{"_id":"62b1a6ff867eac6aac3d9750","slug":"health-minister-of-kerala-justified-the-suspension-of-doctors-said-lapse-in-treatment-of-common-people-not-accepted","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: प्रत्यारोपण के दौरान मौत पर डॉक्टरों के निलंबन को स्वास्थ्य मंत्री ने सही ठहराया, बोलीं- आम लोगों के इलाज में चूक स्वीकार नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: प्रत्यारोपण के दौरान मौत पर डॉक्टरों के निलंबन को स्वास्थ्य मंत्री ने सही ठहराया, बोलीं- आम लोगों के इलाज में चूक स्वीकार नहीं
Tue, 21 Jun 2022 05:43 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 21 Jun 2022 05:43 PM IST
सार
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नेफ्रोलाजी और यूरोलॉजी विभाग के प्रमुखों को किडनी प्रत्यारोपण में समन्वय की कमी के लिए सोमवार को निलंबित कर दिया गया था जिसके बाद इस मामले पर बड़ा विवाद शुरू हो गया था।
विज्ञापन
केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों के निलंबन को ठहराया जायज
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केरल में प्रत्यारोपण रोगी की मौत के बाद दो डॉक्टरों के निलंबन के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले पर राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज का मंगलवार को बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के निलंबन को जायज ठहराया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आम लोगों के इलाज में कोई भी चूक स्वाकार्य नहीं है। रोगी का जीवन मुख्य रूप से डॉक्टर की जिम्मेदारी है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नेफ्रोलाजी और यूरोलॉजी विभाग के प्रमुखों को किडनी प्रत्यारोपण में समन्वय की कमी के लिए सोमवार को निलंबित कर दिया गया था जिसके बाद इस मामले पर बड़ा विवाद शुरू हो गया था।
डॉक्टरों के निलंबन के खिलाफ डॉक्टर्स यूनियन ने कड़ा विरोध जताया। इस विरोध के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि निलंबन कोई सजा नहीं थी बल्कि जांच की सुविधा के लिए की गई कार्रवाई थी।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री ने सवाल करते हुए कहा कि जहां तक सरकार स्वास्थ्य विभाग का सवाल है, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आने वाले हर मरीज का जीवन महत्वपूर्ण है। अगर डॉक्टरों की कोई जिम्मेदारी नहीं है तो इसके लिए और कौन जिम्मेदार होना चाहिए?
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में व्यवस्था में खामियां होने का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इसे और जारी नहीं रखा जा सकता औऱ सरकार इसे किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी।
उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों की शिकायत को भी दोहराया कि अस्पताल के कर्मचारियों के अलावा कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने कटे हुए अंग वाले बॉक्स को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाया था।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आम लोगों के इलाज में कोई भी चूक स्वाकार्य नहीं है। रोगी का जीवन मुख्य रूप से डॉक्टर की जिम्मेदारी है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नेफ्रोलाजी और यूरोलॉजी विभाग के प्रमुखों को किडनी प्रत्यारोपण में समन्वय की कमी के लिए सोमवार को निलंबित कर दिया गया था जिसके बाद इस मामले पर बड़ा विवाद शुरू हो गया था।
विज्ञापन
डॉक्टरों के निलंबन के खिलाफ डॉक्टर्स यूनियन ने कड़ा विरोध जताया। इस विरोध के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि निलंबन कोई सजा नहीं थी बल्कि जांच की सुविधा के लिए की गई कार्रवाई थी।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री ने सवाल करते हुए कहा कि जहां तक सरकार स्वास्थ्य विभाग का सवाल है, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आने वाले हर मरीज का जीवन महत्वपूर्ण है। अगर डॉक्टरों की कोई जिम्मेदारी नहीं है तो इसके लिए और कौन जिम्मेदार होना चाहिए?
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में व्यवस्था में खामियां होने का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इसे और जारी नहीं रखा जा सकता औऱ सरकार इसे किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी।
उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों की शिकायत को भी दोहराया कि अस्पताल के कर्मचारियों के अलावा कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने कटे हुए अंग वाले बॉक्स को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाया था।