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निर्देश जारी: करीब डेढ़ साल बाद सुप्रीम कोर्ट में फिर शुरू होगी कक्ष में सुनवाई
Sat, 03 Jul 2021 03:39 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 03 Jul 2021 03:39 AM IST
सार
- जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस एस. रविंद्र भट्ट की पीठ ने उत्तर प्रदेश से संबंधित एक आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिया। पीठ ने इस मामले के दोनों वकीलों को तीन सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में अदालत कक्ष में आकर आमने-सामने बहस करने के लिए कहा।
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
करीब डेढ़ साल बाद सुप्रीम कोर्ट में फिर से कक्ष के अंदर जज के सामने वकीलों की बहस देखने को मिलेगी। अदालत कक्ष के अंदर सुनवाई की शुरुआत होने वाली है। शीर्ष अदालत ने वकीलों से फिजिकल सुनवाई का हिस्सा बनने की गुजारिश की है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक मामले में न्यायिक आदेश के जरिए वकीलों को अदालत में आकर बहस करने का निर्देश भी जारी कर दिया।
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एक पीठ ने न्यायिक आदेश के जरिए एक मामले में वकीलों को अदालत में आकर बहस करने को कहा
जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस एस. रविंद्र भट्ट की पीठ ने उत्तर प्रदेश से संबंधित एक आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिया। पीठ ने इस मामले के दोनों वकीलों को तीन सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में अदालत कक्ष में आकर आमने-सामने बहस करने के लिए कहा। दोनों पक्षों के वकीलों ने भी इसकी सहमति दे दी है।
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जस्टिस राव ने कहा कि हमें कभी न कभी फिजिकल बहस की शुरुआत तो करनी पड़ेगी। यह देखते हुए कि सुप्रीम कोर्ट के लगभग सभी जज कोविड टीका ले चुके हैं। ऐसे में अब वक्त आ गया है, जब फिजिकल सुनवाई की शुरुआत की जा सकती है। जस्टिस राव ने कहा कि अब स्थिति बदल रही है और हमें अपने पुरानी तरीके को अपनाना पड़ेगा।
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मालूम हो कि गत वर्ष 23 मार्च से सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल तरीके से ही मामलों की सुनवाई हो रही है। हालांकि वकीलों की ओर से कई बार दोबारा फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। हालांकि ग्रीष्मावकाश के बाद से सुप्रीम कोर्ट के लगभग सभी जज (कुछ अपवाद को छोड़कर) अदालत कक्ष में बैठकर ही सुनवाई कर रहे हैं । लेकिन वकीलों की बहस वर्चुअल माध्यम से ही हो रही है।