Railways: वंदे भारत की डिमांड तेज, विपक्षी सांसद सबसे आगे; अब मेमू की जगह छोटे शहरों में दौड़ेंगी ये ट्रेनें
रेलवे में अभी एक लाख 42 हजार नौकरियां दी जा रही हैं। इसके लिए 15 भाषाओं में परीक्षा चल रही ह। रेलवे में नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। पिछले साल रेल वन एप लांच किया था। आज ढ़ाई करोड़ लोग इसे डाउनलोड कर चुका है।
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देशभर में वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की मांग लगातार बढ़ रही है। विपक्षी दलों के सांसद भी अपने क्षेत्रों के लिए इन ट्रेनों की मांग कर रहे हैं। इसी के साथ सरकार 1,033 अमृत भारत और 200 नई इंटरसिटी ट्रेनों के जरिए रेल सेवाओं के विस्तार में जुटी है।
मंगलवार को लोकसभा में रेल मंत्रालय के वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने कहा, रेलवे को पहले 25-30 हजार करोड़ रुपए मिलते थे। लेकिन अब 2 लाख 72 हजार करोड़ रुपए मिल रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दूरदर्शी निर्णय लिया। रेल बजट को आम बजट में मिला दिया। अब रेलवे को रिकॉर्ड बजट मिल रहा है। इसका फायदा देश के हर राज्य को हो रहा है। रेलवे में स्टाफ का खर्च सबसे ज्यादा है। यह करीब एक लाख 19 हजार करोड़ रुपए है। इसके बाद ऊर्जा का खर्चा 32,000 करोड़ है। इसमें इलेक्ट्रिक और डीजल दोनों के खर्च शामिल है। हालांकि डीजल का इस्तेमाल लगातार कम हो रहा है। विद्युतीकरण के कारण रेलवे को 6 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई है।
रेल मंत्री ने कहा, वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की देशभर में जबरदस्त मांग है, यात्री इन्हें पसंद कर रहे हैं। विपक्षी दलों के सांसद वंदे भारत ट्रेन की आलोचना करते है, लेकिन मुझसे मुलाकात के दौरान वही सांसद अपने क्षेत्र में इसकी शुरुआत की मांग करते हैं। नई वंदे भारत ट्रेनों की सबसे ज्यादा मांग विपक्षी सांसदों की ओर से ही आ रही है। रेल मंत्री ने संसद को बताया कि देश में रोजाना 25,571 ट्रेनें चल रही हैं। कुल कोच में आज भी 70 फीसदी हिस्सेदारी जनरल और स्लीपर श्रेणी कोच की है। 2024-25 में एक हजार 250 अतिरिक्ति जनरल कोच लगाए गए है। जबकि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 860 अतिरिक्त कोच लगाए गए है।
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रेलमंत्री ने संसद को जानकारी देते हुए बताया कि 1,033 अमृत भारत ट्रेनों का प्रोडक्शन किया जा रहा है। 200 नई मेमू ट्रेनों को तैयार किया जा रहा है। इन्हें इंटरसिटी नाम दिया जाएगा। ये ट्रेनें छोटे शहरों को आपस में जोड़ेंगी। यह खासतौर पर गरीब व मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए होंगी। रेल मंत्री ने कहा,रेलवे में अभी एक लाख 42 हजार नौकरियां दी जा रही हैं। इसके लिए 15 भाषाओं में परीक्षा चल रही ह। रेलवे में नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। पिछले साल रेल वन एप लांच किया था। आज ढ़ाई करोड़ लोग इसे डाउनलोड कर चुका है। टिकट बुकिंग से लेकर शिकायत तक सभी एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। रेल मंत्री ने कहा,2023-24 में 40 हजार अतिरिक्ति स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है। जबकि 2025-26 में 71 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है। दिवाली-छठ पर 12 हजार 383 ट्रेनें चलाई गई।