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हाय रे गर्मी: हीटवेव से देश में रिकॉर्ड मौतें, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा लोगों ने गंवाई जान
Fri, 21 Jun 2024 02:44 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 21 Jun 2024 02:44 PM IST
सार
हीटवेव से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि गर्मी संबंधी बीमारी और मौतों की सर्विलांस करने वाले नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने कई राज्यों के आंकड़ों को अभी तक अपडेट नहीं किया है।
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हीटवेव से बड़ी तादाद में हुईं मौतें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश के अधिकाशं हिस्से इन दिनों भयंकर गर्मी और हीटवेव से जूझ रहे हैं। इस साल गर्मी का प्रकोप इतना खतरनाक रहा कि अब तक देश में गर्मी से रिकॉर्ड 143 लोगों की जान चली गई है। साथ ही 41,789 लोग हीटस्ट्रोक से पीड़ित हुए। गौरतलब है कि यह आंकड़े 1 मार्च से लेकर 20 जून तक के हैं। हीटवेव से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि गर्मी संबंधी बीमारी और मौतों की सर्विलांस करने वाले नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने कई राज्यों के आंकड़ों को अभी तक अपडेट नहीं किया है। साथ ही कई स्वास्थ्य केंद्रों को भी हीटवेव से होने वाली मौतों का आंकड़ा अभी अपडेट करना है।
एक दिन में ही हुई 14 लोगों की मौत
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 20 जून को ही हीटस्ट्रोक के कारण 14 लोगों की मौत हुई है और नौ अन्य मौतों को लेकर भी आशंका है कि ये हीटस्ट्रोक की वजह से हुई हैं। इसके साथ ही मार्च-जून में गर्मी से मरने वालों की कुल संख्या 143 हो गई है। उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है, जहां सबसे ज्यादा 35 लोगों की मौत हुई। वहीं दिल्ली में 21, बिहार और राजस्थान में 17-17 लोगों की मौत हीटवेव से हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गर्मी को देखते हुए सभी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की है कि वे हीटवेव से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष यूनिट बनाएं। अब स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से अस्पतालों में जाकर इन विशेष यूनिट को चेक करने का निर्देश दिया है। साथ ही हीटवेव से हो रहीं मौतों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है।
क्या हैं हीटस्ट्रोक के लक्षण
देश के कई हिस्से इन दिनों 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास का तापमान झेल रहे हैं। तेज तापमान की वजह से शरीर का तापमान भी बढ़ रहा है। ज्यादा देर तक धूप में रहने के चलते हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को ज्यादा गर्मी झेलने की आदत नहीं है, उन्हें हीटस्ट्रोक की समस्या ज्यादा होती है। हीटस्ट्रोक में शरीर का तापमान 104 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है या कभी इससे ज्यादा भी हो सकता है। हीटस्ट्रोक में मरीज को सिर में तेज दर्द, सांसों का तेज चलना, उल्टी या जी मिचलाना, बोलने में दिक्कत, चक्कर आने और कन्फ्यूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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एक दिन में ही हुई 14 लोगों की मौत
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 20 जून को ही हीटस्ट्रोक के कारण 14 लोगों की मौत हुई है और नौ अन्य मौतों को लेकर भी आशंका है कि ये हीटस्ट्रोक की वजह से हुई हैं। इसके साथ ही मार्च-जून में गर्मी से मरने वालों की कुल संख्या 143 हो गई है। उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है, जहां सबसे ज्यादा 35 लोगों की मौत हुई। वहीं दिल्ली में 21, बिहार और राजस्थान में 17-17 लोगों की मौत हीटवेव से हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गर्मी को देखते हुए सभी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की है कि वे हीटवेव से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष यूनिट बनाएं। अब स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से अस्पतालों में जाकर इन विशेष यूनिट को चेक करने का निर्देश दिया है। साथ ही हीटवेव से हो रहीं मौतों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है।
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क्या हैं हीटस्ट्रोक के लक्षण
देश के कई हिस्से इन दिनों 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास का तापमान झेल रहे हैं। तेज तापमान की वजह से शरीर का तापमान भी बढ़ रहा है। ज्यादा देर तक धूप में रहने के चलते हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को ज्यादा गर्मी झेलने की आदत नहीं है, उन्हें हीटस्ट्रोक की समस्या ज्यादा होती है। हीटस्ट्रोक में शरीर का तापमान 104 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है या कभी इससे ज्यादा भी हो सकता है। हीटस्ट्रोक में मरीज को सिर में तेज दर्द, सांसों का तेज चलना, उल्टी या जी मिचलाना, बोलने में दिक्कत, चक्कर आने और कन्फ्यूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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