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Check Bounce: चेक बाउंस मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली HC का बड़ा कदम, पांच सेवानिवृत्त जजों की नियुक्ति की
Wed, 31 Aug 2022 03:09 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 31 Aug 2022 03:09 PM IST
सार
चेक बाउंस मामलों की सुनवाई के लिए अदालत ने जिन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति एनआई अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतों के पीठासीन अधिकारी के तौर पर की है उनमें राकेश सिद्धार्थ, सी के चतुर्वेदी, सतिंदर कुमार गौतम, चंद्र बोस और राम भगत सिंह शामिल हैं।
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चेक(सांकेतिक)
- फोटो : Social Media
विस्तार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत चेक बाउंस के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालतों के पीठासीन अधिकारी के तौर पर पांच रिटायर्ड जजों की नियुक्ति की है। उच्च न्यायालय द्वारा मंगलवार को जारी प्रशासनिक आदेश के मुताबिक यह नियुक्ति इस साल 19 मई को उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत की गई है। अदालत ने जिन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति एनआई अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतों के पीठासीन अधिकारी के तौर पर की है उनमें राकेश सिद्धार्थ, सी के चतुर्वेदी, सतिंदर कुमार गौतम, चंद्र बोस और राम भगत सिंह शामिल हैं। आदेश के मुताबिक, यह नियुक्ति एक सितंबर से प्रभावी होगी।
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इन पांच क्षेत्रों की मिली जिम्मेदारी
इन पांच रिटायर्ड जजों को दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण -पश्चिम, मध्य और नयी दिल्ली जिलों के न्यायाधिकार क्षेत्र की सुनवाई अदालतों में नियुक्त किया जाएगा। कार्यालय आदेश में कहा गया है कि संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट-1881 की धारा- 138 के तहत इस अदालत (उच्च न्यायालय) द्वारा पूर्व में जारी निर्देश और 19 मई को उच्चतम न्यायालय द्वारा वर्ष, 2020 में लिए गए स्वत: संज्ञान रिट (आपराधिक) संख्या-2 में जारी निर्देश के तहत लंबित मामलों को मौजूदा अदालतों से एनआई अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतों में स्थानांतरित करेंगे।
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