के साथ ही सरकारी अधिकारी लगातार दौरे कर रहे हैं और कड़ी निगरानी रख रहे हैं। 

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इस कॉरिडोर का उद्घाटन सत्रह जनवरी को किया जाएगा। खास बात यह है कि इसके ठीक पांच दिन बाद अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह होना है। जगन्नाथ मंदिर उन चार प्रमुख धामों में से एक है, जहां हर हिंदू को जाने की सलाह दी जाती है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बहन देवी सुभद्रा और बड़े भाई महाप्रभु बलभद्र की पूजा पुरी में जाती है। मंदिर में हालांकि कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन जगन्नाथ मंदिर की चारदीवारी के 75 मीटर के कॉरिडोर के भीतर के क्षेत्र को विकसित किया गया है। 

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37 हजार करोड़ की इस परियोजना में कई उप-परियोजनाएं शामिल हैं। जिनमें श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन भवन का पुनर्विकास, 600 लोगों की क्षमता वाला श्री मंदिर स्वागत केंद्र, जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र, बदडांडा हेरीटेज स्ट्रीट स्केप, समुद्र तट विकास, पुरी झील और मूसा नदी पुनरुद्धार योजना शामिल हैं। 

पुरी शहर इन दिनों एक नया रूप धारण कर रहा है। पुजारी और स्थानीय लोग इस भव्य कार्यक्रम को देखने के लिए उत्साहित हैं। मंदिर की सेवा में कई पीड़ियों से शामिल भक्तों और पुजारियों ने इसके बारे में बात की। अपनी पत्नी और बेटी के साथ मंदिर के प्रवेश द्वार पर खड़े विकास सक्सेना बताते हैं, हम पुरी कई बार आते हैं। पिछले सा भी हमने वहां का दौरा किया था। हमें महाप्रभु में बहुत भरोसा है। इस साल मंदिर का रुख बदल गया है। यह सुंदर लग रहा है। 

उनकी पत्नी ने कहा, मंदिर पूरी तरह से अलग दिखाई दे रहा है। पहले बहुत सारी दुकानें थीं और परिक्रमा के दौरान हमें समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब इलाके को साफ कर दिया गया है। मंदिर की सुंदरता बढ़ गई है।  

अक्सर आने वाले कई भक्तों ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं। दिल्ली से आए रवि (25 वर्षीय) ने कहा, लोगों की जगन्नाथ पुरी में गहरी आस्था है। वे दुनिया के हर हिस्से से आते हैं। रथ यात्रा के दौरान यह संख्या बढ़कर लाखों में पहुंच जाती है। लेकिन, पहले रास्ता बहुत संकरा था, यह बहुत कठिन था और अब मुझे लगता है कि लोग आसानी से प्रभु से प्रार्थना कर पाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल रथ यात्रा में करीब सत्रह लाख लोगों ने हिस्सा लिया था।  

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