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तमिलनाडु: समाज सुधारक पेरियार की मूर्ति को तोड़ने के आरोप में हिंदू संगठन के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार
Tue, 11 Jan 2022 02:55 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, कोयंबटूर
पीटीआई, कोयंबटूर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 11 Jan 2022 02:55 PM IST
सार
पुलिस के मुताबिक, पेरियार की यह आदमकद प्रतिमा वर्ष 2005 में लगाई गई थी। प्रतिमा को विरूपित करने के बाद ही आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग तेज हो गई थी।
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समाज सुधारक पेरियार ईवी रामासामी
- फोटो : ANI
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विस्तार
तमिलनाडु के कोयंबटूर में समाज सुधारक पेरियार ईवी रामासामी की प्रतिमा को विरूपित करने के आरोप में हिंदू मुन्नानी संगठन के दो कार्यकर्ताओं को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि दोनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। दोनों पर पेरियार की प्रतिमा को जूता पहनाने का आरोप है।
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प्रतिमा तोड़ने के बाद तनाव
समाज सुधारक पेरियार ईवी रामासामी की आदमकद प्रतिमा के अपमान के बाद वेल्लौर के बाहरी क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव उत्पन्न हो गया। पुलिस के मुताबिक, शरारती तत्वों ने कुछ जूते एकत्र कर उन्हें माला की तरह बना प्रतिमा के गले में डाल दिया था। प्रतिमा के सिर पर भगवा रंग लगा दिया गया था।
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सीसीटीवी फुटेज से धराए दोनों आरोपी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आस-पास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से एकत्र किए गए फुटेज की पुष्टि करने के बाद, पुलिस ने अपराध में शामिल दो लोगों की पहचान करने में कामयाबी हासिल की और अरुण कार्तिक और मोहन राज को हिंदू मुन्नानी के वार्ड पदाधिकारी के रूप में गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने अपराध कबूल कर लिया जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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कौन हैं पेरियार
समाज सुधारक पेरियार को ‘द्रविड़ आंदोलन’ का जनक माना जाता है। पेरियार के अनुयायियों ने 15 अगस्त, 1947 को काले झंडे लेकर ‘शोक दिवस’ मनाया था। चेन्नई में भी पेरियार की पार्टी के लोग काले कपड़े पहन कर निकले थे। उनका कहना था कि ये आज़ादी ‘सच्ची’ नहीं है।