हिमाचल-उत्तराखंड से यूपी, बिहार तक बारिश ने मचाई तबाही, 80 लोगों की मौत, अभी टला नहीं है खतरा
- उत्तर प्रदेश में बारिश लील रही जानें, अबतक 55 लोगों की मौत
- बिहार में बाढ़ जैसे हालात, सड़क से लेकर अस्पताल तक भरा पानी
- उत्तराखंड के आठ जिलों में अलर्ट, पहाड़ी दरकने से सड़कें बंद
- हिमाचल प्रदेश: सड़कें बाधित, आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
- महाराष्ट्र के पुणे में बारिश और बाढ़ से आफत, अबतक 21 की मौत
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विस्तार
भारी बारिश और बाढ़ से उत्तर प्रदेश में अबतक 55 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले महाराष्ट्र में 21 और हैदराबाद में तीन लोगों की जानें जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में तीन दिन से मूसलाधार बारिश जारी है और अगले दो दिन तक राहत के आसार नहीं हैं।
वहीं, दूसरी ओर बिहार भी बारिश से बेहाल है। यहां भारी बारिश के बाद सड़क से लेकर घरों तक पानी भर गया है। पटना जंक्शन समेत कई जगहों पर रेल ट्रैक पर जलजमाव हो गया। राजधानी पटना में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। वहीं, नालंदा मेडिकल कॉलेज में वार्ड और आईसीयू तक में भी पानी भर गया है। प्रदेश के 15 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
भारतीय मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आने वाले एक-दो दिनों तक बिहार और यूपी के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे तथा कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की आशंका है।
मानसून की जो स्थिति है, अभी 10 दिन तक इसके लौटने के आसार नहीं हैं। 1960 के बाद यह पहली बार है, जब मानसून इतनी देरी से अलविदा कहेगा। भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, पांच अक्तूबर तक भारी बारिश का अनुमान है। इसलिए हो सकता है कि पांच अक्तूबर तक मानसून का लौटना शुरू भी नहीं हो पाएगा।
उत्तर प्रदेश में बारिश लील रही जानें
उत्तर प्रदेश में जारी तीन दिन से मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित हो चुकी है। सूबे में बारिश से गांवों में बड़े पैमाने पर पेड़, कच्चे और जर्जर मकान धराशायी हो गए। प्रदेश में अबतक 55 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद बारिश का खतरा टला नहीं है।
पिछले 24 घंटे में अवध क्षेत्र में 15, प्रयागराज में 14, पूर्वांचल में 17, बुंदेलखंड में सात, सहारनपुर और कानपुर में एक-एक व्यक्ति ने जान गंवाई है। उधर, लगातार बारिश को देखते हुए लखनऊ प्रशासन ने शनिवार को भी इंटर तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया।
अवध क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान अमेठी जिले में हुआ जहां दीवारें गिरने से एक दंपती समेत सात लोगों की मौत हो गई। वहीं बाराबंकी में तीन, अंबेडकरनगर में दो और सीतापुर, अयोध्या व रायबरेली में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। प्रयागराज और आसपास के जिलों में सैकड़ों घर गिर गए हैं। यहां प्रतापगढ़ में घर के मलबे में दबने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से भी अधिक लोग घायल हो गए।
बिहार में नदियां उफान पर, पटना में बाढ़ जैसे हालात
बिहार बारिश से बेहाल है। नदियां उफान पर हैं। भारी बारिश के बाद सड़क से लेकर घरों तक पानी भर गया है। कई जगहों पर रेल ट्रैक पर भी पानी जमा है। राजधानी पटना में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। वहीं, नालंदा मेडिकल कॉलेज में वार्ड और आईसीयू तक में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिनों में भारी बारिश को लेकर प्रदेश के 15 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नीतीश सरकार ने पटना और भागलपुर समेत अधिकांश जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया है। पटना जंक्शन के रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण 12 से ज्यादा ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार छह ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि पांच अन्य ट्रेनों का रास्ता बदला गया।
इन जिलों में रेड अलर्ट
भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, किशनगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी और शिवहर।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर किसी भी संभावित खतरे के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने 24 घंटे खुला रहने वाले नियंत्रण कक्ष के लिए नंबर जारी किया है।
हेल्पलाइन नंबर-
0612-2294204
0612-2294205
0612-2219810
उत्तराखंड के आठ जिलों में अलर्ट, पहाड़ी दरकने से सड़कें बंद
उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार अभी अक्टूबर के पहले हफ्ते तक यही स्थिति बनी रहेगी।
मलबा जमा होने से बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया है। वहीं, थल-मुनस्यारी सड़क मार्ग पर पहाड़ी दरकने से रास्ता बंद हो गया है। नई बस्ती में लगभग 100 मीटर हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है। वहीं शनिवार को भी रास्ता बंद ही है। यहां पर पिछले एक माह से पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश: सड़कें बाधित, आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में ऊना, हमीरपुर, चंबा, मंडी, कुल्लू, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, बिलासपुर और शिमला शामिल है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से चेतावनी जारी की गई है।
मौसम में आए ताजे बदलाव के बाद अक्तूबर के पहले सप्ताह में मानसून के विदा होने की संभावना जताई है। मालूम हो कि हिमाचल में शुक्रवार को कई क्षेत्रों में बादल जमकर बरसे थे। इससे पहले प्रदेश में भारी बारिश से कई जिलों में भू-स्खलन हुआ और सड़कें बाधित हो गई।
चंबा जिले के भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे सहित आधा दर्जन मार्ग जगह-जगह भू-स्खलन से बाधित हो गए थे। ऊना जिले के जोल क्षेत्र में तूफान से मक्के की फसल तबाह हो गई है। टाहलीवाल में आसमानी बिजली गिरने से पांच ट्रांसफार्मर जल गए। इसके अलावा प्रदेश के अन्य कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ से अबतक 21 की मौत
महाराष्ट्र के पुणे जिले में बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है, जबकि पांच व्यक्ति अभी भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले दो दिन पहले तक पुणे शहर और जिले के आसपास के इलाके में भारी बारिश हुई थी, जिससे नदियों में अचानक पानी बढ़ जाने से बाढ़ आ गई।
वहीं, मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में दीवार गिरने की घटनाएं हुई। अधिकारियों के अनुसार, शहर में बारिश या बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अबतक लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, पुणे ग्रामीण पुलिस ने कहा कि शहर से इतर ग्रामीण इलाके में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति लापता है।