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हिमाचल में वीरभद्र ने खूब काम कराए, हमें प्रचार की जरूरत नहींः सुशील शिंदे
हरेन्द्र सिंह मोरल, अमर उजाला डॉट कॉम के लिए
Updated Sun, 05 Nov 2017 04:15 PM IST
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sushil shinde
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हिमाचल प्रदेश का विधानसभा चुनाव प्रचार अंतिम दौर मे है, ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने परिणामों को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा की ओर से जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल में जोरदार प्रचार करते हुए दो दिनों में आधा दर्जन रैलियों को संबोधित किया, वहीं पार्टी के दर्जनभर स्टार प्रचारक जगह-जगह चुनावी कमान संभाले हुए हैं। हिमाचल चुनावों का जिम्मा खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने हाथों में ले रखा है। दूसरी ओर सत्तारूढ़ कांग्रेस की ओर से ये जिम्मेदारी है पार्टी के वयोवृद्ध नेता सुशील कुमार शिंदे पर।
पूर्व गृहमंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे शिंदे 76 की उम्र में भी पूरे जोशो-खरोश के साथ अपनी टीम को लेकर शिमला में डेरा डाले हुए हैं। कांग्रेस की ओर से शिंदे को ही हिमाचल चुनाव का प्रभारी बनाया गया है। वह अभी तक राज्य की 30 से ज्यादा सीटों पर दर्जनों गांवों का दौर कर पार्टी की तैयारियों का जायजा ले चुके हैं।
चुनावों की तैयारियों और पार्टी की रणनीति पर चर्चा को लेकर अमर उजाला डॉटकॉम की टीम ने शिंदे के होटल में उनसे मुलाकात की। इस दौरान मृदुल स्वभाव के शिंदे ने तमाम मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे।
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ये भी पढ़े: पीएम बोले- देश में हिमाचल का डंका बजाना है तो भाजपा को बहुमत से जिताएं
बातों का सिलसिला शुरू हुआ तैयारियों से, जिस पर शिंदे का कहना था कि पार्टी की तैयारियां यहां काफी बढ़िया है। खुद उन्होंने राज्य की 29 से 30 सीटों पर सड़क मार्ग से यात्रा कर तैयारियों का जायजा लिया है। इस दौरान लोग मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के काम से काफी संतुष्ट नजर आए।
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पूर्व गृहमंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे शिंदे 76 की उम्र में भी पूरे जोशो-खरोश के साथ अपनी टीम को लेकर शिमला में डेरा डाले हुए हैं। कांग्रेस की ओर से शिंदे को ही हिमाचल चुनाव का प्रभारी बनाया गया है। वह अभी तक राज्य की 30 से ज्यादा सीटों पर दर्जनों गांवों का दौर कर पार्टी की तैयारियों का जायजा ले चुके हैं।
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चुनावों की तैयारियों और पार्टी की रणनीति पर चर्चा को लेकर अमर उजाला डॉटकॉम की टीम ने शिंदे के होटल में उनसे मुलाकात की। इस दौरान मृदुल स्वभाव के शिंदे ने तमाम मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे।
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बातों का सिलसिला शुरू हुआ तैयारियों से, जिस पर शिंदे का कहना था कि पार्टी की तैयारियां यहां काफी बढ़िया है। खुद उन्होंने राज्य की 29 से 30 सीटों पर सड़क मार्ग से यात्रा कर तैयारियों का जायजा लिया है। इस दौरान लोग मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के काम से काफी संतुष्ट नजर आए।
हिमाचल में कांग्रेस की क्या संभावनाएं हैं
सुशील कुमार शिंदे
प्रचार के मामले में भाजपा से पीछे रहने के सवाल पर शिंदे बोले- हमें इसकी जरूरत भी नहीं है, हम जनता के बीच रहकर काम करने वाले लोग हैं। खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी पिछले पांच सालों में हर गांव का तीन-तीन बार दौरा कर चुके हैं।
प्रेम कुमार धूमल को भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने को कांग्रेस किस नजर से देखती है इस सवाल पर पूर्व गृहमंत्री ने मुस्कुरा कर जवाब दिया। बोले- इससे तो कांग्रेस को काफी फायदा हुआ है। भाजपा में जिस तरह से तीन तीन चेहरे मुख्यमंत्री की दौड़ में थे उससे बाकी को झटका लगा है। तंज कसते हुए बोले, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, स्थानीय भूमिपुत्र भी हैं ऐसे में टिकट न मिलने से उनके समर्थकों में भी मायूसी है।
