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Asaduddin Owaisi on Hijab: AIMIM नेता बोले- मैं इस फैसले से सहमत नहीं, यह मेरा हक है
Tue, 15 Mar 2022 06:43 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 15 Mar 2022 06:43 PM IST
सार
ओवैसी ने कहा कि, मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं और यह मेरा हक है। मुझे उम्मीद है कि याचिकाकर्ता इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि, राज्य को धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप की अनुमति केवल तभी दी जानी चाहिए, जब उससे किसी को नुकसान पहुंचे।
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एआईएमआईएम चीफ ओवैसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर एआईएमआईएम प्रमुख व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि, मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं और यह मेरा हक है। मुझे उम्मीद है कि याचिकाकर्ता इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
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ओवैसी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा कि इस फैसले ने धर्म, संस्कृति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों को प्रतिबंधित कर दिया है। इसलिए मुझे यह भी उम्मीद है कि सिर्फ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ही नहीं अन्य धार्मिक संगठन भी इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।
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मुसलमान के लिए हिजाब इबादत का हिस्सा
ओवैसी ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है कि, व्यक्ति को विचार,अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था का अधिकार है। अगर मेरा यह विश्वास है कि मेरे लिए सिर को ढंकना आवश्यक है तो मुझे इसे व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि, एक धर्मनिष्ठ मुसलमान के लिए हिजाब इबादत का हिस्सा है।
हिजाब किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि, राज्य को धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप की अनुमति केवल तभी दी जानी चाहिए, जब उससे किसी को नुकसान पहुंचे। हिजाब से किसी को नुकसान नहीं पहुंचता है। बल्कि, इस पर प्रतिबंध मुस्लिम महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने से रोकता है।