{"_id":"599ddc384f1c1bcf018b4628","slug":"high-court-expressed-displeasure-on-investigation-report-of-the-dabholkar-pansare-carnage","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने दाभोलकर-पानसरे हत्याकांड की जांच रिपोर्ट से जताई नाराजगी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
हाईकोर्ट ने दाभोलकर-पानसरे हत्याकांड की जांच रिपोर्ट से जताई नाराजगी
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई
Updated Thu, 24 Aug 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
हाई कोर्ट, मुम्बई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांबे हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पानसरे की हत्या मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि इस मामले में दो आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं।
विज्ञापन
ऐसे तो 120 करोड़ की आबादी सुरक्षित नहीं है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह हत्यारों का पता लगाएं। आखिरकार, फरार आरोपियों को पैसे व दूसरे संसाधन कहा से मिल रहे हैं। सीबीआई दाभोलकर हत्याकांड की जांच कर रही है जबकि एसआईटी पानसरे हत्या की जांच में जुटी है।
विज्ञापन
पढ़ेंः- दाभोलकर हत्या मामले में सीबीआई के रडार पर सारंग अकोलकर
विज्ञापन
दोनों ओर से जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। रिपोर्ट पर गौर करने के बाद न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति विभा कनकनवादी की खंडपीठ ने कहा कि दोनों को पहले से योजना के तहत मारा गया है। जांच एजेंसियों के लिए एक चुनौती है और इसे इसी रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने इशारों में कहा कि देश के कुछ राज्य हैं जहां आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जाकर रहते हैं। ये इलाके अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब हैं। सीबीआई व एसआईटी फरार आरोपियों के रिश्तेदारों के ई-मेल को चेक करें।
पढ़ेंः- दाभोलकर हत्याकांड : तावड़े की गिरफ्तारी से सुलझेंगी कई गुत्थियां
आरोपियों को पैसे व जीवनयापन के दूसरे संसाधन कहा से मिल रहे हैं। इसका पता लगाया जाए। कोई भी शख्स बिना मदद के इतने लंबे वक्त तक छिपकर नहीं रह सकता। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।