भाजपा की दूसरी सूची की बड़ी बातें: बीड़ में बहन की जगह पंकजा को मौका, मैसूर से पूर्व राजघराने के राजा को टिकट
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भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची भी जारी कर दी है। इस सूची में कुल 72 नाम हैं। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों को टिकट थमाया है। भाजपा उम्मीदवारों की सूची में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नाम है।
इससे पहले 2 मार्च को भाजपा की पहली सूची में 195 नामों का एलान किया गया था। 34 केंद्रीय व राज्य मंत्रियों का नाम पहली सूची में था। पहली सूची में 28 महिलाओं को भी मौका दिया गया था।
आइये जानते हैं कि दूसरी सूची में किन बड़े चेहरों को मौका मिला है...
तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को टिकट
भाजपा की पहली सूची में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देव को लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया था। पहली सूची की तरह इस सूची में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को टिकट दिया गया है। 24 घंटे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने वाले मनोहर लाल खट्टर करनाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसी तरह उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हरिद्वार लोकसभा सीट से मैदान में उतरेंगे। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई भी चुनाव लड़ेंगे। बोम्मई को हावेरी सीट से टिकट दिया गया है। 2019 में यहां से शिवकुमार उदासी जीते थे।
गडकरी फिर से नागपुर सीट से लड़ेंगे चुनाव
भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नाम नहीं था। तब से ही उनके टिकट कटने को लेकर अटकलें लग रहीं थीं। शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तो उन्हें अपनी पार्टी से टिकट देने तक का ऑफर दे दिया था। हालांकि, दूसरी सूची में गडकरी का भी नाम है। गडकरी अपनी परंपरागत नागपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के शहर उज्जैन की लोकसभा सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं होने पर मौजूदा सांसद अनिल फिरोजिया का टिकट कटने की अटकलें थीं। दूसरी सूची में पार्टी ने उनको फिर से टिकट दे दिया है। इसी तरह इंदौर सीट से शंकर लालवानी को भी फिर से उम्मीदवार बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी इस बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। गोयल 2010 से लगातार तीन बार राज्यसभा जा चुके हैं। इस बार उनका राज्यसभा कार्यकाल 2028 में समाप्त होना है। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें इस बार चुनाव मैदान में उतारा है। गोयल मुंबई उत्तर सीट से मैदान में उतरेंगे। 2019 में यहां से भाजपा के गोपाल शेट्टी जीते थे। उन्होंने फिल्म अभिनेत्री और कांग्रेस उम्मीदवार उर्मिला मातोंडकर को चार लाख 65 हजार से ज्यादा वोट से हराया था।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई राघवेंद्र को शिमोगा सीट से टिकट दिया गया है। राघवेंद्र 2019 में भी यहां से जीते थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे बीड़ सीट से चुनाव लड़ेंगी। 2019 में यहां से पंकजा की बहन प्रीतम मुंडे जीती थीं। पकंजा फडणवीस सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में पंकजा परली सीट से अपने चचेरे भाई और एनसीपी उम्मीदवार धनंजय मुंडे से हार गई थीं।
महाराष्ट्र के कद्दावर नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे सुजय विखे पाटिल को भी अहमदनगर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। सुजय 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल हुए थे। तब पार्टी ने उन्हें यहां से उम्मीदवार बनाया था। सुजय यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। बाद में राधाकृष्ण विखे पाटिल भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
कांग्रेस से आम आदमी पार्टी फिर भाजपा में शामिल हुए अशोक तंवर को भी पार्टी ने टिकट दिया है। तंवर सिरसा लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाए गए हैं। 2019 में इस सीट पर भाजपा की सुनीता दुग्गल जीती थीं। दुग्गल का टिकट कट गया है। इसी तरह करनाल सांसद संजय भाटिया का टिकट कट गया है। उनकी जगह पूर्व सीएम मनोहर लाल उम्मीदवार बनाए गए हैं। अंबाला सीट से पार्टी ने बंतो कटारिया को टिकट दिया है। बंतो 2019 में यहां से जीते रतनलाल कटारिया की पत्नी हैं। रतनलाल का पिछले साल निधन हो गया था। भिवानी महेंद्रगढ़, फरीदाबाद और गुड़गांव लोकसभा सीट पर मौजूदा सांसदों को फिर से टिकट दिया गया है। भिवानी से धर्मबीर सिंह, फरीदाबाद से कृष्णपाल गुर्जर और गुड़गांव से राव इंद्रजीत सिंह उम्मीदवार होंगे।
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को दिल्ली की सभी सात सीटों पर जीत मिली थी। इस बार पार्टी ने यहां के छह सांसदों का टिकट काट दिया है। सिर्फ मनोज तिवारी ही दोबारा मैदान में होंगे। प्रत्याशियों की पहली सूची में पांच नाम थे। शेष दो सीटों पर बुधवार को उम्मीदवारों का एलान हो गया। पूर्वी दिल्ली से गौतम गंभीर की जगह हर्ष मल्होत्रा का टिकट दिया गया है। गंभीर पहले ही चुनाव नहीं लड़ने का एलान कर चुके हैं। इसी तरह उत्तर पश्चिमी दिल्ली से हंसराज हंस की जगह योगेंद्र चंदोलिया को टिकट दिया गया है।
मैसूर लोकसभा सीट से भाजपा ने यदुवीर कृष्णदत्त वाडियार को अपना उम्मीदवार बनाया है। यदुवीर मैसूर राघराने से संबंध रखते हैं। 2019 में यहां से भाजपा के प्रताप सिम्हा जीते थे। सिम्हा का टिकट काट दिया गया है। सिम्हा पिछले साल उस वक्त चर्चा में आए थे जब नए संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगी थी। संसद भवन के अंदर घुसपैठ करने वालों को सिम्हा के सांसद कोटे से ही पास जारी हुए थे।
भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या को फिर से टिकट मिला है। सूर्या बंगलूरू दक्षिण से चुनाव लड़ेंगे।
राव इन्द्रजीत सिंह को हरियाणा के गुरुग्राम से उम्मीदवार बनाया गया है। राव अभी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन और योजना मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी पर हैं। हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर सीट से अनुराग सिंह ठाकुर मैदान में होंगे। अनुराग अभी सूचना एवं प्रसारण और युवा कार्य एवं खेल मंत्री हैं। प्रल्हाद जोशी को कर्नाटक के धारवाड़ से उतारा गया है। प्रल्हाद जोशी संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री हैं। शोभा कारान्दलाजे बंगलूरू उत्तर से चुनाव लड़ेंगी। शोभा कृषि एवं किसान कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री हैं।