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घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संक्रमण के सामुदायिक प्रसार की पुष्टि: विशेषज्ञ
Tue, 02 Jun 2020 08:49 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 02 Jun 2020 08:49 AM IST
सार
विशेषज्ञों ने पीएम को लिखे पत्र में कहा... शुरुआत में सलाह लेते तो, नहीं बिगड़ते हालात
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विशेषज्ञों ने देश में कोरोना के सामुदायिक स्तर पर फैलने की पुष्टि की
- फोटो : PTI
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विस्तार
एम्स के डॉक्टरों और आईसीएमआर के विशेषज्ञों के एक 16 सदस्य दल ने देश में कोविड-19 संक्रमण का सामुदायिक प्रसार शुरू होने के प्रति आगाह किया है। उनका दावा है कि देश के कई बड़े हिस्सों खासतौर से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यह पूरी तरह स्थापित हो चुका है। विशेषज्ञों ने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी है। हालांकि सरकार अब तक दावा करती रही है कि सामुदायिक प्रसार से देश अभी दूर है।
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दुनिया भर में कोरोना से बुरी तरह प्रभावित देशों की सूची में भारत सातवें पायदान पर पहुंच चुका है। पीएम को सौंपी रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा देश में कोविड-19 महामारी के मौजूदा स्तर को देखते हुए इस बात की उम्मीद अवास्तविक है कि इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। संक्रमण का सामुदायिक संचरण एक बहुत बड़े क्षेत्र में पहले ही शुरू हो चुका है।
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विशेषज्ञों ने कहा देशव्यापी कड़े लॉक डाउन से अपेक्षा थी कि योजनाबद्ध तरीके से एक समय के अंतराल में बीमारी पर काबू पाया जाए और मामलों को बढ़ने से रोका जाए साथ ही ऐसा प्रबंधन किया जाए कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली प्रभावित न हो। विशेषज्ञों की राय है कि ऐसा हुआ भी हालांकि लॉकडाउन के चौथे चरण में अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को असाधारण सुविधा और व्यवधान भी हुआ।
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रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, अगर सरकार ने कोरना से जंग के लिए नीतियां तय करने से पहले महामारीविदों और विशेषज्ञों से राय ली होती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। सरकार को सलाह देने वाले लोगों में अनुभव की कमी थी जिस कारण यह स्थिति हुई। उदाहरण के तौर पर अगर लॉक डाउन से पहले किसानों को घर वापस जाने की अनुमति दी जाती, तो पूरी योजना के साथ उन्हें भेजा जा सकता था लेकिन अब देश के हर कोने में जिस तरह मजदूर पहुंच रहे हैं इससे गांव कस्बों और शहरों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।
3 दिन में 20,000 से ज्यादा की छुट्टी
30 मई को ही 11,000 से ज्यादा मरीज घर लौटे थे। 31 मई को 4,835 को छुट्टी दी गई 3 दिन में 20,000 से ज्यादा स्वस्थ हो चुके हैं जिसके 30 नए मरीज मिल रहे हैं उसी रफ्तार से मरीज ठीक भी हो रहे हैं। हालांकि अमेरिका के बाद भारत में सबसे ज्यादा 8,944 संक्रमित गंभीर हालत में हैं।
11 बिंदुओं पर एक्शन प्लान बनाने की अपील
विशेषज्ञों ने सरकार से 11 बिंदुओं पर एक्शन प्लान तैयार करने की अपील की है। इसमें लॉकडाउन को क्लस्टर जोन तक सीमित रखने के अलावा वायरस से जुड़े तमाम आंकड़ों को सार्वजनिक करने, राज्य व केंद्र के स्तर पर विशेषज्ञों का पैनल गठित करने, सभी चिकित्सा सेवाओं को शुरू करने के साथ-साथ सर्विलांस टेस्टिंग और आइसोलेशन पर बेहद फोकस करने की सलाह दी है।
पत्र भेजने वालों में यह विशेषज्ञ शामिल...
रिपोर्ट सौंपने वाली 16 सदस्यीय संयुक्त कोविड-19 टास्क फोर्स स्वास्थ्य मंत्रालय के पूर्व सलाहकार डॉ एसी धारीवाल एंड के सामुदायिक चिकित्सा विभाग अध्यक्ष डॉक्टर शक्तिकांत, बीएचयू के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ डीसीएसडी आईपीएचए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय के राय, पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व प्रोफेसर डॉ राजेश कुमार समेत अन्य नामचीन विशेषज्ञ शामिल हैं।