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केरल की मस्जिद में विवाह रचाकर हिंदू जोड़े ने कायम की मिसाल, सीएम ने दी बधाई
Mon, 20 Jan 2020 02:04 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 20 Jan 2020 02:04 AM IST
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केरल की मस्जिद में हिंदू जोड़ा विवाह रचाते हुए
- फोटो : एएनआई
एक ओर देश में जहां नागरिकता कानून को लेकर हिंदू मुस्लिम के बीच खाई पैदा करने की कोशिश की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर उन्माद के इस माहौल में एक हिंदू जोड़े ने विवाह रचाकर मिसाल कायम की है। इस जोड़े ने धार्मिक, सामाजिक बंधनों की बेड़ियों को तोड़कर आपसी नफरत पैदा करने वालों को भाईचारे का संदेश दिया है।
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बताया गया कि मस्जिद में हुई इस विवाह में मंत्र पढ़े गए और जोड़े ने आग के समक्ष सात फेरे लिए। दुलहन अंजू और दूल्हे शरत ने एक-दूसरे को माला पहनाई। मस्जिद परिसर में मौजूद पंडित ने विधि-विधान से दोनों की शादी करवाई।
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Kerala: A Hindu couple tied knot at Cheruvally Muslim Jamaat mosque in Alappuzha's Kayamkulam, today. After the girl's mother was unable to raise money for the wedding, the mosque committee decided to help her and the marriage was performed as per Hindu rituals. pic.twitter.com/Fnzb7eBQUf
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 19, 2020
दरअसल यह केरल के अलप्पुझा कयाकमुलम का मामला है। जहां अंजू की मां शादी के लिए पैसे जुटाने में असमर्थ थी जिसके बाद मस्जिद समिति ने उसकी मदद करने का फैसला किया और मस्जिद में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कराई गई।
चेरुवल्ली जमात समिति के सचिव नुजुमुद्दीन अलुम्मूट्टील ने कहा कि शादी के लिए मस्जिद समिति ने यादगार के तौर पर दस सोने की उपहार और दो लाख रुपये देने भी दिया गया। शादी हिंदू परंपरा से हुई और इस शादी में करीब एक हजार लोगों के खाने का इंतजाम किया था।
नुजुमुद्दीन ने बताया कि साल 2018 में पिता अशोकन की मौत के बाद और परिवार के हालात और खराब हो गए। उन्होंने कहा कि परिवार के सबसे छोटे बच्चे की पढ़ाई के लिए मैंने निजी तौर पर मदद की है। इस बार मस्जिद समिति से मदद की अपील की गई थी और शादी का खर्च भी बहुत ज्यादा है, इसलिए समिति ने मदद करने का फैसला किया था।
उधर केरल के सीएम पिनरई विजयन ने भी अपने फेसबुक पर पोस्ट की। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को बधाई देने के साथ-साथ लोगों को भी बधाई दी। उन्होंने आगे लिखा,'केरल ने हमेशा से ही सांप्रदायिक सौहार्द्र के शानदार उदाहरण पेश किए हैं। यह शादी उस वक्त हुई है, जब धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है। केरल एक है और हमेशा एक रहेगा।'