सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पराली जलाना नहीं रोका तो देश 100 साल पीछे चला जाएगा
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पराली की वजह से दिल्ली एनसीआर में बने दमघोंटू माहौल से राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा आदेश सुनाया है। शीर्ष अदालत ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के छोटे व मझोले धान किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं।
अदालत ने राज्य सरकारों को सात दिनों के भीतर किसानों को राशि देने के लिए कहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इसका भुगतान केंद्र सरकार करेगी या फिर राज्य सरकार, यह फैसला बाद में लिया जाएगा। अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्य सरकारें फंड की कमी का बहाना बनाकर इससे बच नहीं सकतीं।
Air Pollution matter in Supreme Court: Court today ordered incentive of Rs 100 per quintal for small and marginal farmers from states of Punjab, Haryana and Uttar Pradesh to handle residue of non-Basmati rice crops. pic.twitter.com/v9AkX83Z3m
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 6, 2019
राज्य सरकार खरीदेंगी मशीनें
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को पराली के सही ढंग से निस्तारण के लिए मशीनें खरीदने को कहा है ताकि छोटे व मझोले किसान इसका इस्तेमाल कर सकें। किसानों के उपयोग के लिए इसका परिचालन खर्च भी सरकार को ही वहन करना होगा।किसानों को सजा देना समाधान नहीं
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने किसानों के चलान काटने पर भी आपत्ति जताई। पीठ ने कहा, 'आप गरीब किसानों को सजा देना चाहते हैं। किसानों को सजा देना कोई समाधान नहीं है। पूरा पंजाब, हरियाणा, यूपी और दिल्ली इसके लिए जिम्मेदार है। हम पूरी मशीनरी को बदलने जा रहे हैं।'...तो देश सौ साल पीछे चला जाएगा
कोर्ट के समक्ष दलील दी गई कि दो लाख किसानों को पराली जलाने से रोकना संभव नहीं है। मगर अदालत ने इसे खारिज कर दिया और कहा, 'अगर पराली जलाना एकमात्र रास्ता है, तो अब इसे बंद होना होगा। पराली जलने को रोकना होगा। अगर हम इसे नहीं रोकते हैं तो देश 100 साल पीछे चला जाएगा।'राज्य सरकारों को कड़ी फटकार
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने बुधवार को सुनवाई करते हुए सरकारों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा कि क्या आप लोगों को प्रदूषण से मरने के लिए छोड़ देंगे? क्या आप इस देश को सौ साल पीछे ले जा रहे हैं? अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन पर तुरंत कार्रवाई करने तक की चेतावनी दे डाली।शीर्ष अदालत ने पंजाब सरकार को अपनी ड्यूटी नहीं निभाने पर भी कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने पंजाब सरकार से कहा, 'आप अपनी ड्यूटी पूरी करने में बुरी तरह से फेल हुए हैं।' जस्टिस मिश्रा ने आदेश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अब कोई पराली न जले।
Air pollution matter in Supreme Court: Nobody will be spared if found violating rules and regulations, says Justice Arun Mishra https://t.co/Jy9PCMFSWh
— ANI (@ANI) November 6, 2019
पंजाब के मुख्य सचिव पर तो जस्टिस मिश्रा इस कदर गुस्सा गए कि उन्हें तुरंत निलंबित करने की चेतावनी भी दे डाली। जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि हर किसी को पता है कि इस साल भी पराली जलाई जा रही है। आखिर सरकार ने इस संबंध में पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई और क्यों मशीनें पहले मुहैया नहीं कराई गई? उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पूरे साल में कोई भी कदम नहीं उठाया गया। अदालत ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि आप महंगे टॉवरों में बैठते हो और राज करते हो। आपको कोई चिंता नहीं है और आपने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया है।