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Assam: मिया समुदाय पर टिप्पणी मामले में CM सरमा पर केस; गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी की कोर्ट में पेशी

Mon, 17 Jul 2023 06:59 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 17 Jul 2023 06:59 PM IST
सार

Assam: राज्यसभा सांसद अजीत कुमार भुइयां ने मिया समुदाय पर की गई टिप्पणी को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। भुइयां ने कहा, पहले देखेंगे कि पुलिस क्या करती है, फिर उसके बाद आगे की कार्रवाई पर सोचेंगे।

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Himanta's 'Miya' remarks: RS MP files police complaint, Assam TMC writes to CJI
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : एएनआई

विस्तार

राज्यसभा सांसद अजीत कुमार भुइयां ने मिया समुदाय पर की गई टिप्पणी को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। भुइयां ने कहा, पहले देखेंगे कि पुलिस क्या करती है, फिर उसके बाद आगे की कार्रवाई पर सोचेंगे। इसके अलावा सीपीआई (एम) ने भी सरमा के खिलाफ धार्मिक समुदायों के बीच विभाजन और तनाव पैदा करने के लिए एक उद्देश्य के साथ सांप्रदायिक आधार पर नफरत भरे भाषण देने के आरोपों के साथ लतासिल पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी की शिकायत पर राज्य सचिव सुप्रकाश तालुकदार और केंद्रीय समिति के सदस्य इशफाकुर रहमान के हस्ताक्षर हैं।

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इससे पहले भुइयां की ओर से दिसपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई प्राथमिकी में कहा गया है, मुख्यमंत्री सरमा ने ऊपरी असम क्षेत्र के लोगों को गुवाहाटी आने के लिए कहा और उस स्थिति में वह गुवाहाटी को मियास से खाली करा देंगे। प्रत्यक्ष तौर पर इस तरह के बयान राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने और राष्ट्रीय एकता के लिए स्पष्ट रूप से प्रतिकूल हैं।
 

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राज्यसभा सदस्य अजीत भुइयां ने 'अमर उजाला' से कहा, हेड स्पीच पर उच्चतम न्यायालय का स्पष्ट फैसला है। लेकिन, असम के मुख्यमंत्री लगातार असम में समुदायों में नफरत फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, जिस तरह से मुख्यमंत्री सरमा सार्वजनिक रूप से एक समुदाय पर हमला कर रहे हैं, यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सीधा-सीधा उल्लंघन है। 
 

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उन्होंने कहा, मैंने आज उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। देखते हैं पुलिस क्या एक्शन लेती है। उसके बाद सोचेंगे कि क्या करना है।  उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को संज्ञान में लाते हुए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए, 153बी और धारा 295ए के तहत मामला दर्ज करने और मामले की जांच करने और कार्रवाई करने का अनुरोध किया है ताकि राज्य में शांति भंग न हो।

टीएमसी ने सीजेआई को लिखा पत्र
असम टीएमसी के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को लिखे एक पत्र में मिया समुदाय के खिलाफ दिए गए नफरत भरे भाषण के लिए सरमा के खिलाफ कार्रवाई करने और असम सरकार के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए अवमानना कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि सरमा का बयान न केवल लोगों के एक वर्ग को भड़का सकता है, बल्कि सांप्रदायिक घृणा भी भड़का सकता है। पूर्व राज्यसभा सदस्य बोरा ने दलील दी कि असम सरकार को इस संबंध में मामला दर्ज करने के लिए कदम उठाना चाहिए था।

बारपेटा की अदालत में पेश हुए मेवाणी
गुजरात कांग्रेस के विधायक जिग्नेश मेवाणी हिरासत के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी पर कथित हमले से संबंधित मामले में सोमवार को बारपेटा जिले की एक स्थानीय अदालत में पेश हुए। रविवार रात असम पहुंचे मेवाणी बारपेटा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए।

मेवाणी के वकील बिलाल हुसैन ने पीटीआई को बताया कि वह पेश होने के समन के जवाब में आए हैं। वह कुछ वजहों से पिछली तारीख पर पेश न हो सके थे। उन्होंने कहा, 'पहली सुनवाई के लिए पांच अगस्त की तारीख तय की गई है।' अदालत के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए मेवाणी ने कहा, 'आज अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस है और मुझे उम्मीद है कि मेरे मामले में न्याय होगा।'
 

उन्होंने कहा, 'भले ही यह मनगढ़ंत मामला है, चूंकि कानूनी कार्यवाही चल रही है, मैं इसके साथ आगे बढ़ूंगा।' कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें 'झूठे, तुच्छ, मनगढ़ंत मामले' से निशाना बनाया जा रहा है। यह मामला पिछले साल अप्रैल में एक महिला पुलिस अधिकारी पर कथित हमले से जुड़ा है जब वह अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेवाणी को गुवाहाटी हवाई अड्डे से कोकराझार ले जा रही थीं।

असम में दो और जगह हुई सीएम के खिलाफ शिकायत
इसी मामले में असम संख्यालघु संग्राम परिषद ने भी असम के जो जिलों में असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए शिकायत दी है। परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद अली खलिफा ने बताया कि परिषद के दो जिला कमेटी ने नगांव और दरंज जिले में मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआरआई के लिए शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि हमने शिकायत के साथ सुप्रीम कोर्ट के हेट स्पीच पर दिए गिए निर्देश की कॉपी भी लगाई है। अभी मामला दर्ज करने का इंतजार कर रहे हैं। अगर मामला दर्ज नहीं हुआ तो हम कोर्ट जाएंगे।

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