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Parliament: देश में 14 करोड़ से ज्यादा महिलाओं की स्तन कैंसर जांच हुई, लोकसभा में बोले स्वास्थ्य मंत्री नड्डा

Fri, 07 Feb 2025 03:29 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 07 Feb 2025 03:29 PM IST
सार

सरकार ने साल 2018 में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की जांच और प्रबंधन और मरीजों की निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल की शुरुआत की थी।

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health minister jp nadda said in parliament over 14 crore women screened for breast cancer
जेपी नड्डा - फोटो : संसद टीवी

विस्तार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि देश में 14 करोड़ से ज्यादा महिलाओं की स्तन कैंसर की जांच की गई है। जांच के दौरान 57,184 महिलाओं में इस बीमारी का पता चला, जिनमें से 50,612 का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल के आंकड़ों का हवाला देते हुए ये भी बताया कि देश में नौ करोड़ से अधिक महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जांच की गई है। जिनमें से 96,747 महिलाओं में इस बीमारी का पता चला और 86,196 का इलाज चल रहा है।

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गैर संचारी रोगों की जांच के लिए शुरू किया गया एनसीडी पोर्टल
सरकार ने साल 2018 में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की जांच और प्रबंधन और मरीजों की निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल की शुरुआत की थी। एनसीडी बीमारियों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख कैंसर, स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं। इस पोर्टल का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य संवर्धन, शीघ्र निदान, प्रबंधन और उचित स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रेफरल पर ध्यान केंद्रित करना था। इस कार्यक्रम के तहत, देश भर में 770 जिला एनसीडी क्लीनिक, 233 कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू), 372 जिला डे केयर सेंटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 6410 एनसीडी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।
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देश में 2450 बाल देखभाल गृह
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने शुक्रवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में बताया कि देशभर में 2450 बाल देखभाल संस्थान हैं और उनमें से 199 में विशेष जरूरत वाले बच्चों की देखभाल की जाती है। उन्होंने बताया कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए कोई संस्थान नहीं है। ठाकुर ने कहा कि मिशन वात्सल्य के तहत देश भर में बाल देखभाल संस्थान और विशेष जरूरत देखभाल केंद्र काम कर रहे हैं। मिशन वात्सल्य के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 50 बच्चों की क्षमता वाले सीसीआई में विशेष जरूरतों वाले 10 बच्चों के लिए एक विशेष इकाई हो सकती है। इसी तरह, 25 बच्चों की क्षमता वाले सीसीआई में पांच बच्चों के लिए एक विशेष इकाई हो सकती है। महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, गुजरात और ओडिशा उन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हैं, जिनके पास विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए कोई सीसीआई नहीं है।
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महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भीख मांगने की रोकथाम के लिए विभिन्न अधिनियम बनाए हैं। एक अन्य सवाल का उत्तर देते हुए अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि दिसंबर 2024 के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 5 वर्ष तक की आयु के केवल 7.50 करोड़ बच्चे ही आंगनवाड़ी में नामांकित हैं और पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत हैं। इनमें से 7.18 करोड़ बच्चों की ऊंचाई और वजन के विकास मापदंडों पर माप की गई। इनमें से 39.68 प्रतिशत बच्चे बौने, 17.22 प्रतिशत कम वजन वाले और 5.5 प्रतिशत कमजोर पाए गए।

आयुष्मान योजना : 1,114 अस्पतालों को पैनल से हटाया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के कार्यान्वयन में धोखाधड़ी करने वाले 1,114 अस्पतालों को पैनल से बाहर कर दिया गया है। वहीं, 1,504 दोषी अस्पतालों पर 122 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने और 549 अस्पतालों को निलंबित करने सहित जरूरी कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत 1 जनवरी तक 1.19 लाख करोड़ रुपये के खर्च से 8.59 करोड़ मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति दी गई है

भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी के मामले में हस्तक्षेप करे केंद्र : द्रमुक
द्रमुक सदस्यों ने श्रीलंकाई नौसेना की तरफ से तमिलनाडु के मछुआरों को गिरफ्तार करने का मुद्दा लोकसभा में उठाकर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की। द्रमुक सदस्यों ने प्रश्नकाल के तुरंत बाद इस मुद्दे पर नारेबाजी की। पार्टी सांसद कनिमोझी ने दावा किया कि राज्य के मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा परेशान किया जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है तथा उनमें से 97 से अधिक मछुआरे पड़ोसी देश की जेलों में बंद हैं। मछुआरों के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया। द्रमुक, कांग्रेस और वाम दलों के सांसदों ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। 

राज्यसभा में सांसदों ने 50 निजी सदस्य विधेयक किए पेश
राज्यसभा में गैर-विधायी कामकाज के दौरान सदस्यों ने पॉक्सो कानून में संशोधन, एआई के उपयोग और इसके कार्यान्वयन को लेकर कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के अलावा ऑनलाइन हेटस्पीच, डीपफेक के बढ़ते खतरे जैसे मुद्दों पर करीब 50 निजी सदस्य विधेयक पेश किए। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और राजद के मनोज झा ने संसद के दोनों सदनों की निर्धारित संख्या में बैठकें अनिवार्य करने के लिए दो अलग-अलग विधेयक पेश किए। एनसीपी-एसपी की फौजिया खान ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण विधेयक 2025 पेश करते हुए कहा कि यह आज की जरूरत है।

देश में 2,450 बाल देखभाल गृह, 199 विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देशभर में 2,450 बाल देखभाल संस्थान (सीसीआई) हैं। इनमें से 199 विशेष जरूरतों वाले बच्चों की देखभाल के लिए हैं। लोकसभा में उन्होंने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए ऐसी कोई संस्था नहीं है। मिशन वात्सल्य के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 50 बच्चों की क्षमता वाले सीसीआई में विशेष आवश्यकता वाले 10 बच्चों के लिए एक विशेष इकाई हो सकती है। इसी प्रकार, 25 बच्चों की क्षमता वाले सीसीआई में पांच बच्चों के लिए एक विशेष इकाई हो सकती है।

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