फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Health expert says there is little chance of a fourth wave in India, Because natural immunity has been developed in people

चौथी लहर की आशंका: इन दो कारणों ने रोकी है संक्रमण की रफ्तार, मास्क हटाने की गलती पड़ सकती है भारी

Wed, 30 Mar 2022 04:54 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 30 Mar 2022 04:54 PM IST
सार

देश में कोरोना की चौथी लहर की आशंका को लेकर अमर उजाला ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड डॉ. जुगल किशोर से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में फिलहाल चौथी लहर की आशंका नहीं हैं। क्योकि देश में लोगों अधिकांश लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी विकसित हो गई है। जो इंसान के शरीर में संक्रमित होने के बाद पैदा होती है...

विज्ञापन
Health expert says there is little chance of a fourth wave in India, Because natural immunity has been developed in people
कोरोना टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण अब भी कम नहीं हुआ है। दक्षिण कोरिया और चीन समेत 15 एशियाई देशों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई देशों में सख्त लॉकडाउन का लगाया जा रहा है तो कुछ देशों में संक्रमण के कारण मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बार-बार सवाल उठ रहा है कि क्या भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस की चौथी लहर दस्तक दे सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चौथी लहर की आशंका बहुत कम है। क्योंकि इस रोकने के लिए लोगों में प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता तैयार हो गई है जो इंसान के शरीर में संक्रमित होने के बाद बाद पैदा होती है। जबकि भारत में वैक्सीनेशन तेजी से किया जा रहा है। अब तक भारत में 18 साल से ज्यादा आबादी की 95 फीसदी आबादी को टीके की दोनों खुराक लग चुकी है। जिससे भारत में चौथी लहर का खतरा बेहद कम है।  

विज्ञापन


देश में कोरोना की चौथी लहर की आशंका को लेकर अमर उजाला ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड डॉ. जुगल किशोर से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में फिलहाल चौथी लहर की आशंका नहीं हैं। क्योकि देश में लोगों अधिकांश लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी विकसित हो गई है। जो इंसान के शरीर में संक्रमित होने के बाद पैदा होती है। सीरो सर्वे कहते हैं कि देश की 90 फीसदी आबादी संक्रमित हो चुकी है। यानी उनमें एंटीबॉडी है। संक्रमित होने के बाद 6 से 12 महीने तक दोबारा संक्रमण की आशंका बेहद कम रहती है। दूसरा अहम कारण वैक्सीनेशन। भारत में 18 साल से ज्यादा की 95 फीसदी आबादी को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुकी हैं। इसलिए हमें खतरा कम है। हालांकि सभी कोविड प्रोटोकॉल अभी नहीं छोड़ने चाहिए। केस कम होते देख मास्क हटाने की गलती हम पर भारी पड़ सकती है।
विज्ञापन


भारत के लिए क्या चौथी लहर चिंता की बात नहीं है, इस सवाल पर किशोर बताते हैं कि फिलहाल यह समझना बेहद जरूरी है कि अभी कोरोना पूरी तरह से गया है। सिर्फ उसका प्रचार सीमित हो गया है। दुनिया के किसी भी कोने में वायरस होता है तो पूरी दुनिया के लिए खतरा बना रहता है। क्योंकि, वायरस लगातार म्यूटेट होता है। म्यूटेशन हमेशा मरीज के शरीर में होता है। जब तक वायरस को संक्रमित करने के लिए नए शरीर मिलते रहेंगे, म्यूटेशन का खतरा बना रहेगा। लेकिन, भारत में इसकी आशंका भी अभी कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नए स्ट्रेन बीए.2 से कोरोना फैल रहा है। क्या इसका असर भारत पर होगा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया, चीन, हांगकांग आदि में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसकी वजह ओमिक्रॉन वैरिएंट है, जो भारत में संक्रमण की तीसरी लहर ला चुका है। ओमिक्रॉन ने करीब-करीब सभी लोगों को अपना शिकार बनाया। तीसरी लहर के दौरान बीए.2 मिलता रहा है, इसलिए इसकी वजह से भारत में चौथी लहर नहीं आ सकती। गौर करने वाली बात यह है कि चीन और दक्षिण कोरिया में अभी तक ज्यादातर आबादी को कोविड नहीं हुआ था। जबकि, भारत में हो चुका है। इसलिए वहां मरीज बढ़ रहे हैं, यहां नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed