केंद्र ने चेताया : लापरवाही नहीं बरतें, कोविड-19 महामारी खत्म नहीं हुई, महाराष्ट्र की स्थिति चिंताजनक
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में कोविड-19 के सक्रिय मामलों में बढ़ोतरी पर चिंता प्रकट की है। देशवासियों को सावधान और सतर्क रहने तथा लापरवाही नहीं बरतने की सलाह देते हुए कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की स्थिति को ‘‘चिंताजनक’ बताया। 15 से 21 मार्च तक नागपुर में लॉकडाउन का हवाला देते हुए कहा कि हम ऐसे हालात में पहुंच रहे हैं जहां संक्रमण रोकने के लिए फिर से ये कदम उठाए गए हैं।
वायरस को हल्के में न लें
पॉल ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में मामलों में बढ़ोतरी पर हम बहुत चिंतित हैं। इस वायरस को हल्के में नहीं लें। यह अनपेक्षित रूप से आ सकता है। अगर हमें संक्रमण से मुक्त रहना है तो कोविड-19 के संदर्भ में उचित तौर-तरीका, रोकथाम रणनीति अपनाने के साथ टीकाकरण का रास्ता अपनाना होगा।’’
इन उपायों की दी सलाह
- ऐसे जिले जहां पर कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं वहां पर पात्र लोगों के टीकाकरण के काम में तेजी लाएं।
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी संक्रमण दर बढ़ रही है। यही हाल गुरुग्राम, फरीदाबाद और गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद का भी है।
- सावधान रहें, सतर्क रहें। अब भी बड़ी आबादी के संक्रमित होने का खतरा है।
महाराष्ट्र में संक्रमण बढ़ने की वजह नया वायरस नहीं
यह पूछने पर कि क्या महाराष्ट्र में मामलों में वृद्धि के लिए क्या कोरोना वायरस का बदला हुआ स्वरूप जिम्मेदार है? भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि यह कारण नहीं है। जांच और संक्रमितों के संपर्क का पता लगाने में कमी, कोविड-19 को लेकर उचित तौर तरीका नहीं अपनाने और बड़ा जमावड़ा कारण है।
यहां सबसे ज्यादा सक्रिय मरीज
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि महाराष्ट्र के नागपुर, पुणे, ठाणे, मुंबई, अमरावती, जलगांव, नासिक और औरंगाबाद, कर्नाटक में बंगलुरू शहरी, केरल के एर्नाकुलम, जिलों में कोविड-19 के सबसे ज्यादा उपचाराधीन मरीज हैं।
महाराष्ट्र में एक लाख सक्रिय केस
2.43 करोड़ लोगों को लगा कोरोना का टीका
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत ने अब तक 2.43 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी है। वैक्सीन की 71 फीसदी खुराक सरकारी अस्पतालों में दी गई है और 28.77 फीसदी खुराक प्राइवेट अस्पतालों में।
वैक्सीन की कोई कमी नहीं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे बताया कि देश में कोरोना वायरस वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। राज्यों को कितनी वैक्सीन देनी है? इसका फैसला स्वास्थ्य मंत्रालय दैनिक आधार पर करता है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि हमने वैक्सीन की कीमत पर फिर से बातचीत की है। उम्मीद है कि लोगों को जल्द ही इसमें भी राहत मिलेगी।