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Weather Updates: जून के पहले हफ्ते से इन राज्यों में नहीं सताएगी हीटवेव! जानें उत्तर भारत में कब आएगा मानसून
Mon, 03 Jun 2024 02:23 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 03 Jun 2024 02:23 PM IST
सार
रेमल चक्रवात के कारण मानसून बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ है, जिससे यह पूर्वोत्तर भारत तक पहुंच गया है, लेकिन अभी अरब सागर में कमजोर है। इसलिए मानसून के उत्तर पश्चिम तक पहुंचने में देरी हो सकती है।
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मौसम की मार
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
देश में मानसून की एंट्री के बाद भी उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ शहरों में लू का कहर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले चार से पांच दिनों तक इन क्षेत्रों में भयंकर लू की स्थिति देखी जा सकती है। हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे इसकी तीव्रता में अब कमी आएगी। जबकि पांच से छह जून के बाद हीट वेव का असर समाप्त हो जाएगा।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पांच जून से पहले ही मानसून पश्चिम बंगाल में भी प्रवेश कर चुका है और अगले दो से तीन दिन में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली समेत उत्तर भारतीय हिस्सों में चिलचिलाती गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। कई राज्यों से पांच जून से हीट वेव का असर खत्म कम होने लगेगा। चार जून से राजस्थान के छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश देखी जा सकती है। इस दौरान यहां पर तेज हवाएं भी चलने की संभावना हैं। इसके अलावा पांच और छह जून को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, दक्षिण पश्चिम मॉनसून का विस्तार अगले दो से तीन दिन में कर्नाटक के कुछ हिस्सों, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों तटीय आंध्र प्रदेश तक जा सकता है।
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रेमल चक्रवात के कारण मानसून बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ है, जिससे यह पूर्वोत्तर भारत तक पहुंच गया है, लेकिन अभी अरब सागर में कमजोर है। इसलिए मानसून के उत्तर पश्चिम तक पहुंचने में देरी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून को फिर से सामान्य होने में कुछ दिन और लगेंगे। इससे दक्षिण महाराष्ट्र और बाद में उत्तर-पश्चिम भारत में भी मानसून के प्रवेश में देरी हो सकती है। ऐसा अनुमान है कि जून माह में उत्तर पश्चिम भारत में बारिश सामान्य से कम हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात रेमल के कारण अगले पांच दिनों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश, तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
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कम हो रहा लू का प्रकोप
हालांकि इन दिनों कुछ शहरों का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानों में 45 से 46 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश के एक दो स्थानों, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी एक दो स्थानों पर तापमान 45-46 डिग्री देखा गया। जबकि झारखंड के डाल्टेनगंज में 46 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। ओडिशा में कुछ जगहों पर तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने कहा कि आने वाले तीन से चार दिनों में झारखंड और बिहार में आंधी और तेज हवाओं का दौर देखने के लिए मिल सकता है। इसके अलावा ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल के इलाकों में भी तेज हवाओं का दौर देखा जा सकता है।