यही हाल पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के समर्थकों का है जो अपने नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानकर चल रहे थे। इसका असर पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं पर भी पड़ेगा, जो अपने नेता को टिकट न मिलने से मायूस भी हो सकते हैं।
कांग्रेस के बैनर पोस्टरों में भाजपा के स्थानीय नेताओं की बजाय प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाया गया है आखिर ऐसा क्यों? इस सवाल पर शिंदे का कहना था कि जनता से झूठे वादे भी तो केंद्र सरकार ने किए हैं। नोटबंदी और जीएसटी पर जिस तरह उन्होंने आम जनता को ठगा है उसका हिसाब भी तो उन्हें देना होगा।
ये भी पढ़ें: हिमाचल में अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में अकेले जूझ रहे हैं वीरभद्र
हिमाचल में कांग्रेस की क्या संभावनाएं हैं, इस सवाल पर बिना देर किए शिंदे बोले- बढ़िया संभावना हैं आप देख लीजिए हम सरकार बनाएंगे। इसके संकेत भी मिलने शुरू हो गए हैं। महाराष्ट्र के नांदेड में नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की तो पंजाब में लोकसभा के उपचुनाव में जाखड़ ने भाजपा को भारी अंतर से मात दी। मृदुल स्वभाव के शिंदे कुछ मुद्दों को लेकर मीडिया से भी नाराज दिखे, बोले- मीडिया को ऐसी छोटी छोटी कामयाबियों को पर्याप्त जगह देनी चाहिए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हिमाचल चुनावों पर कम ध्यान देने के सवाल पर शिंदे ने फिर सफाई दी।
कहा- हिमाचल में स्थिति हमारे पक्ष में है और गुजरात में पार्टी भाजपा विरोधी लहर का फायदा उठाना चाहती है इसलिए केंद्रीय नेतृत्व वहां विशेष ध्यान दे रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है कि हिमाचल को हम हलके में ले रहे हैं। पार्टी के कई बड़े नेता यहां प्रचार कर चुके हैं, सचिन पायलट आ चुके हैं, राहुल जी भी एक रैली कर चुके हैं उनकी एक रैली और होनी है, शीला दीक्षित भी आने वाली हैं।
प्रेम कुमार धूमल को भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने को कांग्रेस किस नजर से देखती है इस सवाल पर पूर्व गृहमंत्री ने मुस्कुरा कर जवाब दिया। बोले- इससे तो कांग्रेस को काफी फायदा हुआ है। भाजपा में जिस तरह से तीन तीन चेहरे मुख्यमंत्री की दौड़ में थे उससे बाकी को झटका लगा है। तंज कसते हुए बोले, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, स्थानीय भूमिपुत्र भी हैं ऐसे में टिकट न मिलने से उनके समर्थकों में भी मायूसी है।
यही हाल पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के समर्थकों का है जो अपने नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानकर चल रहे थे। इसका असर पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं पर भी पड़ेगा, जो अपने नेता को टिकट न मिलने से मायूस भी हो सकते हैं।
कांग्रेस के बैनर पोस्टरों में भाजपा के स्थानीय नेताओं की बजाय प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाया गया है आखिर ऐसा क्यों? इस सवाल पर शिंदे का कहना था कि जनता से झूठे वादे भी तो केंद्र सरकार ने किए हैं। नोटबंदी और जीएसटी पर जिस तरह उन्होंने आम जनता को ठगा है उसका हिसाब भी तो उन्हें देना होगा।
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हिमाचल में कांग्रेस की क्या संभावनाएं हैं, इस सवाल पर बिना देर किए शिंदे बोले- बढ़िया संभावना हैं आप देख लीजिए हम सरकार बनाएंगे। इसके संकेत भी मिलने शुरू हो गए हैं। महाराष्ट्र के नांदेड में नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की तो पंजाब में लोकसभा के उपचुनाव में जाखड़ ने भाजपा को भारी अंतर से मात दी। मृदुल स्वभाव के शिंदे कुछ मुद्दों को लेकर मीडिया से भी नाराज दिखे, बोले- मीडिया को ऐसी छोटी छोटी कामयाबियों को पर्याप्त जगह देनी चाहिए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हिमाचल चुनावों पर कम ध्यान देने के सवाल पर शिंदे ने फिर सफाई दी।
कहा- हिमाचल में स्थिति हमारे पक्ष में है और गुजरात में पार्टी भाजपा विरोधी लहर का फायदा उठाना चाहती है इसलिए केंद्रीय नेतृत्व वहां विशेष ध्यान दे रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है कि हिमाचल को हम हलके में ले रहे हैं। पार्टी के कई बड़े नेता यहां प्रचार कर चुके हैं, सचिन पायलट आ चुके हैं, राहुल जी भी एक रैली कर चुके हैं उनकी एक रैली और होनी है, शीला दीक्षित भी आने वाली हैं।