स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेसवार्ता: देश में रोजाना सामने आ रहे कोरोना के औसतन 44 हजार मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इसमें मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने देश में कोरोना संक्रमण के हालात, टीकाकरण और ठीक होने की दर आदि को लेकर अहम जानकारियां साझा कीं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि कोविड-19 की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है, इसलिए लापरवाही न बरतें।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस के मामलों की पीक के बाद सक्रिय मामलों में 86 फीसदी की गिरावट गेखी गई है। क्लीनिकल प्रबंधन पर फोकस जारी रखने से रिकवरी रेट अब 97 फीसदी के आस-पास आ गया है। तीन मई को यह 81.1 फीसदी था। उन्होंने बताया कि देश के 71 जिले ऐसे हैं जहां पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से अधिक है।
अग्रवाल ने बताया कि हमने पिछले सप्ताह के मुकाबले कोविड-19 के मामलों में 13 फीसदी की कमी दर्ज की है। औसतन देश में कोरोना वायरस संक्रमण के रोजाना 46 हजार मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में अभी तक 34 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना रोधी टीके की खुराक दी जा चुकी है। हमारे बाद अमेरिका (32.8 करोड़ खुराकें) और ब्रिटेन (7,79 करोड़ खुराकें) हैं।
There has been a decline of 86% in active cases since the peak. Under the continued focus of clinical management, the recovery rate, which was at 81.1% on May 3rd, is now at around 97%: Lav Aggarwal, Joint Secretary, Health Ministry pic.twitter.com/qDYixURTUq
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 2, 2021
उन्होंने कहा कि देश में 21 जून से औसतन 50 लाख लोगों को टीके की रोज खुराक दी जा रही है जो कि दैनिक तौर पर नार्वे की समूची आबादी के टीकाकरण के समान है। देश में करीब 80 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी, अग्रिम मोर्चे के 90 फीसदी कर्मी टीके की दोनों खुराकें ले चुके हैं। अग्रवाल ने कहा कि देश के 71 जिलों में 23 से 29 जून के के बीच कोविड संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक थी।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने बताया कि देश के 12 राज्यों में डेल्टा ए प्लस (डेल्टा एवाई.1) से संक्रमण के 56 मामले हैं। उन्होंने कहा कि हम जॉनसन एंड जॉनसन की एक खुराक वाले टीके को लेकर उनसे बातचीत कर रहे हैं। उनकी वैक्सीन का उत्पादन बाहर हो रहा है। योजना के अनुसार, इस वैक्सीन का उत्पादन भी हैदराबाद के बायोलॉजिकल ई में किया जाएगा।