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दोहरी मार: महामारी में कोरोना मरीजों से वसूला गया मनमाना शुल्क, सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात
Fri, 08 Oct 2021 10:52 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 08 Oct 2021 10:52 PM IST
सार
याचिकाकर्ता ने मांग थी कि केंद्र को निर्देश जारी किया जाए कि वह राज्य और जिला स्तर पर एक समिति गठित करे, जो मेडिकल बिलों और कोरोना रोगियों और उनके परिवारों से वसूले गए अधिक शुल्क की जांच और ऑडिट करे।
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भारत में कोरोना
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों और डॉक्टरों द्वारा कोविड-19 रोगियों से अधिक शुल्क वसूले जाने से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए एक तंत्र विकसित करेगा। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्न की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी करते हुए कहा कि हम ऐसी शिकायतों से निपटने के लिए एक तंत्र तैयार करेंगे।
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याचिकाकर्ता अभिनव थापर की ओर से पेश अधिवक्ता कृष्ण बल्लभ ठाकुर ने कहा कि महामारी के दौरान मरीजों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई अस्पतालों और डॉक्टरों ने मरीजों से अधिक शुल्क लिया। इस पर पीठ ने कहा कि हम समस्या को समझते हैं। चिंता न करें, हम कुछ करेंगे।
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इस याचिका में अनुरोध किया गया है कि केंद्र को निर्देश जारी किया जाए कि वह राज्य और जिला स्तर पर एक समिति गठित करे, जो मेडिकल बिलों और कोरोना रोगियों और उनके परिवारों से वसूले गए अधिक शुल्क की जांच और ऑडिट करे।
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उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को यह निर्देश देने की भी मांग की कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अस्पतालों और डॉक्टरों को ऐसे मरीजों से लिया गया अधिक शुल्क वापस करने का निर्देश दें। अगर मरीजों की मृत्यु हो गई है तो उनके परिवार के करीबी सदस्य को यह राशि दी जाए।