कोरोना बुलेटिन: रिकवरी रेट बढ़ा, भारत जैसे देश में हर्ड इम्यूनिटी बेहतर विकल्प नहीं
- देश में कोरोना वायरस की स्थिति पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस वार्ता
- अप्रैल में ठीक होने की दर 7.58 फीसदी थी जो आज 64.4 फीसदी हो गई
- देश में 16 राज्य ऐसे हैं जहां का रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है
- छत्तीसगढ़, बिहार समेत आठ राज्यों में मृत्यु दर एक फीसदी से भी है कम
विस्तार
देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने देश में कोरोना की स्थिति को लेकर जानकारियां दीं। भूषण ने कहा कि देश में कोरोना से ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) में सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है। अप्रैल में यह दर 7.58 फीसदी थी जो आज 64.4 फीसदी हो गई है। साथ ही कहा कि कोरोना से जंग में भारत जैसे बड़े आकार और बड़ी जनसंख्या वाले देश में हर्ड इम्यूनिटी एक बेहतर रणनीतिक विकल्प नहीं हो सकता है।
The recovery rate has shown positive trends. It was 7.85% in April and today it is 64.4%: Rajesh Bhushan, Secretary, Ministry of Health. #COVID19 pic.twitter.com/xUC4I0OeJM
— ANI (@ANI) July 30, 2020विज्ञापन
16 राज्यों का रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से ज्यादा
उन्होंने कहा कि देश के 16 राज्य ऐसे हैं जहां का रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है। इन राज्यों में दिल्ली का रिकवरी रेट 88 फीसदी, लद्दाख का 80 फीसदी, हरियाणा का 78 फीसदी, असम का 76 फीसदी, तेलंगाना का 74 फीसदी, तमिलनाडु और गुजरात का 73 फीसदी, राजस्थान का 70 फीसदी, मध्यप्रदेश का 69 फीसदी और गोवा का रिकवरी रेट 68 फीसदी है।
कोरोना से होने वाली मृत्यु की दर 2.21 फीसदी
स्वास्थ्य मंत्रालय सचिव ने देश कोरोना से होने वाली मौतों के बारे में बताया कि भारत में कोरोना वायरस की वजह से होने वाली मौत की दर (कोरोना मृत्यु दर) आज 2.21 फीसदी है। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 के मामले में भारत दुनियाभर के सबसे कम मृत्यु दर वाले देशों में से एक है। देश के 24 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना मृत्यु दर राष्ट्रीय दर से भी कम है। असम, केरल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, बिहार, गोवा और झारखंड में मृत्यु दर एक फीसदी से भी कम है।
देश में 10 लाख से अधिक मरीज ठीक हो चुके
राजेश भूषण ने कहा कि देश में 10 लाख से अधिक लोग कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके हैं और ये अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हम यह मील का पत्थर छू सके हैं क्योंकि हमारे डॉक्टरों, नर्सों और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने निस्वार्थ कार्य और समर्पण से काम किया है। उन्हीं की बदौलत हम इस स्थिति में आ सके हैं।
देश में रोज ठीक हो रहे हैं 34 हजार मरीज
मंत्रालय ने बताया कि देश में रोजाना करीब 34 हजार कोरोना से संक्रमित मरीज ठीक हो रहे हैं। देश में कोरोना के ठीक हो चुके मामले सक्रिय मामलों से 1.9 गुना ज्यादा हैं। भूषण ने कहा कि प्रभावी चिकित्सकीय प्रबंधन की वजह से देश में कोरोना वायरस से मृत्यु दर लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि जून में यह दर 3.33 फीसदी थी जो अब घटकर 2.21 फीसदी पर पहुंच गई है।
भारत जैसे बड़े देश में हर्ड इम्यूनिटी विकल्प नहीं
भूषण ने कहा कि कोरोना से जंग में भारत जैसे बड़े आकार और बड़ी जनसंख्या वाले देश में हर्ड इम्यूनिटी एक बेहतर रणनीतिक विकल्प नहीं हो सकता है। इस जंग को प्रतिरक्षा के बल पर जीता जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय को यह लगता है कि आने वाले समय में यह संभव हो सकता है लेकिन अभी हमें कोविड-19 को लेकर उचित व्यवहार और जीवनशैली अपनानी चाहिए।
हर सप्ताह बढ़ रही है रोजाना जांच की संख्या
राजेश भूषण ने देश में कोरोना वायरस जांच की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि अभी तक देश में आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजेन के माध्यम से एक करोड़, 81 लाख 90 हजार से ज्यादा जांच की जा चुकी हैं। औसत जांच प्रतिदिन की संख्या में हर सप्ताह बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। भूषण ने बताया कि देश में रोजाना प्रति दस लाख की जनसंख्या पर 324 जांच कराई जा रही हैं।
भारत की एक वैक्सीन पहले तो दूसरी दूसरे चरण में
भूषण ने कोविड-19 की संभावित वैक्सीन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तीन संभावित वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में हैं। ये तीन वैक्सीन अमेरिका, ब्रिटेन और चीन की हैं। भारत में वैक्सीन की स्थिति पर भूषण ने कहा कि भारत में दो वैक्सीन हैं, दोनों के पहले और दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो गए हैं। पहली वैक्सीन का ट्रायल आठ स्थानों पर 1150 लोगों पर हो रहा है और दूसरी वैक्सीन का ट्रायल पांच स्थानों पर 1000 लोगों पर हो रहा है।
वैक्सीन के निर्माण और उसकी उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद वैक्सीन के वितरण और प्रबंधन को नियंत्रित किए जाने पर भूषण ने कहा कि सरकार के अंदर और बाहर कई हितधारक हैं जो इसमें रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने भी सक्रिय रूप से ऐसे हितधारकों के साथ संपर्क शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद इसे लोगों तक पारदर्शी व्यवस्था से पहुंचाया जाएगा।