हिमाचल में कायम है पीएम मोदी का जलवा, जवाबों से जनता गदगद
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हिमाचल चुनाव कवर करने के दौरान अमर उजाला ने विभिन्न जिलों में पीएम मोदी और उनके कार्यों पर जनता की राय जानी। अधिकांश जनता का भरोसा पीएम मोदी में बरकरार नजर आया, बल्कि उल्टा लोग पीएम के साथ हमदर्दी जताते नजर आए।
ऊना से पंद्रह किलोमीटर दूर के गांव पंजावर निवासी चरनजीत सिंह मनकोटिया ने पीएम मोदी के बारे में पूछने के बाद कहा कि बेचारा छड़ा है, न आराम कर रहा है न करने दे रहा है। और न चोरी करता है, न करने देता है।
मोदी भक्त होने के अमर उजाला के आरोप पर मनकोटिया ने कहा कि मैं 1996 में सेना से सेवानिवृत्त हुआ, तब मेरी पेंशन मात्र 3000 रुपये थी लेकिन वन रैंक वन पेंशन लागू होने के बाद से आज पेंशन 22000 रुपये हो गई है। जनवरी तक 3 से 4 हजार रुपये और बढ़ जाएगी।
मोदी के नहीं तो किसके गुण गाऊंगा। इसी गांव में रहने वाले वायु सेना से सेवानिवृत्त चंदन सिंह का कहना है कि वे मोदी जी की कार्यक्षमता के कायल हैं। देश के लिए ये बेस्ट पीएम हैं, ऐसा पीएम न हुआ और न होगा।
महिलाएं भी हैं मोदी की कायल
संध्या कहती हैं कि पीएम मोदी देश के लिए सोचते हैं और देश के लिए उन्होंने अपना घर बार तक छोड़ दिया है। महिलाओं की भलाई के लिए उन्होंने कदम उठाए हैं। ऊना की तृषा का कहना है कि आम महिलाओं के बीच पीएम को लेकर भावना बढ़िया है।
गैस के दाम जरूर बढ़े हैं, लेकिन इससे देश की भलाई होगी। धर्मशाला की फुरबू टोलमा वैसे तो तिब्बती हैं और भारत की मतदाता भी नहीं हैं, मगर पीएम मोदी की कार्यशैली की कायल हैं। कहती हैं कि मोदी की कम्युनिकेशन स्किल सभी नेताओं से बेहतर है।
युवाओं पर जादू बरकरार
मोदी की रैली में उमड़ रही युवाओं की भीड़ यह जता रही है कि इस वर्ग में उनका जादू अब भी बरकरार है। कांगड़ा के शाहपुर विधानसभा निवासी तिलक राज एक टेलीकॉम कंपनी में काम करते हैं। मोदी रैली में सब आ रहे थे, तो वो भी चले आये।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने युवाओं के लिये बेशक अभी कुछ खास नहीं किया है, मगर भाजपा में भ्रष्टाचार नहीं है। इसी विधानसभा क्षेत्र के घरोह निवासी सचिन राणा ने कहा कि वो सिर्फ मोदी को सुनने आए हैं। अभी उन्होंने कॉलेज पूरा किया है।
पहली बार वोट करेंगे और किसे करेंगे ये तय कर लिया है। वैसे मोदी सरकार की पॉलिसीज का रिजल्ट अभी नहीं आया है, मगर परिणाम बेहतर होंगे। राणा ने जीएसटी के कदम को महत्वपूर्ण करार दिया।
ऊना के गौरव का कहना है कि मोदी जी का कोई मुकाबला नहीं है। देश का युवा सुरक्षित हाथों में है। सरकार के कामकाज जमीन पर न नजर आने के आरोपों पर गौरव ने कहा कि 60 साल के बचे काम तीन साल में नहीं हो सकते हैं। पीएम को कुछ तो समय देना पड़ेगा।
पीएम के जवाबों से प्रभावित नजर आए व्यापारी
मैदान के आसपास बने मकानों की छतों तक पर लोग भारी संख्या में सवार थे। दवा सप्लाई का व्यापार कर रहे ऊना के राजेश ठाकुर पीएम मोदी की रैली में खुद से गए थे। ठाकुर का कहना है कि पीएम का भाषण सुनकर विश्वास हो गया कि देश सुरक्षित हाथों में है।
उन्होंने बताया कि पीएम की वह बात उनके दिल को छू गई कि उन्होंने योजनाओं की लीकेज रोककर देश का 58हजार करोड़ रुपया बिचौलियों के हाथ में जाने से रोका। इसके अलावा पीएम ने जीएसटी को लेकर चल रहीं गलतफहमियों को भी विस्तार से समझा कर दूर किया।
ऊना में ही कंप्यूटर केंद्र चलाने वाले मनीष कुमार का नोटबंदी और जीएसटी सरीखे कदम पर कहना है कि देश को शीर्ष पर ले जाने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ते हैं। मुझे मोदी की नीयत पर शंका नहीं है। मैं देश के लिए दवा की कड़वी घूंट भी पीने को तैयार हूं।