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RG Kar Case: पीड़िता पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में सुनवाई, हाईकोर्ट ने सीबीआई से रिपोर्ट मांगी

Thu, 05 Sep 2024 01:30 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 05 Sep 2024 01:30 PM IST
सार

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए आपत्तिजनक पोस्ट की प्रतियों में पीड़िता की तस्वीर के साथ अश्लील टिप्पणियां की गई हैं, जो समाज के किसी भी सदस्य को स्वीकार्य नहीं हैं।
 

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High Court seeks CBI report on nasty social media posts on RG Kar hospital rape-murder victim
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिया निर्देश - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में देशभर नाराजगी है। वहीं राज्य में हंगामा जारी है। तनाव भरे हालात बने हुए है। इन सबके बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को सीबीआई को 18 सितंबर तक एक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। उसने आरजी कर मामले में सोशल मीडिया पर भडकाऊ पोस्ट के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।

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याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में प्रार्थना की है कि सीबीआई को दुर्भाग्यपूर्ण और क्रूर घटना के संबंध में साइबर अपराधों की जांच करने का निर्देश दिया जाए।
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आपत्तिजनक पोस्ट पर अदालत ने यह कहा
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए आपत्तिजनक पोस्ट की प्रतियों में पीड़िता की तस्वीर के साथ अश्लील टिप्पणियां की गई हैं, जो समाज के किसी भी सदस्य को स्वीकार्य नहीं हैं।
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पोस्ट को ब्लॉक करने का पूछा तरीका
अदालत ने केंद्रीय एजेंसी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अशोक कुमार चक्रवर्ती से पूछा कि क्या वह इस तरह के पोस्ट को ब्लॉक करने का कोई तरीका ढूंढ सकते हैं। 

सीबीआई से शिकायत पर गौर करने को कहा
मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवागनानम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीबीआई कोलकाता के संयुक्त निदेशक को निर्देश दिया कि वह इस तरह के आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मुद्दे पर याचिकाकर्ता द्वारा व्यक्त की गई शिकायत पर गौर करें।

न्यायाधीश भट्टाचार्य वाली पीठ ने सीबीआई के संयुक्त निदेशक या किसी अन्य सक्षम अधिकारी को निर्देश दिया कि वह 18 सितंबर तक इस संबंध में रिपोर्ट दाखिल करें। डॉक्टर के दुष्कर्म-हत्या से संबंधित अन्य याचिकाओं के साथ इस मामले पर फिर से सुनवाई होगी। 


साइबर अपराधों की जांच के लिए कोई अलग विंग नहीं
आदेश लिखे जाने के बाद चक्रवर्ती ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि सीबीआई के पास इस तरह के साइबर अपराधों की जांच के लिए कोई अलग विंग नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निगरानी के लिए राज्य पुलिस की विशेष इकाई है और पश्चिम बंगाल सरकार की साइबर अपराध शाखा को भी अलग से रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाए। अदालत ने कहा कि वह सुनवाई की अगली तारीख पर अनुरोध पर विचार करेगी।

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