कर्नाटक में तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात, यूपी समेत कई राज्यों में तूफान की संभावना
कर्नाटक में जहां एक तरफ बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं वहीं दूसरी तरफ अन्य राज्यों में गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान और मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप ऐसे ही जारी रहेगा। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों कर्नाटक, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कल भारी बारिश हो सकती है।
Heat wave conditions are very likely to continue over West Rajasthan & MP. Heavy rain very likely at isolated places over Coastal Karnataka, Assam, Meghalaya, Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura tomorrow: MET dept
— ANI (@ANI) May 30, 2018विज्ञापन
वहीं मौसम विभाग ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि पश्चिम राजस्थान, मध्य प्रदेश में आज गर्म हवाएं चलेगी। उत्तर-प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड में आज आंधी-तूफान आ सकता है। मौसम विभाग ने कर्नाटक के तटीय क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी दी है। बिहार, उत्तराखंड और ओडिशा में गुरुवार को आंधी तूफान की संभवना जताई है।
30 मई यानि आज पूर्वी-पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश में भीषण लू चलेगी। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमलाय से सटे इलाकों में तूफान की संभावना व्यक्त की गई है। 31 मई को केरल, कर्नाटक के तटीय इलाकों, नगालैंड, मिजोरम, मेघालय और त्रिपुरा में भारी बारिश होगी। वहीं पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, ओडिशा , झारखंड उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में आंधी-तूफान की संभावना जताई है।
एक जून को केरल, दक्षिणी कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होगी वहीं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड और बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश होगी।
कर्नाटक राज्य में तेज बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। राज्य के मंगलौर जिले में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। मंगलौर के पानांबुर में बारिश के साथ-साथ हवाएं भी चल रही है।
इलाकों में पानी भरा होने के कारण लोग फंसे हुए हैं जिन्हें नाव और अन्य साधनों की सहायता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मंगलौर के अलावा राज्य के हुबली में भी तेज बारिश का कहर जारी है। दोनों ही जिलों में बचाव कार्य चल रहा है।
तेज बारिश के कारण बिगड़ते हालात को देखते हुए दक्षिण कन्नड़ से बीजेपी सांसद नलिन कुमार कतील बचाव कार्य देखने पहुंचे। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया गया है। साथ ही पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और प्रशासन की ओर से लोगों को समुद्र तट पर ना जाने की सलाह दी गई है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को दी दस्तक
आईएमडी के मुताबिक केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को दस्तक दे दी है। मानसून अपने तय समय से तीन दिन पहले आया है। इसके साथ ही देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। इसके अलावा मौसम से जुड़े विश्लेषण और पूर्वनुमान जारी करने वाली निजी कंपनी स्काईमेट ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने सोमवार को ही केरल में दस्तक दे दी थी।
स्काईमेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जतिन सिंह का कहना है, "केरल में मानसून जैसी स्थितियां हैं और हम कह सकते हैं कि वार्षिक वर्षा के मौसम का आगाज हो गया है।" इससे पहले आईएमडी ने अनुमान लगाया था कि केरल में 29 मई को मानसून प्रवेश करेगा जबकि स्काईमेट का अनुमान था कि मानसून 28 मई को प्रवेश करेगा।
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष देश में सामान्य मानसून रहने की संभावना है। देश में मानसून की औपचारिक तारीख एक जून है, लेकिन पूरे देश को कवर करने में इसे एक महीने से भी अधिक समय लग जाएगा।