फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   High Court seeks govt reply on tourist vehicles blocking tigress' path in Maharashtra sanctuary

Mumbai: बाघिन और उसके बच्चों का रास्ता रोकने वाले मामले पर HC सख्त, राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को नोटिस

Tue, 07 Jan 2025 12:18 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 07 Jan 2025 12:18 PM IST
सार

पर्यटक वाहनों ने 31 दिसंबर को ‘F2’ नाम की बाघिन और उसके पांच शावकों को काफी देर तक घेरे रखा और उसकी फोटो लीं। जब मामला सामने आया तो बॉम्बे हाईकोर्ट गंभीर हो गया और नोटिस जारी कर दिया। 

विज्ञापन
High Court seeks govt reply on tourist vehicles blocking tigress' path in Maharashtra sanctuary
बंबई उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

महाराष्ट्र के नागपुर में उमरेड-पावनी-करहंडला अभयारण्य में पर्यटकों द्वारा एक बाघिन और उसके पांच शावकों का रास्ता रोकने के मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत की नागपुर बेंच ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को नोटिस जारी किया है। 

विज्ञापन


दो दिन का दिया समय 
न्यायमूर्ति नितिन सांबरे और न्यायमूर्ति वृषाली जोशी ने सोमवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर करने का आदेश दिया। साथ ही राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को दो दिन के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है, जिसमें यह बताया जाए कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन


31 दिसंबर की घटना
अदालत अब इस मामले में बुधवार को सुनवाई करेगी। यह घटना 31 दिसंबर 2024 की है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक पर्यटक वाहनों ने 31 दिसंबर को ‘F2’ नाम की बाघिन और उसके पांच शावकों को काफी देर तक घेरे रखा और उसकी फोटो ले रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वन विभाग भी जांच में जुटा
घटना उमरेड-पवानी-करहंडला अभयारण्य के कुछ वन क्षेत्र में गोथनगांव सफारी रूट पर हुई। अखबारों में छपी खबर के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के प्रशासनिक जज नितिन सांबरे ने खुद जनहित याचिका दायर करने का आदेश दिय। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को इस संबंध में बुधवार तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। मामले में नागपुर वन विभाग भी एक आंतरिक जांच करने में जुटा है। 

इन लोगों को किया निलंबित
महाराष्ट्र वन विभाग ने सोमवार को इस घटना में शामिल चार जिप्सी चालकों और गाइड्स को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है और उनकी गाड़ियों पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, प्रकृति गाइड्स पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, इन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया गया है।

घटनाओं को रोकने के लिए बनाई गई समिति
पेंच टाइगर रिजर्व (नागपुर) के उप निदेशक प्रभु नाथ शुक्ला ने बताया कि पर्यटकों ने अभयारण्य के नियमों का उल्लंघन किया, जब उन्होंने बाघिन F-2 और उसके शावकों के रास्ते में कई सफारी वाहनों को घेर लिया। इस घटना में शामिल पर्यटकों को भविष्य में अभयारण्य में आने से हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा, एक समिति भी बनाई गई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय सुझाएगी।


उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को सफारी मार्गों पर नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और प्रकृति गाइड्स और ड्राइवरों के लिए विशेष बैठकें और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि इकोटूरिज्म के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाई जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed