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Assam: हिमंत बिस्वा सरमा बोले- धुबरी में अशांति फैलाने वालों पर गोली चलाने का आदेश जारी, अवैध कब्जों पर सख्ती

Tue, 26 Aug 2025 10:39 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोकराझार/ गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोकराझार/ गुवाहाटी Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 26 Aug 2025 10:39 PM IST
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Himanta Biswa Sarma, order issued to shoot at those create unrest in Dhubri, action against illegal occupation
हिमंत बिस्वा सरमा, सीएम, असम - फोटो : ANI
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ़ कहा है कि राज्य में मंदिरों को नुकसान पहुंचाने या साम्प्रदायिक तनाव फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि धुबरी जिले में सक्रिय कुछ समूहों की गतिविधियों को देखते हुए देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया गया है और अब तक इसे वापस नहीं लिया गया है। सीएम ने चेतावनी दी, 'अगर कोई धुबरी में अशांति फैलाने या धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसके लिए गंभीर परिणाम होंगे।'
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'1971 से पहले आए लोगों से कोई दुश्मनी नहीं'
सीएम सरमा ने कहा कि असम में 1971 से पहले आए सभी लोगों को भारतीय माना गया है। उन्होंने कहा, 'हमने अदालत में हलफनामा दिया है कि जो लोग 1971 से पहले आए, वे भारतीय हैं। उनसे हमें कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन इसके बाद भी लगातार घुसपैठ हुई है और यही असम के लिए सबसे बड़ा खतरा है। वोटर लिस्ट को देखिए- 1972 में धुबरी और बिलासीपाड़ा कैसे थे और आज कैसे हो गए हैं। यही असम की जनसांख्यिकीय समस्या है।' उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार को ही 26 लोगों को वापस भेजा गया है।
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अवैध कब्जों पर सीएम ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री ने हाल ही में चले भूमि और जंगल खाली कराने के अभियान पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों को हटाया गया, जिनमें से कई बंगाली-भाषी मुस्लिम समुदाय, जिन्हें आम बोलचाल में मिया कहा जाता है, से आते हैं। सीएम सरमा ने आगे कहा कि 'कुछ लोगों ने 200 से 300 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा था। यानी 8 से 9 एकड़! सोचिए, अगर कोई गरीब परिवार 1-2 कट्ठा जमीन पर झोपड़ी बनाता, तो लोगों को गुस्सा नहीं आता। लेकिन जब कोई सैकड़ों बीघा जंगल हड़प लेता है, तो यह जनता को क्यों नहीं खलेगा?' उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर कब्जे देखकर उनका सिर चकरा गया और उन्हें लगा जैसे मुख्यमंत्री पद छोड़कर वहीं फार्महाउस बनाकर रहने लगें।


पर्यावरण और जंगलों की चिंता
सीएम ने कहा कि जंगल काटकर जमीन हड़पना सिर्फ असम के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा, 'आज जो गर्मी असहनीय हो गई है, उसकी वजह यही है कि जंगल बर्बाद हो गए। यह गर्मी सिर्फ हम नहीं, मिया लोग भी झेल रहे हैं।' उन्होंने याद दिलाया कि गुवाहाटी में जब दिगलिपुखुरी झील के पास एक पेड़ काटा गया था तो बहुत विरोध हुआ था, लेकिन जंगलों में हजारों पेड़ काटे गए, तब कोई आवाज नहीं उठी।

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BTC चुनाव को लेकर सीएम में आत्मविश्वास
बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) चुनावों पर भी सीएम सरमा ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि जुलाई से अब तक भाजपा ने 35 रैलियां की हैं और जनता का रुझान साफ है। 'पिछली बार हम 24 सीटों पर लड़े थे, इस बार उससे ज्यादा सीटों पर लड़ेंगे। उम्मीदवारों की घोषणा 30 या 31 अगस्त को की जाएगी।'
 
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