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Lok Sabha: बजट भी खर्च नहीं कर सका स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन, संसदीय समिति ने लोकसभा में पेश की रिपोर्ट
Tue, 21 Mar 2023 05:56 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 21 Mar 2023 05:56 AM IST
सार
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने अपनी 144वीं रिपोर्ट में कहा कि विभाग अपने बजट अनुमान आवंटन का करीब 20 फीसदी ही उपयोग कर पाया है। 2021-22 इस योजना के कार्यान्वयन का दूसरा साल है।
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Ayushman Bharat Yojana
- फोटो : iStock
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विस्तार
पीएम-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन वित्तीय वर्ष 2022-23 में योजना के लिए आवंटित धन को खर्च करने में नाकाम रहा है। यह बात एक संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कही है।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने अपनी 144वीं रिपोर्ट में कहा कि विभाग अपने बजट अनुमान आवंटन का करीब 20 फीसदी ही उपयोग कर पाया है। 2021-22 इस योजना के कार्यान्वयन का दूसरा साल है।
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यहां रही कमी
समिति ने कहा कि विभाग को प्रारंभिक कार्य करना चाहिए था। नई योजना के व्यय के रास्ते पहले ही खोज लेने चाहिए, ताकि आवंटित धन अप्रयुक्त न रह जाए। समिति ने कहा कि इस योजना की अवधि 2021-22 से 2025-26 तक ही है। डीएचआर/आईसीएमआर की सभी 730 जिलों में जैव सुरक्षा तैयारी, एकीकृत स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना जैसी योजना के प्रमुख घटकों को लागू करने में एक प्रमुख भूमिका है।
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बजट घटाया, उसका भी पूरा नहीं हुआ इस्तेमाल
इसमें कहा गया है कि बजट अनुमान 2022-23 में इस योजना के लिए 690.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे संशोधित अनुमान 2023-24 में घटाकर 378.27 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस घटे हुए बजट में से विभाग अब तक केवल 135.56 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया है यानी 242.71 करोड़ रुपये की राशि अभी भी इस्तेमाल नहीं की जा सकी है।
कई प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हुए
समिति ने पाया कि योजना के तहत वन हेल्थ संस्थान, नागपुर, चार क्षेत्रीय एनआईवी और डब्ल्यूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया आठ क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय अनुसंधान प्लेटफॉर्म जैसे अहम प्रोजेक्ट अभी तक शुरू नहीं हुए हैं। योजना के अवधि में केवल तीन वर्ष शेष हैं, ऐसे में विभाग अपनी परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा से चूकने का जोखिम नहीं उठा सकता है अन्यथा इससे धनहानि के साथ समय सीमा भी प्रभावित होगी।