{"_id":"5ebe812b62daaa44ff7148c0","slug":"health-ministry-not-satisfied-with-efficacy-of-remdesivir-favipiravir-to-fight-covid-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड-19ः एंटीवायरल दवाई रेमेडिसविर और फेवीपिरवीर को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय संतुष्ट नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोविड-19ः एंटीवायरल दवाई रेमेडिसविर और फेवीपिरवीर को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय संतुष्ट नहीं
Fri, 15 May 2020 05:19 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Fri, 15 May 2020 05:19 PM IST
विज्ञापन
corona sample
- फोटो : PTI
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कोविड-19 से लड़ने में एंटीवायरल ड्रग्स रेमेडिसविर और फेवीपिरवीर की प्रभावशीलता को लेकर पूरी तरह से अभी संतुष्ट नहीं है। दवा के उपयोग पर चर्चा के लिए आईसीएमआर, एनसीडीसी, डीसीजीआई, विश्व स्वास्थ्य संगठन, एम्स, डीजीएचएस और पशुपालन मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई।
विज्ञापन
एएनआई ने एक आधिकारिक बयान के हवाले से कहा कि तकनीकी समिति ने इन दो एंटीवायरल दवाओं को कोविड-19 के उपचार में उपयोग के लिए फिट नहीं पाया है। क्योंकि दवाओं के प्रभाव को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत अभी तक सामने नहीं आया है। जिन देशों ने इन दो एंटीवायरल ड्रग्स का इस्तेमाल किया है। वहां कोरोना वायरस के रोगियों पर इसके अच्छे परिणाम नहीं दिखे हैं।
विज्ञापन
इन दो दवाओं की वजह से ना ही तो मृत्यु दर में कमी आई है और ना ही इससे मरीजों के ठीक होने की अवधि में सुधार नजर आया है। बयान मे कहा गया कि अभी तक हम केवल चयनित व्यक्तियों को कोविड-19 के प्रोफिलैक्सिस के रूप में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की सलाह देते हैं।
विज्ञापन
भारत की प्रमुख दवा कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने गिलीड साइंसेज के साथ कोविड-19 के इलाज की संभावित दवा ‘रेमेडिसविर’ के विनिर्माण और वितरण के लिए गैर-विशेष लाइसेंसिंग समझौता किया है। अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (एफडीए) ने कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए इस दवा को आपातकालीन उपयोग की स्वीकृति दी है।